Kotma : आबकारी विभाग की सुस्ती, बढ़े अवैध शराब के ठीहे

कोतमा, मध्यप्रदेश : जगह-जगह अवैध शराब की पैकारी जोरो से चालू। होटल और ढाबा बने मयखाने, थाने के कांस्टेबल और आबकारी विभाग का संरक्षण।
Kotma : आबकारी विभाग की सुस्ती, बढ़े अवैध शराब के ठीहे
आबकारी विभाग की सुस्ती, बढ़े अवैध शराब के ठीहेSitaram Patel
Summary

कोतमा में लंबे समय से अवैध शराब के ठीहों पर शराब की पैकारी ठेकेदार के संरक्षण में की जा रही है। दुकान से बाइक पर सवार होकर ठेकेदार के व्यक्ति और कोतमा के एक लोकल व्यक्ति द्वारा झोले में शराब भरकर पैकारी की जा रही है। पैकारी को आबकारी विभाग और कोतमा थाने के कुछ हेड कॉन्स्टेबल का संरक्षण प्राप्त है जो कि थाने में पदस्थ नए टीआई के आंखों में धूल झोंकते हुए कोतमा क्षेत्र में अराजकता व गैर कानूनी अपराध को शरण दे रहे हैं।

कोतमा, मध्यप्रदेश। जिले के बड़े नगर के रूप में प्रख्यात कोतमा में इन दिनों अवैध शराब की तस्करी जोरों पर है। ठेकेदार द्वारा शराब दुकान से चरपहिया और दुपहिया वाहनों में शराब की पेटियों की सप्लाई जोरो की जा रही है। कोतमा के ठेकेदार के संरक्षण में चार पहिया वाहन में पुलिस के कुछ नुमाइंदों के बल पर शराब दुकान ठेकेदार के आदमियों के साथ मिलकर पैकारी करते हैं। कोतमा तथा आसपास के गांव में चार पहिया वाहन के माध्यम से अवैध रूप से शराब के पैकरी की जाती है। शराब पैकारी में ठेकेदार के एक प्रमुख व्यक्ति और कोतमा लोकल में रहने वाले व्यक्ति द्वारा थाना क्षेत्र के हेड कांस्टेबल के मैनेजमेंट के साथ पैकारी का पूरा जिम्मा अपने कंधों पर लिया जाता है और स्कॉर्पियो, और बाइक में बैठ कर जगह जगह अंग्रेजी और देशी शराब पहुंचाई जाती है।

ठेकेदार के आदमी करते हैं पैकारी :

कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत शराब ठेकेदार के आदमी द्वारा चार पहिया व दुपहिया वाहन के माध्यम से होटल ढाबा और आस-पास के गांव में शराब की अवैध रूप से पैकारी करवाई जाती है। शराब ठेकेदार के आदमियों द्वारा चार पहिया वाहन में पुलिस के नुमाइंदों को बैठा कर उनके साथ अवैध पैकारी को अंजाम दिया जाता है। बड़ी मात्रा में दुकान से शराब निकालकर कोतमा में स्थित होटल और ढाबों में बड़े पैमानों में शराब की तस्करी की जाती है जिसे होटलों और गांव में अवैध रूप से बेचा जाता है। साथ ही युवाओं के लिए ठेकेदार के आदमियों द्वारा घर पहुंच सुविधा भी शराब लिए उपलब्ध कराई जाती है। फोन पर शराब का ऑर्डर देकर घर या अन्य जगह आसानी से शराब डिस्काउंट रेट पर उपलब्ध करा दी जाती है।

होटल और ढाबा बने मयखाने :

कोतमा नगर में स्थित होटल और ढाबे में शराब की पैकारी जाती है। जहां बैठ कर पीने की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। सूत्रों की माने तो नगर के कई वरिष्ठ नागरिक और बड़े नेताओं का उक्त ढाबा एवं होटलों पर रात्रि के समय जमावड़ा रहता है जहां सर्व सुविधा युक्त शराब उपलब्ध कराई जाती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतमा में, सिटी होटल, बंजारा होटल, मयूर ढाबा , राजदरबार व तिवारी ढाबा में शराब परोसी जाती है जहां शराब ठेकेदार द्वारा कंसेशन देकर शराब की बिक्री की जाती हैं। जबकि प्रशासन के नियम अनुसार किसी भी होटल व ढाबा में सर आप बैठ कर पीने की अनुमति नहीं रहती है फिर भी प्रशासन के नियम को दरकिनार कर इन होटल और ढाबों में शराब परोसी जा रही है।

आस-पास के गांव में हो रही शराब की पैकारी :

कोतमा शराब ठेकेदार द्वारा आसपास के गांवों और नगर में स्थित वार्डों में शराब की अवैध रूप से पैकारी करवाई जाती है। युवा तो छोड़ो आजकल के नाबालिक बालकों को भी आसानी से शराब उपलब्ध हो जा रही है। कोतमा नगर के समीप स्थित गांव में शराबों की पैकारी बेधड़क की जा रही है । कोतमा से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित सेमरिया चौराहा, निगवानी, केवाई बेरियल, कोतमा, वार्ड नंबर 1, वार्ड नंबर 10, कदम टोला, गोविंदा कॉलरी, दड़ाईबहरा के साथ-साथ अन्य जगहों पर शराब की बड़ी मात्रा में पैकारी की जाती है। जिससे नगर की युवा पीढ़ी नशे में धुत होकर अपने वर्तमान को खोते जा रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है जिन गाड़ियों में शराब की पैकारी की जाती है उन गाड़ियों में अक्सर पुलिस के नुमाइंदे देखे जाते हैं। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस विभाग के कुछ नुमाइंदों ने शराब पैकारी का जिम्मा अपने ऊपर ले रखा है। देखना यह है कि क्या उक्त शराब पैकारी पर कोई कार्यवाही पुलिस विभाग करेगी या धीरे-धीरे संपूर्ण नगर ही मयखाना में तब्दील हो जाएगा।

युवाओं को और नाबालिकों को मिल रही शराब :

नगर के वार्डों में बिक रही अवैध शराब तक नाबालिकों के हाथ आसानी से पहुंच रहे हैं जिससे युवा पीढ़ी के साथ-साथ नाबालिक भी नशे का धीरे-धीरे आदि बनता जा रहा है। कोतमा के वार्ड नंबर 10 में पिछले दिनों की गई कार्यवाही से पूर्व नाबालिक बच्चे के हाथ में शराब की बोतले देखी गई थी। जिससे यह तो स्पष्ट है कि शराब की अवैध सरकारी व बिक्री के कारण बड़ी आसानी से युवाओं और नाबालिकों को शराब उपलब्ध हो जा रही है जिससे भारत का भविष्य या कहे तो कोतमा का भविष्य अंधकार में दिखता नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि पुलिस द्वारा युवा और नाबालिकों के भविष्य को अंधकार में जाता हुआ देखा जाएगा या उक्त अवैध पैकारी पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही की जाएगी।

इनका कहना है :

पहले मैंने सभी जगह छापामार कार्यवाही की है, अभी मैं बाहर हूं, अगर ऐसा हो रहा है तो मैं पुन: कार्यवाही करूंगा।

अजय कुमार, थाना प्रभारी, कोतमा

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