इंदौर : जिले के 41 थानों पर शुरू हुई ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क
जिले के 41 थानों पर शुरू हुई ऊर्जा महिला हेल्प डेस्कRavi Verma

इंदौर : जिले के 41 थानों पर शुरू हुई ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क

इंदौर, मध्यप्रदेश : घरेलू हिंसा, महिला अपराधों की रोकथाम, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न पर त्वरित सुनवाई कर कार्रवाई हेतु प्रदेश के समस्त जिलों के 700 थानों में उर्जा महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गये हैं।

हाइलाइट्स :

  • महिला अपराधों की रोकथाम के लिए प्रदेश के 700 थानों में बनाई

  • जबलपुर हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधिपती ने किया वर्चुअल शुभारंभ

इंदौर, मध्यप्रदेश। घरेलू हिंसा, महिला अपराधों की रोकथाम व शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न पर त्वरित सुनवाई कर कार्रवाई हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा केन्द्रीय आर्थिक एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से प्रदेश के समस्त जिलों के 700 थानों में "उर्जा महिला हेल्प डेस्क" स्थापित किए गये हैं, जिनका शुभारंभ बुधवार को जबलपुर हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधिपति प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ, उच्च शिक्षा, सामान्य प्रशासन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन, सहकारिता एवं श्रम विभाग के सचिव स्तर के अधिकारीगण, पुलिस महानिदेशक व पुलिस मुख्यालय के अधिकारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारीगण, सभी जिलों के एवं संबंधित थानों के विभिन्न पुलिस अधिकारीगण सम्मिलित हुए।

  • उर्जा महिला हेल्प डेस्क, थाना तुकोगंज

    उर्जा महिला हेल्प डेस्क, थाना तुकोगंज

  • उर्जा महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन करती बालिका

    उर्जा महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन करती बालिका

इस अवसर पर डीजीपी विवेक जौहरी ने कहा कि महिलाएं अपने विरूद्ध होने वाले अपराधों व उत्पीड़न की बात सहजता व निडरता के साथ एक सौहार्दपूर्ण वातावरण में कह सकें, इसी उद्देश्य हेतु प्रदेश शासन के निर्देशानुसार 700 थानों में ऊर्जा महिला डेस्क की स्थापना की गई है। ये हेल्प डेस्क अन्य विभागों से समन्वय के लिए केंद्र के तौर पर काम करेगी। इन महिला डेस्क के प्रभावी संचालन व पुलिस स्टाफ उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक की रहेगी। डेस्क संचालन के लिये पुलिस मुख्यालय द्वारा जो एसओपी बनाई गई है, उसके अनुसार ही डेस्क का बेहतर क्रियान्यवन किया जाये। महिला बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव अशोक शाह ने कहा कि महिलाओं की हरसंभव सहायता के लिए महिला बाल विकास विभाग डेस्क से संपर्क कर प्रभावी कार्रवाई कर सकती है। उन्होनें कहा कि प्रदेश में शौर्य दल में एक लाख महिलाएं और लड़कियां सदस्य हैं, जो महिलाओं की समस्याओं के निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायाधिपती प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी प्रकार से पीड़ित व सताई गयी महिलाएं बिना किसी झिझक व निडरता के साथ अपनी समस्याएं बता सके, इसी उद्देश्य से इन महिला ऊर्जा डेस्क की स्थापना की गयी है। महिला डेस्क पर महिला पुलिस अधिकारियों को पदस्थ किया गया है। डेस्क का स्टाफ पीड़ित महिला को अपना परिचित मानकर उनकी समस्या को सुने और दूर करने का प्रयास करें तो निश्चित ही इन महिला डेस्क की स्थापना का उद्देश्य सफल होगा।

कार्यक्रम में इन्दौर जिले से डीआईजी मनीष कपूरिया, एसपी अरविंद तिवारी, एएसपी अनिल पाटीदार सहित संबंधित पुलिस थानों के प्रभारी, महिला डेस्क प्रभारी सम्मिलित हुए। इसके अंतर्गत जिले के 41 थानों में ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क का संचालन किया जाएगा। जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार थाना प्रभारी के मार्गदर्शन में एसआई/एएसआई स्तर की महिला अधिकारी हेल्प डेस्क के प्रभारी के रूप में संचालन करेगी। शुभारंभ अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इन महिला डेस्क के प्रभावी संचालन हेतु एक आदर्श मानकीकृत प्रक्रिया के लिए बनाई गई एसओपी का विमोचन भी मुख्य अतिथि व उपस्थित अधिकारियों द्वारा किया गया।

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