के. के. मिश्रा ने बिजली कटौती को लेकर प्रद्युम्न सिंह तोमर पर लगाए आरोप

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस का ऊर्जा मंत्री पर आरोप। आने वाले समय में उपचुनाव देखते हुए आगे भी आरोप-प्रत्यारोप का खेल रहेगा।
के. के. मिश्रा ने बिजली कटौती को लेकर प्रद्युम्न सिंह तोमर पर लगाए आरोप
जनरेटर-इन्वर्टर वालों से सांठगांठ, इसलिए हो रही कटौतीRaj Express

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। उप चुनाव को लेकर अब कांग्रेस भी फ्रंटफुट पर आकर खेलने लगी है और यही कारण है कि अभी तक सिंधिया पर जो आरोप लगाए जाते रहे हैं उसको छोड़कर अब सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर हमला तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस एवं ग्वालियर चंबल संभाग के प्रभारी प्रवक्ता केके मिश्रा ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जनरेटर व इन्वर्टर वालों से सांठगांठ के कारण ही बिजली कटौती का खेल खेला जा रहा है।

मिश्रा ने आरोप लगाया कि बिजली बिल के नाम पर उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है और जिसके बिल 2 हजार आते थे उसके अब 20 हजार आ रहे है। लॉक डाउन में उद्योग धंधे बंद रहे थे जिसके कारण राजस्व का जो नुकसान हुआ था उसकी भरपाई आम जनता से की जा रही है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार भी जबरिया है और लूट भी जबरिया की जा रही है। बिजली कटौती को लेकर मिश्रा ने कहा कि यह जानबूझकर जनरेटर व इन्वर्टर वालो को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है, क्योंकि जब पर्याप्त बिजली है तो फिर कटौती क्यों? प्रदेश के ऊर्जा मंत्री भी जबरिया मंत्री है और जब उनके क्षेत्र में ही कई घंटो की बिजली कटौती की जा रही है तो फिर प्रदेश के अन्य जिलो का हाल क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा ने बताया कि अब तो हालत यह है कि जो उपभोक्ता बिजली कटौती को लेकर लगातार शिकायतें करते थे उनके फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिए गए हैं जिसके कारण शिकायतें भी नहीं कर पा रहे हैं। अब यह क्यों किया जा रहा है इसका जवाब ऊर्जा मंत्री को देना चाहिए।

करोड़ों की सुरक्षा निधि का पैसा कब लौटाओगे :

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मिश्रा ने आरोप लगाया कि ग्वालियर संभाग में लोगों से सुरक्षा निधि के नाम पर 55 करोड़ की राशि जमा है। इस राशि को जब उपभोक्ता लेने के लिए बिजली विभाग जाता है तो उसे लौटा दिया जाता है। अब ऊर्जा मंत्री ग्वालियर के है तो उनको यह बताना चाहिए कि उपभोक्ताओं से वसूले सुरक्षा निधि की 55 करोड़ की राशि कब लौटाओगे। मिश्रा ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक इस्तिहार निकाला था जिसमें नारा लिखा था कि हमारा संकल्प सस्ती ओर निर्बाध बिजली। अब आप निर्बाध का मतलब तो समझ ही गए होगे कि किस तरह से बिजली मिल रही है ओर सस्ती बिजली देने के नाम पर 10 से 20 गुना बिल थमाएं जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री के जिले में ही 5-5 घंटे की बिना सूचना दिए कटौती की जा रही है ओर मैंटननेंस बारिस के पहले होता है, लेकिन जो अभी भी जारी है।

कोरोना में भी बिल भरोना :

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को सस्ती बिजली देने का वादा करती थी वह अब आम लोगों को लूटने में लग गई है। कोरोना काल में भी बिजली बिल भरोना का खेल चल रहा है ओर जो बिल नहीं भरता उसका कनेक्शन काट दिया जाता है। एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने बताया कि नाली नाला साफ करने का काम नगर निगम का है, लेकिन यहां तो ऊर्जा मंत्री ही फोटो सेंशन कराने के लिए नालो में कूद रहे है, लेकिन जिस विभाग का जिम्मा उनके पास है उसकी व्यवस्था कैसी चल रही है ओर लोग बिजली कटौती से परेशान क्यों हो रहे है इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। मिश्रा ने बताया कि कमलनाथ की सरकार ने 100 यूनिट 100 रुपए बिल की योजना चला कर आम गरीबो को लाभ पहुंचाने का काम किया था, लेकिन जैसे प्रदेश में जबरिया सरकार बनी तो आम लोगों से जबरिया वसूली का खेल शुरू हो गया।

पत्रकारवार्ता में मिश्रा ने शहर के क्षेत्रवार बिजली कटौती की स्थिति के आंकड़े भी बताएं। यह पहला मौका है जब मिश्रा ने सिंधिया के खिलाफ कोई बात नहीं की। पत्रकारवार्ता में मिश्रा के अलावा अजीत भदौरिया, आरपी सिंह, ऋषभ भदौरिया, धमेन्द्र शर्मा एवं मीना भारद्वाज मौैजूद रहीं।

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