Raj Express
www.rajexpress.co
यूरिया संकट से किसानों को राहत देगा कमलनाथ सरकार का कॉल सेंटर
यूरिया संकट से किसानों को राहत देगा कमलनाथ सरकार का कॉल सेंटर |Social Media
मध्य प्रदेश

यूरिया संकट से किसानों को राहत देगा कमलनाथ सरकार का कॉल सेंटर

मध्य प्रदेश के किसानों को यूरिया की कमी न हो इसके लिए सरकार जोर-शोर से लगी हुई है। आखिर कैसे किसानों को यूरिया संकट से निकलने के लिए कमल नाथ सरकार का कॉल सेंटर कार्य करेगा।

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य हैं इसलिए सरकार की ओर किसानों की उम्मीद भरी नज़रें हमेशा टिकीं रहती हैं। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में यूरिया खाद का संकट बना हुआ है, किसान सड़कों पर उतर रहे हैं। खाद वितरण व्यवस्था में प्रशासनिक अमले और पुलिस महकमे की मदद लेनी पड़ रही है। सरकार किसानों को यूरिया उपलब्ध कराने का वादा कर रही है, साथ ही उसने शिकायत के लिए कॉल सेंटर स्थापित कर दिया है। राज्य में रबी की खेती के लिए किसानों को यूरिया खाद की आवश्यकता है। खाद वितरण केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। खाद की कमी की बात सामने आने पर किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं।

राज्य में गहराते यूरिया संकट को लेकर बीजेपी ने सरकार के दावों पर सवाल उठाया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का कहना है, 'मुख्यमंत्री कमलनाथ दावे कर रहे हैं कि, यूरिया का संकट नहीं है। किसानों को परेशानी नहीं है। तो फिर मुख्यमंत्री आप बताएं कि, किसानों को यूरिया के बदले लाठियां क्यों मिल रही हैं। क्यों यूरिया के लिए किसानों की कतारें लग रही हैं। पुलिस थानों से यूरिया क्यों बांटा जा रहा है?'

कृषि मंत्री सचिन यादव का दावा है, 'इस साल पिछले साल से ज्यादा यूरिया आ रहा है। सरकार किसी भी स्थिति में किसानों को यूरिया के लिए परेशान नहीं होने देगी। भोपाल में किसानों की शिकायत और समस्याओं को जानने के लिए राज्यस्तरीय यूरिया वितरण शिकायत कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका टेलिफोन नंबर 0755-2558823 है। इस पर किसान कार्यालय के समय सुबह 10 से शाम 5:30 बजे तक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।'

कृषि मंत्री के मुताबिक, वह यूरिया वितरण प्रणाली पर स्वयं नजर रखे हुए हैं। कक्ष में सहायक संचालक स्तर के 13 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी दिन भर में आई शिकायतों का निपटारा करने के बाद शाम को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिसकी समीक्षा की जाएगी। अब देखना होगा सरकार के इन प्रयत्नों से किसानों को कितना फायदा होता है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।