साइलेंट सिटी की दौड़ में भी नंबर-1 बनने इंदौर
साइलेंट सिटी की दौड़ में भी नंबर-1 बनने इंदौर|Priyanka Yadav- RE
मध्य प्रदेश

साइलेंट सिटी की दौड़ में भी नंबर वन बनने की कवायद में इंदौर

इंदौर, मध्यप्रदेश: देश में शहर को स्वच्छता की तर्ज पर अव्वल दर्जे पर स्थान दिलाने के बाद साइलेंट सिटी बनाने की प्रशासन द्वारा कवायद शुरू।

Deepika Pal

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राज एक्सप्रेस। देश और मध्यप्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने स्वच्छता की रैंक में अव्वल दर्जा कायम किया है अब उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए शहर को शोर मुक्त करने के लिए कवायद शुरु कर दी है जिसके साथ शहर पहला साइलेंट सिटी ऑफ इंडिया बनेगा। इसके लिए प्रशासन ने प्लान तैयार कर लागू करना भी शुरु कर दिया है। प्लान के तहत शहर के 17 स्थानों को चिन्हित कर कार्य किया जा रहा है। इस कार्य को आने वाले साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर के साइलेंट सिटी बनने से तेज ध्वनि वाले लाउडस्पीकरों समेत डीजे पर भी प्रतिबंध लग जाएगा।

17 स्थानों को किया चिन्हित :

इस संबंध में कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने बताया कि, पिछले कुछ सालों से शहर में ध्वनि प्रदूषण काफी तेजी से बढ़ा है जिसके चलते नॉइस पॉल्यूशन की चुनौती से निपटने के लिए प्लान तैयार किया गया है जिसके तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर के 17 ऐसे स्थानों को चयनित किया है, जहां पर सबसे ज्यादा हॉर्न बजाने और ध्वनि प्रदूषण की समस्या पैदा हुई है। इन स्थानों को नो हॉर्न जोन बनाया गया हैं जिसमें यूनिवर्सिटी, अस्पताल के साथ ही हाईकोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान शामिल हैं। चयनित किए गए स्थलों में दो सड़कों को जहां साइलेंट जोन में रखा गया है वहीं शहर की पहली आदर्श सड़क गिटार चौराहे से साकेत चौराहे तक और पलासिया चौराहे से रीगल तक का मार्ग भी शामिल किया गया है।

तेज लाउडस्पीकरों और डीजे के प्रयोग पर प्रतिबंध :

बता दें कि, इस योजना के तहत नो हॉर्न जोन चिन्हित करने के साथ ही डीजे और तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों पर प्रतिबंध लगाया गया है जिसके लिए डीजे संचालकों और धार्मिक आयोजन करने वाली संस्थाओं की लिस्ट तैयार की जा रही है। साथ ही गाड़ियों के तेज हॉर्न की गति पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।

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