इंदौर : शहर के 13 लाख लोगों तक पहुंचा त्रिकटु काढ़ा
शहर के 13 लाख लोगों तक पहुंचा त्रिकटु काढ़ाMumtaz Khan

इंदौर : शहर के 13 लाख लोगों तक पहुंचा त्रिकटु काढ़ा

इंदौर, मध्यप्रदेश : कोरोना संक्रमण से मुकाबला करने के लिए जहां वर्तमान में वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है, वहीं लोगों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोगों तक आयुर्वेदिक काढ़ा भी बांटा जा रहा है।

इंदौर, मध्यप्रदेश। कोरोना संक्रमण से मुकाबला करने के लिए जहां वर्तमान में वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है, वहीं लोगों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोगों तक आयुर्वेदिक काढ़ा भी बांटा जा रहा है। शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज लोकमान्य नगर इंदौर के द्वारा मार्च 2020 से अभी तक 13 लाख से अधिक लोगों को त्रिकटु काढा बांटा जा चुका है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ सतीशचंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2020 की शुरुआत से ही कोरोना वायरस की संक्रामकता पूरे भारत में बढ़ती गई और कोविड मरीजों की संख्या भी। क्योंकि इस वायरस का अचूक इलाज ना तो तब था और ना ही आज है। सिर्फ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं कफ नाशक दवाओं का सेवन करने से फायदा मिल रहा था, इसलिए भारत सरकार आयुष विभाग एवं मध्यप्रदेश शासन ने इसके लिए गाइडलाइन जारी की, ताकि आम जनता इस गाइडलाइन के अनुसार औषधियों का सेवन कर सके।

लोगों में इस बीमारी को कम करने एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश के आयुष विभाग ने मार्च माह से ही अपना प्लान बनाया। इंदौर के शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज, लोकमान्य नगर ने विभिन्न चरणों में आयुर्वेद दवाओं का वितरण किया जो आज तक जारी है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कॉलेज ने आयुष मंत्री एवं संचालनालय आयुष के आयुक्त के निर्देशन में एवं स्थानीय जिला प्रशासन के सहयोग से त्रिकटु चूर्ण ( सौंठ, काली मिर्च, पिपली ), संशमनी वटी गिलोय युक्त, अणु तेल (नाक में डालने वाली दवा ), आर्सेनिक एल्बम 30 होम्योपैथिक दवा एवं यूनानी काढ़ा जोशांदा, खमीरा, शरबत उन्नाव का वितरण किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रोफेसर डॉ सतीश चंद शर्मा बताते हैं कि मार्च से अब तक इंदौर शहर में कोविड-19 की जागरूकता के लिए 14,000 पंपलेट वितरित किए जा चुके हैं, एवं शहर के 25 स्थानों पर बड़े-बड़े फ्लेक्स लगाए गए हैं, जिसमें कलेक्टर कार्यालय चौराहा, रीगल चौराहा, नगर निगम, चंदननगर एवं महूनाका प्रमुख है। दिनांक 18 मार्च से 29 अप्रैल तक महाविद्यालय की विभिन्न टीम ने एवं ओपीडी के माध्यम से घर घर जाकर दवाइयों का वितरण किया, जिसके लाभार्थी 3,44,696 रहे। 30 अप्रैल से 5 मई तक कलेक्टर के निर्देशन में कॉलेज की गठित तीनों के द्वारा 47, 711 लोगों को दवाइयां पहुंचाई गई । 6 मई से 24 जुलाई तक कलेक्टर एवं प्रशासन के सहयोग से वितरित की गई दवाइयों को मध्य प्रदेश शासन के सार्थक में एंट्री की गई, जिसमें रोगी का नाम, परिवार सदस्य संख्या, वितरित किए गए पैकेट की संख्या को अंकित किया गया और बाद में लोगों से फीडबैक भी लिया गया कि दवाइयों का क्या प्रभाव रहा और इसके अच्छे परिणाम लोगों के द्वारा बताए गए। इस समय में आयुर्वेदिक दवाओं के लाभार्थियों की संख्या 8,12,249 रही है।

सुबह 8 से 2 बजे तक ले सकते हैं मुफ्त दवा :

24 जुलाई से महाविद्यालय मे रोगियों को देखने एवं उनका इलाज करने के लिए ओपीडी शुरू की गई और अस्पताल से ही दवाइयों का वितरण किया गया, अभी तक अस्पताल से 98 हजार 210 लोग काढा ले जा चुके हैं जो की पूरी तरह निशुल्क है। अभी भी जो लोग दवाइयां लेना चाहते हैं वह सुबह 8 से 2 बजे तक दवाइयां प्राप्त कर सकते हैं, इस प्रकार मार्च से आज तक कुल 13 लाख 02 हजार 866 लोग आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन कर चुके हैं एवं अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा चुके हैं ।महाविद्यालय के प्राचार्य बताते हैं कि मध्यप्रदेश शासन आयुष विभाग ने विशेषज्ञों की राय के बाद आरोग्य कषाय - 20 काढे का निर्माण किया, जिसमें मुख्यत: सात औषधियां है जो सोंठ, काली मिर्च, पिपली, मुलेठी, हरड, गिलोय एवं भूमयामलकी है। इन दवाओं का उचित मिश्रण कोरोना बीमारी की विभिन्न समस्याओं को कम करने में कारगर रहा है। इंदौर के विभिन्न केंद्रों पर भर्ती मरीजों के लिए भी महाविद्यालय द्वारा काढा पिलाया गया है। 23 अप्रैल 2020 से 23 फरवरी 2021 तक इंदौर के 28 कोविड केयर सेंटर एवं क्वॉरेंटाइन सेंटर पर कॉलेज की टीम द्वारा 3868 रोगियों को काढ़ा पिलाया जा चुका है, एक रोगी को 10 दिन में सुबह शाम काढे की 20 डोज दी जाती है इस प्रकार कुल लगभग 77,360 मात्रा दी गई। प्रत्येक मरीज को एक समय में 200 ग्राम आरोग्य कषायम काढा पिलाया गया। कॉलेज की रसायन शाला में डॉ विमल अरोड़ा के निर्देशन में इसका निर्माण हुआ, सुबह शाम दोनों समय कॉलेज की टीम इन सेंटरों पर मरीजों के लिए दवा लेकर गई और मरीजों को पिलाती है, आज तक 1575 कोरोना पॉजिटिव मरीज एवं 2111 केसेस क्वॉरेंटाइन रोगियों को इसका लाभ मिल चुका है। इन रोगियों का कॉलेज के द्वारा डाटा भी बनाया जा रहा है जो संपूर्ण प्रक्रिया के बाद रिसर्च कार्य हेतु सुरक्षित है, इस प्रकार इस काढे का सेवन करने के बाद 3675 रोगी स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं और यह देखा गया है कि इस काढ़े का सेवन करने के बाद रोगी कम दिनों में ही स्वस्थ हो जाता है, इस कार्य के लाभ को देखकर नेगेटिव हुए रोगी आज भी महाविद्यालय से काढा ले जाकर पी रहे हैं ताकि दोबारा यह बीमारी ना हो।

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