हनीट्रैप मामले में अपने बयान को लेकर फंसे कमलनाथ, SIT ने जारी किया नोटिस
हनीट्रैप मामले में अपने बयान को लेकर फंसे कमलनाथSyed Dabeer Hussain - RE

हनीट्रैप मामले में अपने बयान को लेकर फंसे कमलनाथ, SIT ने जारी किया नोटिस

भोपाल, मध्यप्रदेश। हनीट्रैप की पेनड्राइव अपने पास होने का दावा कर कमलनाथ मुश्किल में फंस गए हैं, एमपी हनीट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी ने कमलनाथ को नोटिस थमा दिया है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। प्रदेश में जहां कोरोना का कहर जारी है, इस बीच हनीट्रैप की पेनड्राइव अपने पास होने का दावा कर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मुश्किल में फंस गए हैं, हनीट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के हनीट्रैप वाले बयान को अपनी जांच में शामिल कर लिया है, इस मामले की जाँच कर रही SIT ने उनसे पेन ड्राइव जाँच को सौंप एजेंसी को देने का नोटिस भेजा।

हनीट्रैप की पेन ड्राइव मामले में एसआईटी ने जारी किया नोटिस

बता दें कि इस मामले में एसआईटी नोटिस जारी कर कमलनाथ से हनीट्रैप की पेन ड्राइव मांगी है, साथ ही एसआईटी इस मामले में कमलनाथ से दो जून को पूछताछ करने के लिए श्यामला हिल्स स्थित आवास पर भी पहुंचेगी, बता दें कि एसआईटी के नोटिस के बाद कमलनाथ की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

नोटिस जारी
नोटिस जारीSocial Media

उमंग सिंघार के बचाव में नाथ ने कहा था कि मेरे पास हनीट्रैप की पेन ड्राइव

बता दें कि कुछ दिन पहले पूर्व मंत्री उमंग सिंघार की महिला मित्र ने भोपाल में खुदकुशी कर ली थी, खुदकुशी के अगले दिन पुलिस ने उमंग सिंघार के ऊपर मामला दर्ज किया है। उसके बाद कांग्रेस बचाव में आ गई थी, इस बीच कमलनाथ ने कहा था कि हमारे पास भी हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। कमलनाथ के बयान को लेकर विवाद बढ़ा है।

कमलनाथ को जारी नोटिस के मुताबिक विवेचना अधिकारी 2 जून को उनके घर जाकर उनके बयान लेने के साथ ही पेन ड्राइव भी लेंगे। वहीं इस मामले में कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि ओरिजिनल पेन ड्राइव या सीडी उनके पास है। यह तो बंद कमरे की मीटिंग की हवा-हवाई से उड़ी खबर है, यदि किसी के पास कमलनाथ के कथन का कोई वीडियो या प्रमाण हो तो उसे सार्वजनिक करे।

कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी का बयान

इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन जांचों को एसआईटी को आगे बढ़ाना चाहिए, एसआईटी वो जांच आगे बढ़ाने की बजाय कमलनाथ को टारगेट कर रही है, क्योंकि कमलनाथ जनता के मूल मुद्दे उठा रहे हैं। यही कारण है कि शिवराज सरकार एसआईटी का प्रयोग राजनीति से प्रेरित होकर कर रही है।

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