इंदौर : एमवायएच में नवजात का पीएम करना ही भूले जिम्मेदार

इंदौर, मध्य प्रदेश : एमवायएच में एक बार फिर शर्मनाक मामले का पर्दाफाश हुआ है। अस्पताल की मरच्युरी में एक नवजात का शव रखकर भूल गए।
इंदौर : एमवायएच में नवजात का पीएम करना ही भूले जिम्मेदार
एमवायएच में नवजात का पीएम करना ही भूले जिम्मेदारSocial Media

हाइलाइट्स :

  • 6 दिन से बॉक्स में रखा शव, अलीराजपुर से घायल अवस्था में आया था

  • चाइल्ड हेल्प लाइन के सदस्यों ने कराया था भर्ती, 12 सितंबर को रात में हुई थी मौत

  • अस्पताल का कहना उसी दिन तड़के दे दी पुलिस चौकी को सूचना

इंदौर, मध्य प्रदेश। एमवायएच में एक बार फिर शर्मनाक मामले का पर्दाफाश हुआ है। अस्पताल की मरच्युरी में एक नवजात का शव रखकर भूल गए। नवजात का पोस्टमार्टम होकर उसका अंतिम संस्कार होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि जिम्मेदारों ने पुलिस को सूचना देकर इतिश्री कर ली, वहीं पुलिस ने भी इस मामले में सुध नहीं ली। नवजात का शव पीएम और अंतिम संस्कार के लिए गत 6 दिनों से इंतजार कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व भी एमवायएच की मरच्युरी में अंतिम संस्कार के इंतजार में स्ट्रेचर पर रखा शव कंकाल बन गया था, लेकिन जिम्मेदारों ने सुध तक नहीं ली, जब मामला सामने आया, तो जांच कमेटी बनाकर जांच शुरू की गई और गुरुवार को भी इस मामले में मर'युरी स्टाफ के जांच कमेटी ने बयान लिया और फटकार भी लगाई।

अलीराजपुर से घायल अवस्था में लाया गया था :

अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पांच दिन के इस नवजात को अलीराजपुर से चाइल्ड हेल्प लाइन के सदस्य घायल अवस्था में 6 जुलाई 20 को एमवायएच लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में बच्चे का करीब एक माह तक इलाज चला, लेकिन वो बच नहीं सका और 11 सितंबर की रात 11.30 को बच्ची की मौत हो गई। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आशीष अग्रवाल ने कागजी कार्रवाई की और तड़के 4.15- 4.30 बजे के करीब एमवायएच परिसर में स्थित पुलिस चौकी को सूचना दे दी गई थी। इसके बाद शव को एक बॉक्स में रखकर मरच्युरी में में रखवा दिया गया था। इसके बाद बच्चे का पीएम करना ही जिम्मेदार भूल गए। इस मामले में पुलिस चौकी के जिम्मेदार संभवत: सुबह होते मामला ही भूल गए, वहीं एमवायएच का फारेंसिक मेडिसिन विभाग ने भी पुलिस के संज्ञान न लेने पर बच्चे का पीएम करने को लेकर कोई पहल नहीं की और दोबारा पुलिस को सूचना नहीं दी गई। इसके बाद 16 सितंबर को कांकल मामले में फ्रीजर खोले गए तो इस मामले का खुलासा हुआ।

14 नंबर बॉडी फ्रीजर में रखकर भूल गए :

जानकारों का कहना है कि शव का दूसरे दिन 13 सितंबर को पोस्टमार्टम होना था और उसके बाद शव को फ्रीजर में रखा जाना था, लेकिन इसके पहले ही शव फ्रीजर में रख दिया गया, जिसके कारण यह लापरवाही हुई है, क्योंकि शव को फ्रीजर में रखने के बाद भूल गए। जब कांकाल मामले के बाद पीएम रूम में सफाई अभियान चलाया गया और फ्रीजर खोले गए, तो 14 नंबर के बॉडी फ्रीजर में इस बच्चे का शव मिला, इस पर तुरंत 16 सितंबर को एक बार फिर पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया, नहीं तो 17 सितंबर यानि गुरुवार को बच्चे का पीएम होकर अंतिम संस्कार हो जाना चाहिए था।

तीन बार दी गई सूचना, तब मर्ग कायम हुआ :

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक नवजात की मौत की सूचना पुलिस चौकी पर तीन बार दी चुकी है। पहली बार नवजात की मौत के बाद 12 सितंबर को तड़के 4.30 बजे हेड कांस्टेबल नारायण को वहीं 16 सितंबर को फिर रिमाइंडर दिया गया, इस बार श्री जगन्नाथ को दिया गया। 17 सितंबर को फिर रिमाइंडर श्री जगन्नाथ को दिया, तब कही जाकर मर्ग कायम हुआ, अब 18 सितंबर को पीएम होने की संभावना है। प्रभारी अधीक्षक डॉ. अशोक पंचानिया से इस संबंध में चर्चा करना चाही, तो उन्होंने फोन ही काट दिया।

कंकाल मामले में जांच शुरू हुई, कर्मचारियों के लिए बयान :

एमवाय अस्पताल में दो दिन पहले अंतिम संस्कार के इंतजार में कंकाल बन चुके शव के मामले में कमिश्नर डॉ. पवन शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। कमिश्नर के आदेश पर जांच दल गुरुवार को एमवाय अस्पताल पहुंचा। अधीक्षक कार्यालय में मर्चूरी के कर्मचारियों के बयान लिए गया। सही जबाव न देने पर जांच दल में शामिल अपर आयुक्त रजनी सिंह ने कर्मचारियों को लताड़ भी लगाई है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीएस ठाकुर अवकाश पर हैं। डॉ. ठाकुर ने भी इस मामले मे तीन सदस्यीय विभागीय जांच कमेटी बनाई थी।

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