बिगड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने रोकी गई वेतन वृद्धि पर बड़ा विरोध

भोपाल, मध्यप्रदेश : कोरोना जैसी संकटकाल में वित्तीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा रोकी गई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर विरोध शुरू हो गया है।
बिगड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने रोकी गई वेतन वृद्धि पर बड़ा विरोध
रोकी गई वेतन वृद्धि पर बड़ा विरोधSyed Dabeer-RE

भोपाल, मध्यप्रदेश। कोरोना जैसी संकटकाल में वित्तीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा रोकी गई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को कर्मचारी संगठनों ने बैठक कर सरकार को आंदोलन का नोटिस दे दिया है।

कर्मचारियों का कहना-

संक्रमणकारी विषाणु जनित बीमारी कोविड-19 के प्रारंभ होते ही हमने अपने वेतन से 1 दिन का वेतन स्वत:और स्वेक्षा से ही कटा दिया था, किंतु सरकार को लगा कर्मचारियों में बड़ी संपन्नता है। वह और भी दे सकते हैं। इस कारण सरकार ने कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि को काल्पनिक कर दिया अर्थात हम दे रहे हैं। सातवें वेतनमान के अंतिम एरियर की किस्त को रोक दिया गया। महंगाई भत्ते की दोनों की किस्तों पर प्रतिबंध लगाकर कर्मचारियों पर एक प्रकार का आघात किया है। जिसका प्रभाव पूरे समाज में पड़ रहा है। वह यह कि कर्मचारी अपनी वेतन भी कटाएं और महंगाई से भी लड़ें।

वार्षिक वेतन वृद्धि कर्मचारियों का पारितोषिक : मनोहर

मध्य प्रदेश ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर गिरी का कहना है कि वार्षिक वेतन वृद्धि कर्मचारियों को उनके द्वारा किए गए वार्षिक दायित्वों के प्रति दी गई पारितोषिक होती है। जो कर्मचारियों को उसका सम्मान दर्शाती है। वर्तमान परिस्थिति में कर्मचारियों के लगातार कार्य करते हुए भी इस संक्रमण कारी दौर में उनके द्वारा लगातार दुरूह कार्य करने के बाद भी यह वेतन वृद्धि रोकी जाने की कार्रवाई उचित नहीं हैं। यह कर्मचारियों को दंड प्रथा सा आभास दे रही है। अगर शासकीय कर्मचारियों की वेतन कम होगी तो उस पर पूरी समाज पर विपरीत असर पड़ेगा।

सरकार को दे दिया गया है आंदोलन का नोटिस : प्रमोद तिवारी

मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रमोद तिवारी का कहना है कि वेतन वृद्धि रोके जाने के विरोध में पूर्व प्रदेश के कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं। गुरुवार को इस संबंध में अधिकारी कर्मचारियों के मोर्चा और समन्वय समिति के सदस्यों की बैठक हुई। इस बैठक में निर्णय के अनुसार सरकार को नोटिस दिया गया है। यदि 24 अगस्त तक सरकार ने समस्या का समाधान नहीं किया तो प्रदेश के कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन पर जाना पड़ेगा। इसी संबंध का नोटिस राज्य सरकार को दिया गया है। इस बैठक में जितेंद्र सिंह उदित भदोरिया राजकुमार चंदेल सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद थे।

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