जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अवैधानिक : हाईकोर्ट ने आदेश किए जारी
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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अवैधानिक : हाईकोर्ट ने आदेश किए जारी

जबलपुर, मध्यप्रदेश: उच्च न्यायालय ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को अवैधानिक करार देते हुए सभी जूनियर डाक्टरों को 24 घंटों में काम लौटने के आदेश दिये हैं।

जबलपुर, मध्यप्रदेश। वैश्विक महामारी कोरोना संकट का दौर जहां जारी है वहीं दूसरी तरफ संकट के माहौल में कई मुद्दों पर फैसले सामने आ रहे हैं बीते दिनों से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल मामले में जबलपुर उच्च न्यायालय ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को अवैधानिक करार देते हुए सभी जूनियर डाक्टरों को 24 घंटों में काम पर लौटने के आदेश दिये हैं।

हाईकोर्ट ने जारी आदेश के तहत कही ये बात

इस संबंध में बताते चलें कि, मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक तथा न्यायाधीश सुजय पॉल की युगलपीठ ने प्रदेशव्यापी जूनियर डॉक्टरों की हडताल को अवैध करार दिया है। युगलपीठ ने जूनियर डॉक्टरों को 24 घंटो में काम पर लौटने के आदेश दिये हैं। जिसके तहत कहा कि, निर्धारित समय सीमा पर जूनियर डॉक्टर हड़ताल समाप्त कर काम पर नहीं लौटते है तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। युगलपीठ ने कोरोना महामारी काल में जूनियर डॉक्टर के हड़ताल पर कहा है कि विपत्तिकाल में जूनियर डॉक्टर की हड़ताल को किसी प्रकार से प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है।

अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने जूडा की हड़ताल के खिलाफ की थी याचिका दायर

इस संबंध में बताते चलें कि, जबलपुर स्थित सिविल लाइन निवासी अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने जूनियर डॉक्टर की प्रदेशव्यापी हडताल के खिलाफ याचिका दायर किया था। आवेदन में कहा गया था कि चिकित्सा संघ द्वारा प्रदेशव्यापी हडताल के खिलाफ साल 2014 में उक्त याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 25 जुलाई 2018 को जारी अपने आदेश में चिकित्सा सेवा को अतिआवश्यक सेवा घोषित किया था। अत्यावश्यक सेवा संधारन के तहत चिकित्सा सेवा के कर्मचारी सामुहिक अवकाश तथा हड़ताल पर नहीं जा सकते है। उक्त आदेश के बाद भी प्रदेश के जूनियर डॉक्टर 31 मई से हड़ताल पर है। उन्होंने कोरोना वार्ड में भी अपनी सेवा प्रदान करना बंद कर दी है।

अधिवक्ता ने दायर याचिका के तहत कही ये बात

इस संबंध में, याचिका में बताया गया कि कोरोना महामारी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण स्वास्थ सेवाएं प्रभावित हो रही। ऐसे में पूर्व में पारित आदेश का परिपालन नहीं करने पर हड़तालरत जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाये। इसके अलावा उनके खिलाफ इंडियन मेडिकल काउसिंल रेगुलेशन 2002, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाये। सरकार को ओपीडी तथा स्वास्थ सेवा सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिये जाये।याचिका पर आज हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने जूनियर डॉक्टर मेडिकल एसोसिएशन को हड़ताल वापस लेने के लिए दोपहर ढाई बजे तक का समय प्रदान किया। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया हैं।

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