Indore : एमवाय हॉस्पिटल का होगा कायाकल्प
मंत्री सिलावट ने लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री को आने का आग्रह कियाSocial Media

Indore : एमवाय हॉस्पिटल का होगा कायाकल्प

मंत्री तुलसी सिलावट ने इंदौर में महाराजा यशवंतराव होलकर चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी और आग्रह किया कि मुख्यमंत्री इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करें।

इंदौर, मध्यप्रदेश। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बुधवार को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की। उन्होंने इंदौर में महाराजा यशवंतराव होलकर चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी और आग्रह किया कि मुख्यमंत्री इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करें। उन्होंने कहा कि मालवा-अंचल का यह अस्पताल आम आदमी की चिकित्सा के लिए एक लोकप्रिय एवं उपयोगी अस्पताल है। यहां विभिन्न तरह के उन्नयन संबंधी कार्य प्रस्तावित है।

लोकार्पण हेतु प्रस्तावित कार्यक्रम :

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने मुख्यमंत्री को बताया कि इंदौर के महाराजा तुकोजीराव होलकर हॉस्पिटल पूर्व में 120 बेड का हॉस्पिटल था, जिसमें नवीन हॉस्पिटल का निर्माण किया गया हैं। जिसकी कुल बेड क्षमता 450 है। इसमें से 16 बेड का आई.सी.यू., 60 बेड का बच्चो के लिये एस.एन.सी.यू., 350 बेड का जनरल वॉर्ड एवं 24 बिस्तर प्राइवेट रूम के रहेंगे। इस हॉस्पिटल में ओबएसटी एंड गाइनेकोलॉजिस्ट, न्यू बोर्न, (महिला, ज'चा एवं ब'चों) के उपचार हेतु 450 बेड व्यवस्था रहेगी साथ ही यहाँ पर नवजात शिशुओं के लिए मदर मिल्क बैंक भी बनाया गया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा महाराजा तुकोजीराव होलकर हॉस्पिटल इन्दौर के उन्नयन के ऊपर 50 करोड़ रुपये का व्यय किया गया हैं। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल इन्दौर में स्थापित नवीन कार्डियक कैथ लैब का लोकार्पण किया जाना है, जिसकी लागत 6 करोड़ 42 लाख रुपये हैं। कैथ लैब की आधुनिक मशीन सीमेन्स कम्पनी की है, यह एक बाईप्लेन मशीन है जिसमें कार्डियक एन्जियोग्राफी, एन्जियोप्लास्टी, हृदय विकार, पेस मैकर के साथ-साथ न्यूरोलॉजी से सम्बंधित उपचार भी किये जा सकते हैं। स्पेशिलिटी हॉस्पिटल इन्दौर में स्थापित नेफ्रोलॉजी विभाग के साथ नवीन डायलिसिस यूनिट का लोकार्पण किया जाना है जिसकी अनुमानित लागत 61 लाख रुपये हैं। सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में डायलिसिस की सुविधा का आरंभ प्रारंभिक तौर पर छ: अत्याधुनिक मशीनों के प्रयोग से किडनी रोगों के मरीजों का उपचार किया जाएगा। तत्पश्चात, रिवर्स ओसमोसिस टैंक की भंडारण क्षमता को बढ़ा कर अधिकाधिक रोगियों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जाएगा। हीमोडियालीसिस से इतर पेरिटोनियल डायलिसिस हेतु एक कक्ष आरक्षित किया गया है एवं किडनी बाओप्सी जैसी अन्य नेफ्रोलॉजी संबंधित सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

सी.एस.आर. मद से भी मिला दान :

सेमसंग कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी के माध्यम से एक अत्याधुनिक सोनोग्राफी/कलर डॉपलर मशीन एमवाय हॉस्पिटल को दान की गई है। इस मशीन से गंभीर रोगो का अत्याधुनिक तरीके से परीक्षण किया जा सकेगा एवं मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस मशीन की लागत 1.5 करोड़ है यह एक अत्याधुनिक सोनोग्राफी/कलर डॉपलर मशीन है।

महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध एमवाय हॉस्पिटल इन्दौर में स्थापित नवीन अत्याधुनिक वातानुकूलित मुर्दाघर का लोकार्पण किया जाना है। वातानुकूलित मुर्दाघर निर्माण होने से दुर्गन्ध में कमी आयेगी एवं प्रकाश की उचित व्यवस्था रहेगी। पूर्व में केवल 16 शव रखने की व्ययवस्था थी जिसे बढ़ाकर 48 शव रखने की व्यवस्था की गई है।

भूमिपूजन हेतु प्रस्तावित कार्यक्रम :

