जबलपुर में भूकंप से कांपी धरती, 3.4 रिक्टर थी तीव्रता, लोगों को नहीं हुआ अहसास
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जबलपुर में भूकंप से कांपी धरती, 3.4 रिक्टर थी तीव्रता, लोगों को नहीं हुआ अहसास

जबलपुर, मध्यप्रदेश : भूकंप के लिए संवेदनशील माने जाने वाले मप्र के जबलपुर शहर में कम तीव्रता के झटके महसूस किए गए। विभागीय ट्वीट जब सोशल मीडिया में शेयर हुआ, तब लोगों को भूकंप की जानकारी लगी।

जबलपुर, मध्यप्रदेश। भूकंप के लिए संवेदनशील माने जाने वाले मप्र के जबलपुर शहर में कम तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इस बारे में नेशनल सेंटर फॉर सीसमोलॉजी द्वारा एक ट्वीट किया गया है। ट्वीट के मुताबिक 10 किमी गहराई और 80.36 किलोमीटर लंबाई मापी गई है। ट्वीट में भूकंप एप का स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए भूकंप की तीव्रता 3.4 मैग्नीटयूड दर्ज होना बताई गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीसमोलॉजी के अनुसार जबलपुर में सोमवार को 1 बजकर 23 मिनट 15 सेकेण्ड पर भू-हलचल हुई। कम अवधि और कम तीव्रता होने के कारण स्थानीय लोगों को भूकंप के झटकों का अहसास नहीं हो पाया। विभागीय ट्वीट जब सोशल मीडिया में शेयर हुआ, तब लोगों को भूकंप की जानकारी लगी। आपको बता दे कि भूकंप के लिहाज से जबलपुर और उसके आसपास का इलाका संवेदनशील है। यहां 1997 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद जबलपुर को भूकंप के जोन-3 में रखा गया है।

22 मई 1997 को जब 6.2 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था, तब शहर और आसपास के इलाकों में जमकर तबाही मची थी। उस वक्त 41 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे। निजी-सरकारी भवन बड़ी तादात में क्षतिग्रस्त भी हुए थे।

आपदा प्रबंधन की सूची में जबलपुर देश 38 और प्रदेश के 16 अति संवेदनशील शहरों में शामिल है। भू वैज्ञानिकों के मुताबिक यहां भूकंप आने की आशंकाएं अन्य जगहों की अपेक्षा कहीं ज्यादा रहती हैं।जबलपुर, (आरएनएन)। शहर भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। इसकी पुष्टि सोमवार को आए हल्के भूकंप के रूप में हुई। जबलपुर में सोमवार को भूकंप का झटका आया। भूकंप की तीव्रता 3.4 मैग्नीट्यूड बताई गई है। भूकंप की तीव्रता इतनी कम थी कि किसी को महसूस नहीं हुआ। मौसम विभाग कार्यालय के अनुसार प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जून को दोपहर 01.23 बजे भूस्थानिक केंद्र 23.15 डिग्री उत्तर अक्षांश, 80.36 डिग्री पूर्व देशांतर जबलपुर, मध्य प्रदेश में 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ है, जिसका हाइपोसेंटर 10 किमी गहराई पर था। अभी तक किसी जनहानिक की कोई सूचना नहीं है। जिला प्रशासन और भूकंप वेधशाला के विज्ञानी भी इस बारे में कुछ भी नहीं बता सके। भोपाल में मौसम विभाग के वरिष्ठ विज्ञानी डा. वेद प्रकाश सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि भूकंप के झटके अभी उमरिया समेत जबलपुर संभाग के कई जिलों में आने की उम्मीद है। उनके अनुसार इन झटकों की तीव्रता कम होगी। उन्होंने कहा कि समय से पहले बारिश होने की वजह से भूकंप आ रहा है।

डा. वेद के मुताबिक उमरिया, जबलपुर, कटनी, डिंडौरी, मंडला, दमोह में चूने की चट्टाने हैं, जहां बारिश का पानी जमीन के अंदर जब पहुंचता है तो गैस बाहर निकलती है। जमीन के भीतर जो गैप बनता है उसे भरने के लिए जमीन में हल्की हलचल होती है। उन्होंने कहा कि भूकंप के जो भी झटके आने की संभावना है वो कम तीव्रता के होंगे। पिछले साल सिवनी और छिंदवाड़ा में आठ से दस बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। दिल्ली की भूकंप वेधशाला के विज्ञानी ने बताया कि जबलपुर-कुंडम और नारायणगंज में भूकंप के हल्के झटके आए थे।

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