भोपाल : शिवराज से उद्योगों की स्थापना के लिए उद्योगपतियों ने की भेंट
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भोपाल : शिवराज से उद्योगों की स्थापना के लिए उद्योगपतियों ने की भेंट

भोपाल, मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और स्वीकृतियां सहजता से दी जा रही हैं और उद्यम स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

भोपाल, मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर प्रदेश में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को चाइना जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा के लिए और सक्षम बनाने की विशेष पहल की जा रही है।

श्री चौहान से सोमवार को यहां मंत्रालय में इंदौर में इंटरनेशलन मेगा फर्नीचर क्लस्टर और इंदौर खिलौना क्लस्टर की स्थापना के लिए स्थानीय उद्यमियों के समूह और भारत सरकार के उद्यम अंतर्गत दवा निर्माता कंपनी कर्नाटका एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के महाप्रबंधक उदय कामथ और एमएन विजय कुमार ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और स्वीकृतियां सहजता से दी जा रही हैं और उद्यम स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने इन उद्योगों की स्थापना के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप अधोसंरचना विकास और विशेष सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, जल संसाधन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य-विकास मंत्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, विभागीय अधिकारी, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े मौजूद थे।

इंदौर इंटरनेशनल मेगा फर्नीचर क्लस्टर :

इंदौर शहर के नजदीक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से 20 किलोमीटर धार रोड पर ग्राम बेटमाखुर्द में क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम के तहत एसपीवी के माध्यम से 'इंदौर इंटरनेशनल मेगा फर्नीचर क्लस्टर' का निर्माण तीन से चार चरणों में प्रस्तावित है। इसे 180 हेक्टयर अर्थात 450 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इस क्लस्टर की स्थापना से करीब 12 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। करीब 750 करोड़ रुपए का पूंजी विनियोजन होगा। अनुमानित वार्षिक टर्नओवर 5,000 करोड़ रुपए से अधिक संभावित है। शहर और प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी। निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही प्रौद्योगिकी, कौशल और गुणवत्ता में सुधार होगा। उद्योगों के सहायक कार्यों के लिए स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निर्माण बढ़ने से कीमतों में नियंत्रण बढ़ेगा। फर्नीचर आयात में कमी से विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

इंदौर खिलौना क्लस्टर :

इंदौर स्थित राऊ रंगवासा औद्योगिक क्षेत्र में क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम के तहत एसपीवी के माध्यम से 'इंदौर खिलौना क्लस्टर' का निर्माण 3.5 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने क्लस्टर स्थापना के लिए सभी जरूरी सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस क्लस्टर की स्थापना से प्रथम चरण में 3,000 से अधिक नवीन रोजगार सृजित होगा। इसमें करीब 60 करोड़ रुपए का पूंजी विनियोजन होने की संभावना है। वार्षिक टर्नओवर करीब 250 करोड़ रुपए से अधिक होगा। वैश्विक स्तर पर निर्यात बढ़ेगा। राज्य सरकार की नीति के तहत मध्यप्रदेश में 'खिलौना का हब' बनाने के लिए प्रथम पहल की जा रही है। इंदौर खिलौना क्लस्टर की स्थापना से बच्चों को कम कीमत पर खिलौने उपलब्ध हो सकेंगे। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत गुणवत्तायुक्त खिलौना का उत्पादन बढ़ाकर चाइना जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा के प्रयास किए जाएंगे।

कर्नाटक की कंपनी ने पेश की दवा निर्माण उद्योग की कार्ययोजना :

मुख्यमंत्री के समक्ष भारत सरकार के अंतर्गत उद्यम कर्नाटका एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के अधिकारियों ने दवा निर्माण के लिए उद्योग स्थापना की कार्य-योजना प्रस्तुत की। बताया गया कि मध्यप्रदेश के इंदौर और पीथमपुर तथा अन्य उचित स्थान पर कंपनी द्वारा दवा निर्माण के लिए करीब 300 करोड़ रुपए के पूंजी विनियोजन से 40 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी और करीब 2,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

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