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मुख्यमंत्री कमलनाथ
मुख्यमंत्री कमलनाथ|Social Media.
मध्य प्रदेश

"मुख्यमंत्री गौ-सेवा योजना'' पर आपस में बंटी कांग्रेस, ट्विटर पर हुआ घमासान

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एक हजार गौ-शालाएं बनाने और इस काम को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर खड़े किए सवाल, मुख्यमंत्री को क्या नसीहत दी?

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में एक हज़ार गौ-शालायें बनाने और इस काम को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी होगी।

कमल नाथ ने बताया कि अगले वर्ष तक प्रदेश में तीन हजार गौ-शालाएँ बनाने का लक्ष्य है। इसकी पूरी योजना, निर्माण स्थल का चयन और सभी प्रक्रियाओं को दिसम्बर 2019 तक पूरा किया जाना है। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय में प्रोजेक्ट गौ-शाला की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में गौ-रक्षा एवं निराश्रित गायों के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान को "मुख्यमंत्री गौ-सेवा योजना'' नाम दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर निराश्रित गायों की रक्षा और आवारा पशुओं के कारण आम आदमी को होने वाली समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ-शालाओं के निर्माण में जो भी दिक्कतें हैं, वे उनके ध्यान में लाई जाएँ ताकि उनका तत्काल निराकरण हो सके। धन की कमी इस काम में आड़े नहीं आना चाहिए। श्री कमल नाथ ने गौ-शाला निर्माण एवं संचालन करने वाले ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग में बेहतर ताल-मेल की आवश्यकता बताई ताकि सभी काम निर्बाध रूप से त्वरित गति से हो सकें। मुख्यमंत्री ने बैठक में गौ-शालाओं के निर्माण की प्रगति और गौ-संरक्षण के लिए निजी क्षेत्रों द्वारा की गई पहल के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने मंडी बोर्ड से पशुपालन विभाग को चारे के लिए मिलने वाली राशि का उपयोग गौ-संरक्षण के अन्य कार्यों में किए जाने पर अपनी सहमति प्रदान की।