अधिकारी-कर्मचारियों की टालने, फाइल लटकाने की मानसिकता बदलना जरूरी : शिवराज
CM शिवराज सिंह ने सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक लीSocial Media

अधिकारी-कर्मचारियों की टालने, फाइल लटकाने की मानसिकता बदलना जरूरी : शिवराज

भोपाल, मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों की टालने, फाइल लटकाने और आलस भरी मानसिकता बदलने की जरूरत है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों की टालने, फाइल लटकाने और आलस भरी मानसिकता बदलने की जरूरत है। श्री चौहान आज यहां मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन दीप्ति गौड़ मुखर्जी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों में नैतिक उन्नयन के साथ ही कौशल उन्नयन और सेल्फ लर्निंग की प्रवृत्ति विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए आनंद मंत्रालय के अल्पविराम कार्यक्रम के साथ अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ प्रेरणास्पद गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

श्री चौहान ने कहा कि मंत्रालय में कार्य-क्षमता बढ़ाने के लिए निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। मंत्री सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव स्तर के अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यालयों का आवश्यक रूप से निरीक्षण करें। साथ ही राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी जिलों और विकास खंड का दौरा करें। उन्होंने कहा कि जिलों में पदस्थ अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दौरों की राज्य स्तर से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दौरों का रिकॉर्ड निश्चित समय-सीमा में सामान्य प्रशासन विभाग को प्राप्त हो और उनका ऑनलाइन सुपरविजन हो, यह व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। दौरा डायरी के डिजिटल स्वरूप का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कर्मचारी आयोग का गठन तत्काल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर भर्ती शासन के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक है। अत: रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रतिवर्ष संचालित हो। उन्होंने कहा कि बैकलॉग के जितने भी पद हैं, उन पर भर्ती की प्रक्रिया वर्ष 2022 में आरंभ की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय जाँच की अधिकतम समय-सीमा तय की जाए। विभागीय जाँचों में हो रहे विलंब को रोकने के लिए आईटी का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शासकीय कार्य के लिए शासकीय ई-मेल का ही उपयोग हो।

मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने कहा कि यह वर्ष प्रशासनिक संरचनाओं के पुनर्जीवन और दक्षता संवर्धन को समर्पित होगा। बैठक में आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में आउटपुट और आउटकम के संबंध में उपलब्धियों तथा चुनौतियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि ई-ऑफिस परियोजना का क्रियान्वयन मंत्रालय के 54 विभाग, 72 विभाग अध्यक्ष कार्यालय, 3 संभागायुक्त कार्यालयों और 16 जिला कार्यालय में किया जा रहा है।

शासकीय रिकार्डों के डिजिटलीकरण की दिशा में जारी गतिविधियों से भी बैठक में अवगत कराया गया। जानकारी दी गई कि विभागीय जाँच पोर्टल का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सामान्य प्रशासन, राजस्व, उच्च शिक्षा, जल संसाधन तथा कृषि विभाग में इसे लागू कर परीक्षण किया जा रहा है।

बैठक में कर्मचारियों के कौशल उन्नयन सेल्फ लर्निंग पोर्टल के माध्यम से दक्षता संवर्धन, सेवानिवृत्ति संबंधित समस्याओं को कम करने, मंत्रालय में कोविड अनुकूल व्यवहार के पालन, भविष्य की आवश्यकता अनुरूप शासकीय विभागों की संरचना तैयार करने और वर्ष 2022 के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।

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