ग्वालियर : भाजपा के नेताओं की फौज से अकेले लड़ रहे कमलनाथ

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : प्रचार से दिग्गी गायब, पीछे रहकर बना रहे रणनीति। विधानसभा के हिसाब से नेताओं को कर रखा है कांग्रेस ने तैनात।
ग्वालियर : भाजपा के नेताओं की फौज से अकेले लड़ रहे कमलनाथ
भाजपा के नेताओ की फौज से अकेले लड़ रहे कमलनाथSocial Media

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी संख्या में उप चुनाव हो रहे हैं जो शायद देश के किसी भी राज्य में नहीं हुए होंगे। इस उप चुनाव में खास बात यह है कि कांग्रेस की तरफ से फिलहाल कमलनाथ अकेले मोर्चा संभाले हुए है जबकि भाजपा के नेताओ की सूची काफी लम्बी है। दिग्गी राजा इस उप चुनाव में एक तरह से परिदृष्य से गायब है, क्योंकि उनको रणनीति बनाने की जिम्मेदारी दे रखी है जो वह बखूबी निभा रहे हैं।

चुनाव कोई भी हो उसमें नेता आते है ओर भाषण देकर जनता को वादे कर चले जाते हैं, अब उन वादों में से कितने पूरे किए गए इसका हिसाब न नेता देते हैं और न जनता पूछती है। यही कारण है कि चुनाव के समय जो भी नेता आता है वह ऐसे वादे करता है जिसे पूरा करना संभव ही नहीं है, लेकिन यह बात नेताजी जानते हैं कि कहने में क्या लग रहा है, चुनाव जीत गए फिर कौन पूछने वाला। लेकिन राजनीतिक दलो के नेताओ को यह नहीं पता कि अब जनता काफी सजग हो गई हैं और वह हर वादे को ध्यान में रखती है उसी के हिसाब से अपना निर्णय देती है। उप चुनाव में भाजपा ने एक तरह से पूरी ताकत झोंक दी है, क्योंकि उसके लिए यह उप चुनाव सत्ता में बने रहने का है, जबकि कांग्रेस ने इस चुनाव को आम जनता का बनाकर साफ कह दिया है कि यह उप चुनाव कांग्रेस का नहीं बल्कि आम जनता का है। उप चुनाव में कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ अकेले कमान संभाले हुए है और हर उप चुनाव वाले क्षेत्र में जाकर सभाएं कर जनता से कह रहे है कि गद्दारी करने वालो को माफ मत करना। वहीं भाजपा की तरफ से प्रचार करने वाले नेताओं की सूची काफी लम्बी है इसमें सिंधिया भी जमकर पसीना बहा रहे है, वह कांग्रेस के गद्दारी वाले सवाल पर कह चुके है कि गद्दारी हमने नहीं बल्कि कांग्रेस ने जनता से की थी। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पूरी दमखम लगाकर जनता को यह समझा रहे है कि विकास काम कमलनाथ ने अंचल में रोक दिए थे। अब जनता किसकी बात पर भरोसा करेगी यह तो परिणाम आने पर ही पता चलेगा, लेकिन बाजार एवं मौहल्लो में बिकाऊ शब्द जमकर गूंज रहा है।

उप चुनाव में प्रचार से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पर्दे के पीछे कर दिया है और उनको रणनीति बनाने के साथ ही शिकायतें करने की जिम्मेदारी दे रखी है। अब वह अपनी रणनीति बनाने में कितने सफल होते है यह तो परिणाम आने पर ही पता चलेगा। वहीं कांग्रेस के विधायक लगातार टूटते जा रहे है उसको रोकने के लिए कांग्रेस के पास फिलहाल कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहा है।

कमलनाथ कल आएंगे, पूर्व व ग्वालियर में लेंगे सभाएं :

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ 27 अक्टूबर को ग्वालियर आएंगे। इस दौरान वह कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में ग्वालियर पूर्व व ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र मेें सभाएं करने के साथ ही ग्वालियर के नेताओं के साथ चर्चा कर चुनावी समीक्षा कर यहां की वस्तुस्थिति से अवगत होंगे। शहर कांग्रेस ने कमलनाथ के आगमन की खबर मिलने के बाद तैयारी शुरू कर दी है।

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