आका को छोड़ प्यादे पर कार्यवाही
आका को छोड़ प्यादे पर कार्यवाही|Afsar Khan
मध्य प्रदेश

उमरिया : आका को छोड़ प्यादे पर कार्यवाही कर पीठ थमथपा रहा खनिज विभाग

उमरिया, मध्य प्रदेश : पाली, करकेली व मानपुर तहसीलों में रेत माफियाओं का तांडव। कागजों में संचालित हो रही टास्क फोर्स की कार्यवाहियां।

Afsar Khan

उमरिया, मध्य प्रदेश। वैध ठेकेदार होने के साथ ही नाकों की मंजूरी भी दे दी गई, लेकिन पुराने माफियाओं पर खनिज विभाग अभी भी नकेल कसने में नाकाम हो रहा है, मुख्यालय की बडेरी से रेत का उत्खनन किसी से छिपा नहीं है, अधिकारियों की नाक के नीचे अवैध कारोबार संचालित हो रहा है, वहीं माफियाओं से सांठगांठ किसी से छिपी नहीं है, कार्यवाही के नाम पर विभागीय अधिकारी छोटी-मोटी कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।

कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने अपनी पदस्थापना से ही अवैध उत्खनन और परिवहन पर खुद ही मोर्चा सम्हाल रखा था, सूचना मिलते ही वह अवैध उत्खनन और परिवहन के स्थल पर औचक निरीक्षक पर पहुंच जाते हैं, लेकिन उनके अधीनस्थ काम करने वाला खनिज विभाग और उसमें पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी छोटे-मोटी कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपा रहा है। माफियाओं से विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की सांठगांठ किसी से छिपी नहीं है।

कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति :

प्रभारी खनिज अधिकारी द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में 20 तारीख से 26 तारीख तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्यवाही दर्शाई गई है, जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारियों की कार्यवाहियों के साथ ही पुलिस और वन विभाग के द्वारा की गई कार्यवाही भी शामिल हैं, लेकिन कागजी कोरम पूरा करने के लिये 10 वाहनों के खिलाफ कार्यवाही कर पीठ थपथपा ली गई।

प्यादों पर कार्यवाही, आकाओं को छूट :

खनिज विभाग में पदस्थ मौजूदा अधिकारी और कर्मचारी के पुराने ट्रेक रिकार्ड को अगर निकाल कर देखा जाये तो, अलीबाबा 40 चोर की तरह ही इनकी कहानी है, जारी विज्ञप्ति में जिन वाहनों का उल्लेख किया गया है, उनमें छोटे वाहनों पर कार्यवाही दर्शाई गई है। ट्रैक्टर से लेकर डग्गी तक ही विभाग की कार्यवाहियां शामिल हैं, जिस तरीके से आबकारी विभाग शराब ठेकेदार को सरकारी आंकड़े पूरे करने के लिये कहता है, उसी तरह का हाल जिले में खनिज विभाग का भी है। माफियाओं से सांठगांठ के चलते छोटे वाहनों पर कार्यवाहियां दर्शा दी गई।

मुख्यालय से लेकर तहसीलों तक अवैध कारोबार :

शाम ढलते ही बडेरी से रेत का अवैध कारोबार शुरू हो जाता है, अधिकारियों के निवास भी मुख्यालय में हैं, हर चौराहे पर सीसीटीव्ही कैमरे भी लगे हुए हैं, लेकिन किसी को दिखाई नहीं देता। पाली, करकेली वह मानपुर तहसील में अवैध उत्खनन जोरो पर है, लेकिन न तो टास्क फोर्स को यह दिखाई देता है और न ही विभाग के अधिकारियों को, जिले में वैध ठेकेदार के होने के बावजूद कलेक्टर ने खनिज विभाग निगम को नाके भी स्वीकृत कर दिये हैं। बावजूद इसके खनिज विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के माफियाओं से कनेक्शन से चलते सब कुछ ऑल इज वेल की दर्ज पर चल रहा है।

मून के साथ चर्चा में सिविल लाइन चौकी :

पूर्व में रेत चोर मून के खिलाफ मामले भी दर्ज हुए थे, लेकिन विभाग और पुलिस प्रशासन से उसकी दोस्ती किसी से छिपी नहीं है, शाम होते ही पूरा गिरोह संगठित होकर रेत के अवैध कारोबार में शामिल हो जाता है, जबकि मानसून सीजन में नदियों के साथ नाले से भी रेत निकाले पर पाबंदी है, वहीं सिविल लाइन चौकी में तैनात उप निरीक्षक विपिन तिवारी के कारनामें एक बार फिर से चर्चाओं में हैं। कैबिनेट मंत्री मीना सिंह ने अमरपुर में रेत के अवैध कारोबार में शामिल होने के चलते वहां से हटवाते हुए अधिकारियों को कहा था कि कथित वर्दीधारी को थाने में पदस्थापना न दी जाये, लेकिन मौका पाकर अधिकारियों ने विपिन तिवारी को सिविल लाइन चौकी का प्रभारी बना दिया। अब फिर से रेत की अवैध कारोबार की चर्चाएं सिविल लाइन क्षेत्र में जोरों पर हैं। सतना के ठेकेदार धनंजय सिंह के द्वारा रोड में चोरी की रेत का उपयोग में लाई जा रही है। प्रभारी और धनंजय सिंह की यारी किसी से छिपी नहीं है। कुल मिलाकर यहां के अधिकारी कैबिनेट मंत्री के आदेश को भी ठेंगा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

इनका कहना है :

जहां-जहां जानकारी सामने आ रही है, वहां पर टीम कार्यवाही कर रही है, मुझे खुद जानकारी मिलने पर मैं औचक निरीक्षक करता हूँ।

संजीव श्रीवास्तव, कलेक्टर, उमरिया

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