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Kaladev Dussehra
Kaladev Dussehra|Priyanka Sahu -RE
मध्य प्रदेश

विदिशा: कालादेव में अनूठे ढंग से दशहरा मनाए जाने की परंपरा

लटेरी, विदिशा: कालादेव गांव में हर दशहरे पर एक ऐसी घटना होती है, जिसे चमत्कार कहा जा सकता हैं। इस गांव में रावण की एक विशाल प्रतिमा भी स्थित है, यहां परम्परागत रूप में राम-रावण युद्ध होता है।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। मध्य प्रदेश के कालादेव में अनोखा दशहरा (Kaladev Dussehra) मनाया जाता है। यहां दशानन रावण को जलाया नहीं जाता, बल्कि पूजा जाता है। विदिशा जिले की लटेरी तहसील में स्थित ग्राम कालादेव गांव में हर दशहरे पर एक ऐसी घटना होती है, जिसे चमत्कार ही कहा जा सकता हैं। इस गांव में रावण की एक विशाल काय प्रतिमा स्थित है। इसके सामने एक ध्वज गाड़ दिया जाता है, यह ध्वजा राम तथा रावण के युद्ध का प्रतीक होती है।

इस युद्ध के दौरान एक तरफ कालादेव के लोग रामदल के रूप में आगे बढ़ते हुए इस ध्वजा को छूने का प्रयास करते हैं, तो वहीं दूसरी ओर रावण दल के लोग उन पर गोफन से पत्थरों की बरसात करते है, लेकिन चमत्कार की बात यह कि, गोफन से निकले यह पत्थर रामादल के लोगों को नहीं लगते। इससे भी बड़ी बात यह है कि, यदि कोई व्यक्ति कालादेव का निवासी न हो और रामादल में शामिल हो जाऐ, तो उसे गोफन से फैंंके हुऐ पत्थर लग जाते हैं, लेकिन कालादेव गांव के किसी भी व्यक्ति को यह पत्थर नहीं लगते, बल्कि मैदान से अपनी दिशा बदलकर निकल जाते हैं। मध्य प्रदेश के कालादेव मेंं इस तरह के दशहरे की यह परम्परा कब से चली आ रही है, इसके विषय में कोई नहीं जानता।