महाराजा यशवंतराव हॉस्पिटल इन्दौर में स्थापित पुराने इमरजेन्सी एवं ट्रॉमा सेंटर को तोडकर, पीजी अपग्रेडेशन प्रोग्राम हेतु प्राप्त बजट में से नये नवीन ट्रॉमा सेंटर एवं इमरजेन्सी विभाग की स्थापना किये जाने हेतु शिलान्यास किया जाना प्रस्तावित हैं। इस नवीन ट्रॉमा सेंटर में जी+4 मिलाकर 5 मंजिल भवन का निर्माण किया जायेगा जिसके अन्दर 6 मॉड्यूलर ओटी के साथ 250 बेड की क्षमता के साथ अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर के रूप में रहेगी एवं 80 बेड का एक डे-केअर यूनिट है व इम्यूनाइजेशन क्लीनिक भी बनाया जायेगा। इसकी लागत लगभग 42 करोड़ रुपये हैं।

महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध हॉस्पिटलों में स्थापित फिजियोलॉजी विभाग, पैथोलॉजी विभाग, बॉयोकेमेस्ट्री विभाग, फॉर्माकोलॉजी विभाग, माईक्रोबॉयोलॉजी विभाग, वाइरोलॉजी लैब, डाइग्नोस्टिक लैब के लिये प्रस्तावित नवीन अकादमिक भवन की चतुर्थ एवं पंचम तल पर नवीन निर्माण किया जाना स्वीकृत किय गया है जिसके भवन का पूजन प्रस्तावित है। जिसकी कुल अनुमानित लागत 17.6 करोड़ रुपये हैं।

मानसिक अस्पताल बनेगा सेंटर आफ एक्सीलेंस :

महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध मानसिक हॉस्पिटल इन्दौर हेतु सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की परियोजना सर्वप्रथम 30 दिसंबर 2016 को भारत शासन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्वीकृत की गई जिसमें 60 प्रतिशत की राशि केन्द्रीय सहायता से व 40 प्रतिशत रा'य शासन से स्वीकृत की गई थी।

यह मांग भी रखी :

मंत्री सिलावट ने मुख्यमंत्री को बताया कि एमवाय हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में अभी बड़ी संख्या में मरीज रोज आते हैं। यहाँ मालवा, निमाड़ के अलावा दूरस्थ क्षेत्रों से भी मरीज आते हैं। इतने मरीजों के इलाज के लिए करीब 400 बिस्तरों का ट्रॉमा यूनिट चाहिए 7 पी.जी. अपग्रेडेशन में करीब 250 बिस्तरों का ट्रॉमा यूनिट तैयार हो जाएगा परन्तु 150 बिस्तर और चाहिए जिससे अगले 20-30 वर्षो तक ट्रॉमा एवं एमरजेन्सी के मरीजों का अ'छी तरह से इलाज किया जा सकता है। इसकी अनुमानित लागत करीब 15 से 20 करोड़ के लगभग होगी।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं एमवाय हॉस्पिटल में बायोकेमेस्ट्री, पैथोलॉजी एवं माईक्रोबायलॉजी की लैब संचालित होती है। पी.जी. अपग्रेडेशन से प्राप्त स्वीकृत बजट से सिविल कार्य किया जा रहा है परन्तु अन्य सिविल कार्य एवं नए उपकरण खरीदने हेतु मध्यप्रदेश शासन से 5 से 8 करोड़ रुपये की स्वीकृति की आवश्यकता है।

धर्मशाला का निर्माण भी है जरूरी :

एमवाय हॉस्पिटल में रोज करीब 1000 से 1200 मरीज भर्ती रहते हैं इनमें से काफी मरीज इन्दौर के बाहर के आते हैं जिन्हें महगी होटलों में रहना पड़ता है। अत: मरीजों के परिजनों को एमवाय हॉस्पिटल में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक 300 बिस्तरों की धर्मशाला के निर्माण की आवश्यकता है।

अभी एमवाय हॉस्पिटल में चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ के लिए अत्यधिक पुराने 20-25 क्वाटर्स ही मौजूद हैं। इन सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए बहुमंजिला इमारत के रूप में नए क्वाटर्स विकसित किये जा सकते हैं। इससे वर्षों पुरानी क्वाटर्स की कमी पूरी हो जाएगी। करीब 150 से 200 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है, इसकी निर्माण लागत राशि लगभग 35 करोड़ हो सकती है।

वर्तमान में कैंसर अस्पताल का भवन जर्जर हो चुका है। अस्पताल में पुरानी कोबाल्ट पद्धती से ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में इन्दौर एवं इन्दौर के आस-पास के सैकड़ों कैंसर के मरीज इन्दौर आकर इलाज करवाते हैं। चूँकि वर्तमान शासकीय कैंसर अस्पताल में पुरानी पद्धति से इलाज होता है इसलिए इन मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर महँगा इलाज करवाना पड़ता हैं। अत: इन्दौर शहर एक 400 बिस्तरों का सर्वसुविधायुक्त नवीन कैंसर अस्पताल के निर्माण की अति आवश्यकता है।

सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी हेतु मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का निर्माण किया जा चुका है। रोबोटिक सर्जरी हेतु रोबोटिक आर्म का कय किया जाना अति आवश्यक है जिसकी संभावित लागत 20-25 करोड़ है।

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