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मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने बनेगा कानून: मुख्यमंत्री
मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने बनेगा कानून: मुख्यमंत्री |Social Media
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मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने बनेगा कानून : मुख्यमंत्री

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। एक फिर उद्योग नीति पर क्या बोले मुख्यमंत्री जानिए इस रिपोर्ट में...

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने गणतंत्र दिवस पर अपने संदेश में कहा है कि, "मध्यप्रदेश में उद्योग चलाना और लगाना आसान बनाने के लिये जल्दी ही मध्यप्रदेश एक नया कानून बनाएगा। इसमें सभी तरह की अनुमतियाँ अधिकतम सात दिनों में मिलेंगी। सात दिन में अनुमतियाँ न मिलने पर उसे अनुमति मान लिया जाएगा। इससे ऐसी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिनमें रोजगार का सृजन होता है।"

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आगे कहा कि, नए उद्योगों में प्रदेश के युवाओं के लिए 70 प्रतिशत रोजगार को अनिवार्य किया गया है। रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए, इसमें लगने वाली 27 अनुमतियों की संख्या को घटाकर पाँच कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश में भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नई योजना ‘भविष्य’ शुरू करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ,

लगभग 30 लाख टन भण्डारण की अतिरिक्त क्षमता का निर्माण करने की योजना है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 60 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। 10 हॉर्स पावर तक के स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के बिजली बिल आधे किए जा चुके हैं। हमने इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है।

खेती को लाभकारी बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि,-

एक साल में लगभग 20 लाख किसानों के ऋण माफ किए जा चुके हैं। इसमें 2 लाख रुपये तक के कालातीत फसल ऋण और 50 हजार रुपये तक के चालू फसल ऋण हमने माफ किए हैं। ऋण माफी का दूसरा चरण अब शुरू हो गया है। जिसमें एक लाख रुपये तक के चालू फसल ऋण और 2 लाख रुपये तक के कालातीत फसल ऋण के बचे किसानों की ऋण माफी का काम किया जा रहा है।

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