पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ही रहेंगे
कैलाश विजयवर्गीय और डॉ. नरोत्तम मिश्रा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिलRaj Express

पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ही रहेंगे

विजयवर्गीय के अलावा मध्यप्रदेश से बतौर सांसद राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सांसद नरेंद्रसिंह तोमर, डॉ. वीरेंद्र खटीक, ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम शामिल है।

हाइलाइट्स :

  • भाजपा की 80 सदस्यीय कार्यकारिणी घोषित।

  • विधायकों में केवल नरोत्तम मिश्रा को कार्यकारिणी में जगह मिली।

राज एक्सप्रेस। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की आवाज बुलंद करने और विधायकों की संख्या तीन से 77 तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को फिर से राज्य का प्रभारी बनाया गया है। विजयवर्गीय के अलावा मध्यप्रदेश से बतौर सांसद राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सांसद नरेंद्रसिंह तोमर, डॉ. वीरेंद्र खटीक, ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम शामिल हैं। तोमर, सिंधिया और खटीक केंद्र में मंत्री हैं। नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश के गृहमंत्री हैं। विधायकों में से केवल डॉ. मिश्रा को ही कार्यकारिणी में लिया गया है।

पश्चिम बंगाल में लगातार जारी हिंसा, भाजपा नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला और पार्टी की अंदरूनी खींचतान बढऩे के बाद विजयवर्गीय पर ही भरोसा जताया गया है। राष्ट्रीय मंत्री अरविंद मेनन और आईटी सैल के प्रमुख अमित मालवीय को बंगाल का सहप्रभारी बरकरार रखा गया है।

चुनाव के हार के बावजूद भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय पर भरोसा जताया है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों में राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय के साथ राष्ट्रीय सचिव सांसद ओमप्रकाश धुर्वे, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष सांसद सुधीर गुप्ता, विशेष आमंत्रित सदस्य में सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, सांसद संध्या राय, एससी मोर्चा में मध्यप्रदेश से लालसिंह आर्य, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, संसद में मुख्य सचेतक सांसद राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष में सांसद विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री में सुहास भगत, हितानंद शर्मा, संघटक में भोपाल से भगवत शरण माथुर हैं। प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ही रहेंगे और सहप्रभारी के तौर पर पंकजा मुंडे हैं।

इस प्रकार राष्ट्रीय कार्यसमिति में कुल 80 सदस्य हैं। इनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ.मुरली मनोहर जोशी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, राज्यसभा में सदन के नेता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय कार्यसमिति में 50 विशेष आमंत्रित और 179 स्थायी आमंत्रित बनाए हैं। भाजपा के सभी मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सहित विभिन्न विधानसभा एवं विधान परिषद में विधायक दल के नेता, पूर्व उप मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता, राष्ट्रीय मोर्चा अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, सहप्रभारी प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री संगठन और संगठक कार्यकारिणी में शामिल किए गए हैं। पश्चिम बंगाल से भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छह सदस्य लिए गए हैं। मिथुन चक्रवर्ती, दिनेश त्रिवेदी, स्वप्न दासगुप्ता, भारती घोष, अनिर्बन गांगुली और मुकुट मनी अधिकारी को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। मिथुन चक्रवर्ती और दिनेश त्रिवेदी विधानसभा चुनाव से पहले ही तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

उत्तर प्रदेश से कार्यकारिणी में सबसे ज्याद 13 सदस्य शामिल किए गए हैं। वाराणसी से सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी के साथ बरेली से सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री दारा सिंह चौहान, स्वामी प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक तथा राज्यसभा सदस्य अनिल जैन भी उत्तर प्रदेश से भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हैं। किसान आंदोलन को लेकर लगातार पार्टी के फैसलों पर विरोध जता रहे पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी के साथ सुलतानपुर से सांसद उनकी माता पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक व स्वामी प्रसाद मौर्य को कार्यकारिणी में पहली बार शामिल किया गया है। बताया गया है कि मेनका और वरुण का कार्यकारिणी में न लेने का फैसला लखीमपुर खीरी की हिंसा से पहले ही हो गया था।

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