Indore : ओमिक्रॉन के संदेहास्पद तीन मरीजों की शीघ्र होगी जिनोम सिक्वेंसिंग जांच
ओमिक्रॉन के संदेहास्पद तीन मरीजों की शीघ्र होगी जिनोम सिक्वेंसिंग जांचसांकेतिक चित्र

Indore : ओमिक्रॉन के संदेहास्पद तीन मरीजों की शीघ्र होगी जिनोम सिक्वेंसिंग जांच

इंदौर संभाग में कोरोना (ओमिक्रॉन) की तीसरी लहर की आशंका से निपटने के लिये पर्याप्त इंतजाम। संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने एहतियात के रूप में और बेहतर इंतजाम करने के लिये विशेषज्ञों से किया विचार-विमर्श।

इंदौर, मध्यप्रदेश। इंदौर संभाग में कोरोना (ओमिक्रॉन) के तीसरी लहर की आशंका से निपटने के लिये पर्याप्त इंतजाम किये जा रहे हैं। इन इंतजामों को और अधिक बेहतर बनाने तथा कोरोना (ओमिक्रॉन) की आशंका, प्रभाव, गंभीरता आदि के संबंध में संभागायुक्त डॉ . पवन कुमार शर्मा ने आज यहां चिकित्सा विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया। जिले में विदेश आये कोरोना (ओमिक्रॉन) के संदेहास्पद तीन मरीजों की शीघ्र जिनोम सिक्वेंसिंग जांच कराने के निर्देश भी संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने दिये। शुक्रवार को सम्पन्न हुई बैठक में यह पता चला की विदेश से आये तीन मरीज ऐसे है, जिनमें ओमिक्रॉन के होने की आशंका है। संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने इन मरीजों के सैम्पल तुरंत ही सेम्स में भेज कर जांच कराने के निर्देश दिये।

संभागायुक्त डॉ. शर्मा द्वारा ली गई ऑनलाइन बैठक में अपर आयुक्त श्रीमती रजनी सिंह, संयुक्त आयुक्त श्रीमती सपना सोलंकी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. अशोक कुमार डागरिया सहित अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने ओमिक्रॉन के संबंध में चर्चा की। बताया गया कि ओमिक्रॉन से सतर्क एवं सजग रहने की आवश्यकता है। सभी लोगों को बचाव के लिये टीकाकृत होना जरूरी है। ओमिक्रॉन संक्रमण का प्रभाव आगामी फरवरी से अत्यधिक दिखाई देगा। यह संक्रमण तेजी से फेलता है। इस संक्रमण की घातकता पर रिसर्च लगातार हो रहे है। अभी तक हुये रिसर्च में इस संक्रमण की घातकता कम ही बताई गई है। डॉ. वी.पी. पाण्डे ने बताया कि अन्य देशों में लगे टीके की तुलना में हमारे देश में लगे टीके का प्रभाव अधिक बेहतर है। बैठक में डॉ. सलिल भार्गव ने बताया कि वर्तमान में कोरोना से ब'चे अधिक प्रभावित हो रहे है। ट्रेवल से इसका फैलाव होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन का प्रभाव निश्चित ही बढ़ेगा, गंभीरता कम रहेगी। सावधानी एवं सतर्कता बरती गई तो यह जितनी तेजी से फेलेगा उतनी ही तेजी से समाप्त भी होगा। बैठक में डॉ. अनिता मूथा, डॉ. साकल्ले, डॉ. मनोज काला, डॉ संजय दीक्षित सहित अन्य चिकित्सकों ने सुझाव दिये।

बैठक में संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने बताया कि संभाग में कोरोना से निपटने के लिये पर्याप्त इंतजाम है। सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाकर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। संभाग के जिलों में आकस्मिक आपात स्थिति से निपटने के लिये वेंटिलेटर उपलब्ध कराये गये है। इन वेंटिलेटर के संचालन के लिये प्रत्येक जिले के दो-दो चिकित्सकों को मेडिकल कॉलेज इंदौर में प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके लिये बुधवार से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिये गये। बैठक में बताया गया कि दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये एक कमेटी का गठन भी किया जा रहा है। यह कमेटी पीक समय में लगने वाली दवाईयों का आकलन करेगी और उपलब्धता के संबंध में कार्रवाई करेगी।

बैठक में बताया गया कि विदेश से आने वाले प्रत्येक नागरिकों की जांच कराई जा रही है। उनसे कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है। इंदौर में विदेश से आये तीन मरीज जो कोरोना पॉजिटिव पाये गये है, उनमें ओमिक्रॉन के लक्षण दिखाई दे रहे। संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने इन मरीजों का विशेष ध्यान रखने और इनके सैम्पल की तुरंत जिनोम सिक्वेसिंग कराने के निर्देश दिये।

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