Indore : दवा के रिएक्शन को मंकी पॉक्स समझ लिया

इंदौर, मध्यप्रदेश : डाइबिटिज की दवा से हुआ रिएक्शन, पूर्व में भी हो चुका है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने लिया जांच के लिए सेंपल।
दवा के रिएक्शन को मंकी पॉक्स समझ लिया
दवा के रिएक्शन को मंकी पॉक्स समझ लियासांकेतिक चित्र

इंदौर, मध्यप्रदेश। देश में मिल रहे मंकी पॉक्स मरीजों के बीच, इंदौर में भी इस बीमारी की एक संदिग्ध महिला मिलने से स्वास्थ्य विभाग में बुधवार सुबह हड़कंप मच गया। महिला के हाथ और पीठ में चकते उभरे हुए थे। जिंसी क्षेत्र में रहने वाली महिला एक निजी क्लीनिक पहुंची और उसने बताया कि उसमें मंकी पॉक्स के लक्षण हैं। तुरंत निजी क्लीनिक के संचालक ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी।

जैसे ही यह खबर स्वास्थ्य विभाग में पहुंची, पूरा विभाग हरकत में आ गया। स्वयं सीएमएचओ महिला के घर पहुंच गए और महिला का डॉक्टरों की टीम ने परीक्षण किया, तो यह बात साफ हो गई कि महिला को मंकी पॉक्स नहीं है। वो मधुमेह यानि शुगर से पीड़ित है और जब भी इंसुलिन बदल जाता है या डोज गड़बड़ा जाता है, तो महिला को इस तरह से चकते उभर आते हैं। महिला को पिछले दिनों अप्रैल में और इसके पूर्व भी इस तरह का रिएक्शन हो चुका है।

टीम ने महिला का किया परीक्षण :

स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज की टीम ने महिला का बरीकी से परीक्षण किया। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल नागर ने इस बात की पुष्टि की कि महिला को मंकी पॉक्स नहीं है। दवाओं के रिएक्शन के कारण महिला के शरीर पर यह निशान पड़े हैं। एहतियात के तौर पर महिला के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे भेजे जाएंगे, ताकि कोई शक-शुभा नहीं रहे। सेंपल लेने के बाद महिला को घर में ही आइसोलेट कर दिया गया है। सीएमएचओ बी.एस. सेत्या ने भी चर्चा में बताया कि इंदौर में मंकीपॉक्स का एक भी कन्फर्म केस नहीं आया है। वे स्वयं महिला से मिलकर आए हैं। मंकीपॉक्स की बात निराधार है। 55 साल की महिला डायबिटीज की मरीज है। उसे ऐसा रिएक्शन होता रहता है। इसके पहले भी अप्रैल महीने में रिएक्शन हुआ था। उसके परिवार से मिलकर चर्चा भी की है। निजी क्लिनिक में पहुंचने के बाद सभी को लग रहा था कि महिला में मंकीपॉक्स के लक्षण है। महिला भी लक्षण को लेकर डरी हुई है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि महिला संदिग्ध मरीज भी नहीं है, क्योंकि संदिग्ध उन्हें माना जाता है, जो लोग जो पिछले 21 दिनों में मंकीपॉक्स से ग्रस्त देशों की यात्रा कर लौटे हैं और उनमें बीमारी के लक्षण हैं, उन्हें संदिग्ध मरीजों की लिस्ट में शामिल किया जाएगा। लक्षणों में शरीर पर मवाद से भरे दाने, तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और सूजी हुई लिंफ नोड्स शामिल हैं। संदिग्ध मरीज किसी भी उम्र या जेंडर का हो सकता है।

राहत की ली सांस, सतर्कता बढ़ाई :

महिला में भले ही मंकी पॉक्स के लक्षण नहीं मिले हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर और अधिक सतर्कता बढ़ा दी है। आईडीएसपी के नोडल अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वो लगातार निजी अस्पतालों, क्लीनिक को इस संबंध में आगाह करते रहे कि संदिग्ध केस मिलने पर तुरंत इसकी सूचना विभाग को भेजी जाए। उल्लेखनीय है कि देश में कई शहर में मंकी पॉक्स के केस मिल चुके हैं और केरल में एक मौत भी हो चुकी है। यह भी सत्य है कि देश में कहीं भी कोई मामला सामने आता है, तो इंदौर में उस बीमारी का मरीज या संदिग्ध जरूर मिल जाता है।

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