शहडोल : एसपी की निगरानी में होगी जिया की मौत की जांच

शहडोल, मध्य प्रदेश : अदालत ने शहडोल पुलिस अधीक्षक को आदेश दिये हैं कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक इस मामले में संतुष्ट होंगे कि कोई भी दूसरी जांच की आवश्यकता नहीं है।
शहडोल : एसपी की निगरानी में होगी जिया की मौत की जांच
एसपी की निगरानी में होगी जिया की मौत की जांचAfsar Khan

शहडोल, मध्य प्रदेश। जिले के केशवाही चौकी के ग्राम पड़रिया में 3 जुलाई को 15 वर्षीय मासूम वंशिका पटेल उर्फ जिया की 4 फिट गहरे सैप्टिक टैंक में शव मिला था। पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए जांच शुरू की थी, लेकिन परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताते हुए कुछ संदेहियों के नाम भी पुलिस को दिये थे, लेकिन पूरी विवेचना में पुलिस के हाथ खाली रहे, मृतिका के पिता अधिवक्ता बृजकिशोर पटेल ने पूरे मामले की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग करते हुए याचिका उच्च न्यायालय में दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने सीबीआई से जांच की मांग को खारिज करते हुए पुलिस अधीक्षक की निगरानी में किसी दूसरे अधिकारी से कराने के आदेश जारी किये हैं।

दूसरे पुलिस अधिकारी से कराये जांच :

वीडियो कांफ्रेंस से हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीश संजय द्विवेदी ने सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी से जांच कराने की मांग को खारिज करते हुए जिया की मौत के मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक शहडोल की निगरानी में करने के आदेश दिये हैं। पूरे मामले की दूसरे पुलिस अधिकारी के माध्यम से जांच कराई जाये, इतना ही नहीं पीठ ने जांच को जल्द से जल्द पूरा करने के भी आदेश पारित किये हैं।

सही तरीके से हो मामले की तफतीश :

अधिवक्ता बृजकिशोर पटेल के द्वारा अपनी पुत्री जिया की मौत के मामले में लगाई गई याचिका में अदालत ने शहडोल पुलिस अधीक्षक को जांच जल्द से जल्द बेहतर तरीके से कराने के अलावा आदेश दिये हैं कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक इस मामले में संतुष्ट होंगे कि कोई भी दूसरी जांच की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि जांच की प्रक्रिया निष्पक्ष और सही रूप से होनी चाहिए।

पुलिस बता रही हादसा :

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता योगेश कुमार बघेल ने अदालत में तर्क दिया था कि परिजनों ने पुलिस को जिया की मौत के मामले में हादसा नहीं बल्कि हत्या का भी संदेह जताते हुए कुछ लोगों के नाम भी बताये थे, लेकिन जांचकर्ता अधिकारी ने सही तरीके से जांच नहीं की। इसलिए सच्चाई को सामने लाने के लिए सीबीआई जांच के लिए याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से योगेश सिंह बघेल ने पैरवी की, वहीं शासन की ओर से पैनल लॉयर जूबिन प्रसाद ने शासन का पक्ष रखा।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

Raj Express
www.rajexpress.co