इंदौर: किसान सम्मेलन में विजयवर्गीय ने दिया विवादित बयान, कही ये बड़ी बात
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इंदौर: किसान सम्मेलन में विजयवर्गीय ने दिया विवादित बयान, कही ये बड़ी बात

इंदौर, मध्यप्रदेश : इंदौर में कल भाजपा ने किसानों का समर्थन सम्मेलन किया, किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दिया एक विवादित बयान।

इंदौर, मध्यप्रदेश। एक तरफ जहां प्रदेश में कोरोना को लेकर आमजनता परेशान है वहीं इस बीच तेजी से कई नेताओं के बयान सामने आ रहें, बता दें कि पश्चिम बंगाल में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर हुए हमले के बाद से विजयवर्गीय सुर्खियों में बने हुए हैं। वहीं अब किसान सम्मेलन में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एक विवादित बयान दे दिया, सम्मेलन में कैलाश विजयवर्गीय ने बयान देते हुए कही दी ये बड़ी बात।

इंदौर में किसानों का समर्थन सम्मेलन :

बता दें कि इन दिनों नए कृषि कानून आने के बाद से किसानों के आंदोलन का मुद्दा लगातार बढ़ता ही जा रहा है वही किसानों के मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश के कई जिलों में भाजपा ने किसानों की भ्रांतियां दूर करने के लिए किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, मंगलवार को देश में नए कृषि विधेयक के विरोध के बीच इंदौर में भाजपा ने किसानों का समर्थन सम्मेलन किया गया, इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने विवादित बयान दे दिया।

कैलाश विजयवर्गीय ने दिया विवादित बयान-

किसानों के समर्थन सम्मेलन में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार गिराने में अहम भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की थी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इसमें कोई रोल नहीं था।

इस बयान के बाद में जब इस बारे में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया तो विजयवर्गीय ने कहा- वहां मौजूद लोगों को पता है कि यह विशुद्ध रूप से मजाक था, यह बात मैंने हल्के-फुल्के मजकिया लहजे में ही कही थी।

BJP महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा-

नए कृषि विधेयक के विरोध के बीच आगे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अंग्रेजों के समय बने मंडी एक्ट से अभी तक किसान बंधे थे, पहली बार देश के प्रधानमंत्री जी ने किसानों को कृषि कानून के जरिए मंडी से मुक्त करने का काम किया है। वहीं दिल्ली में किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर 'कृषि सुधार कानून' का विरोध करने वाले देश के दुश्मनों को पहचानना होगा। सीमा के पार खड़े दुश्मनों से तो सैनिक निपट लेंगे, पर देश के भीतर के इन दुश्मनों को हमें पहचानना है। देश के प्रधानमंत्री के लिए देश पहले हैं। उन्होंने 'जय जवान-जय किसान' के नारे को सार्थकता दी है। इससे पहले देश के स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी जी ने 'जय विज्ञान' का नारा दिया था।

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