Indore : कौटिल्य एकेडमी और डिजीयाना समूह पर आयकर विभाग की कार्यवाही
कौटिल्य एकेडमी और डिजीयाना समूह पर आयकर विभाग की कार्यवाहीSyed Dabeer Hussain - RE

Indore : कौटिल्य एकेडमी और डिजीयाना समूह पर आयकर विभाग की कार्यवाही

इंदौर, मध्यप्रदेश : आयकर विभाग ने गुरुवार सुबह एक साथ कई जगह इनवेस्टिगेशन शुरु की। इसमें शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी कोचिंग क्लास कौटिल्य एकेडमी के 15 परिसरों में छापे मारे गए।

इंदौर, मध्यप्रदेश। आयकर विभाग ने गुरुवार सुबह एक साथ कई जगह इनवेस्टिगेशन शुरु की। इसमें शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी कोचिंग क्लास कौटिल्य एकेडमी के 15 परिसरों में छापे मारे गए, तो वहीं डिजीयाना समूह पर भी सुबह से इंदौर और भोपाल के परिसरों में छापे की कार्रवाई की गई। सूत्रों की माने तो कोचिंग संचालकों के यहां अभी तक की सबसे बड़ी टैक्स चोरी यहां उजागर हो सकती है। सूत्र बता रहे हैं कि 50 करोड़ से अधिक की कर चोरी का मामला उजागर होने की संभावना है। वहीं कुछ बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी कौटिल्य एकेडमी के संचालक के यहां से जब्त हुए है। वहीं एक और परिसर डिजीयाना के निवास और कार्यालय पर इंदौर और भोपाल में कार्रवाई की गई। यह समूह खनिज के अलावा मीडिया कारोबार में भी अपनी पहचान रखता है। हालांकि आधिकारिक रुप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि शिक्षण संस्थान और मीडिया समूह ने कर चोरी की है या नहीं, लेकिन सूत्रों की मानें तो कर चोरी का बड़ा मामला सामने आ सकता है।

इंस्टिट्यूट में आए स्टूडेंट्स को वापस लौटाया :

100 से अधिक अधिकारी सुबह से इंदौर के अधिकारियों के साथ छापे की कार्रवाई में शामिल किए गए। यह कार्यवाही शहर की विभिन्न ब्रांचों के अलावा संचालक श्रीधांत जोशी के विद्यानगर स्थित निवास पर भी की गई। प्रारंभिक तौर पर कितने की टैक्स चोरी हुई या नहीं हुई, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार इंदौर में सुबह 6 बजे कौटिल्य एकेडमी के भंवरकुआ स्थित इंस्टिट्यूट पर आयकर विभाग के अधिकारी पहुंचे। इस दौरान एक टीम बस में सवार थी। टीम ने पूरे ऑफिस की छानबीन शुरू की। कुछ देर बाद सुबह इंस्टिट्यूट में स्टूडेंट्स का आना शुरू हुआ तो आयकर विभाग व पुलिस टीम ने उन्हें लौटा दिया। टीम ने घंटों छानबीन कर इंस्टिट्यूट के रिकॉर्ड को खंगाला। इंस्टिट्यूट द्वारा कोरोना काल में भी ऑनलाइन क्लासेस ली गई थी। संक्रमण कम होने के बाद ऑफलाइन क्लासेस शुरू हुईं। इसका पूरा लेखा-जोखा जुटाया जा रहा है।

कई कॉलेज और कोचिंग परिसर में शुरु हुई कार्रवाई:

सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले ही कौटिल्य एकेडमी ने सेंट्रल एक्साइज की डिसक्लोजर स्कीम का लाभ उठाते हुए 2 करोड़ रुपए की राशि उजागर की थी। उसी समय से यह एकेडमी आयकर विभाग के निशाने पर थी। हालांकि सेंट्रल एक्साइज में भी इस स्कीम का लाभ दिलाने के लिए एक अधिकारी ने कोचिंग संचालकों को करोड़ों रुपए का लाभ दिला दिया था। इसी के साथ 12 कॉलेजो और 3 कोचिंग क्लास परिसर में भी यह कार्रवाई प्रारंभ हुई। कौटिल्य एकेडमी आईएएस और आईपीएस परीक्षाओं के लिए कोचिंग क्लास चलाती है। इंदौर में कई कॉलेज किराये पर लेकर उन्होंने अपनी कोचिंग को विस्तार दिया था। कोचिंग के माध्यम से लगने वाले सेंट्रल एक्साइज के टैक्स में भी इस संस्था ने जमकर चोरी की थी। बाद में जब सेंट्रल एक्साइज में डिसक्लोजर स्कीम शुरू की तो संचालकों ने 2 करोड़ रुपए भरकर अपने आप को बचा लिया। इस दौरान सेंट्रल एक्साइज में पदस्थ अधिकारी ने उनकी भरपूर मदद की थी। बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी के खुद के 4 कोचिंग क्लासेस भी एरोड्रम रोड पर चल रहे है और इसी आधार पर उन्होंने कौटिल्य एकेडमी के संचालकों को टैक्स चोरी के मामले में जमकर लाभ दिलाया था, जबकि विभाग के कई अधिकारी शिकायत कर रहे थे कि यह मामला 10 करोड़ से अधिक का है।

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