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प्रदेश की भी बिगड़ रही आबो-हवा
प्रदेश की भी बिगड़ रही आबो-हवा|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

छतरपुर: हालात नहीं सुधरे तो यहां भी सांस लेना होगा मुश्किल

छतरपुर, मध्यप्रदेश : प्रदेश की भी बिगड़ रही आबो-हवा, 122 पहुंचा जिले का हवा का इंडेक्स, अब साफ हवा भी बनी एक चुनौती।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। देश की राजधानी दिल्ली को देश का दिल कहा जाता है लेकिन यहां की वर्तमान परिस्थितियां लोगों के फेफड़े खराब करने में लगी है। दिल्ली की हवा इतनी जहरीला हो गई है कि, लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। दिल्ली के हाल पूरे विश्व में फैल गए हैं लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि, जहां हम रह रहे हैं वहां के हालात कैसे हैं। प्रदेश में भी ऑक्सीजन का संकट है। सिंगरौली का एक्यूआई सबसे ज्यादा आ रहा है वही छतरपुर का भी इंडेक्स 122 है।

मिशन ऑक्सीजन के तहत दी जानकारी :

शहर के सनसिटी कॉलोनी में एक पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। जिसके दौरान जीकेटीएस के डायरेक्टर अरूणोदय सिंह परमार ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए मिशन ऑक्सीजन के बारे में जानकारी दी और लोगों को चेताते हुए कहा कि, यदि अभी भी वे नहीं सुधरे तो वायु प्रदूषण जान पर भारी पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जिस तरह से दिल्ली में जहरीला हवा हो गई है उसी तरह धीरे-धीरे मप्र के विभिन्न जिलों में हवा जहरीली होती जा रही है।

चार जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी अधिक है :

प्रदेश के चार जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी अधिक है। सबसे ज्यादा 238 एक्यूआई सिंगरौली का है जबकि जबलपुर का 230, कटनी का 226 और मंडीद्वीप का 210 एक्यूआई है। छतरपुर का एक्यूआई 122 है और यह आंकड़ा फेफड़े के रोगियों के लिए खतरनाक है। पर्यावरण की हालत दर्शाते हुए एक मॉडल तैयार किया गया था, जिसे मीडिया के सामने रखा गया।

केवल 13 जगहों पर लाईव एक्यूआई की सुविधा :

श्री परमार ने बताया कि, हैरानी की बात यह है मप्र में केवल 13 जगहों पर लाईव एक्यूआई जानकारी लेने की सुविधा है। छतरपुर का एक्यूआई पिछले महीने लिया गया था।

शासन को चाहिए कि प्रदेश के सभी 52 जिलों में एक्यूआई जांचने की सुविधा हो। अभी तक स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना शासन के लिए चुनौती था लेकिन अब साफ हवा भी एक चुनौती बन गयी है।

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