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भोपाल से आए जांच दल ने लिया सड़क का सेम्पल
भोपाल से आए जांच दल ने लिया सड़क का सेम्पल|Sanjay Awasthi
मध्य प्रदेश

छतरपुर: भोपाल से आए जांच दल ने लिया सड़क का सेम्पल

छतरपुर, मध्य प्रदेश: नगरीय निकाय विभाग के एक उच्च स्तरीय जांच दल ने छतरपुर के सटई रोड के गुणवत्ताहीन निर्माण की जांच की। पिछले 10 वर्षों के कई निर्माण कार्यों पर सवाल उठाते हुए शिकायत की थी।

Sanjay Awasthi

हाइलाइट्स:

  • उच्च स्तरीय जांच दल द्वारा छतरपुर के सटई रोड के गुणवत्ताहीन निर्माण की जांच
  • पिछले 10 वर्षों के कई निर्माण कार्यों पर सवाल उठाते हुए की थी शिकायत
  • मशीनों द्वारा लिया गया सड़क का सेम्पल
  • घटिया निर्माण पर उठाए गए सवाल

राज एक्सप्रेस। शुक्रवार को भोपाल से आए नगरीय निकाय विभाग के एक उच्च स्तरीय जांच दल ने छतरपुर के सटई रोड के गुणवत्ताहीन निर्माण की जांच की। टीम ने भोपाल से लाए गए जांच संसाधनों के माध्यम से इस सड़क के सेम्पल लिए और नगर पालिका के अधिकारियों से सड़क निर्माण की जानकारी तलब की। उल्लेखनीय है कि, विधायक आलोक चतुर्वेदी के द्वारा छतरपुर नगर पालिका के पिछले 10 वर्षों के कई निर्माण कार्यों पर गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के सवाल उठाते हुए नगर प्रशासन मंत्रालय से इसकी शिकायत की थी। शिकायत के उपरांत नगरीय प्रशासन मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया है।

लिया गया सड़क का सेम्पल :

शुक्रवार को भोपाल से आए नगरीय निकाय के संयुक्त संचालक अनिल कुमार गौड़, सहायक यंत्री निखिल सिंह, सहायक यंत्री कुलदीप सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में सटई रोड पर डॉ. नरेन्द्र पाण्डेय के समीप मशीनों से सड़क का सेम्पल लिया गया। जांच दल ने बताया कि, पिछले 10 वर्षों में नगर पालिका छतरपुर के द्वारा किए गए, सड़क निर्माण, दुकानों के निर्माण, आवंटन आदि लगभग 10 बिन्दुओं पर शिकायत प्राप्त हुई थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जांच दल का यह तीसरा दौरा था।

घटिया निर्माण पर सवाल उठाया :

उल्लेखनीय है कि, पिछले दिनों विधायक आलोक चतुर्वेदी ने सटई रोड का भ्रमण करते हुए, इस सड़क निर्माण में हो रही देरी और इसके घटिया निर्माण पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मौके पर ही नगर पालिका के अधिकारियों और जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चन्द्रा को बुलाकर इसकी सेम्पलिंग कराई थी। विधायक का कहना है कि, भाजपा के कार्यकाल में पिछले 10 वर्षों में छतरपुर नगर पालिका के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। भ्रष्टाचार के इन मामलों की जांच कराई जाएगी।