प्रिंट रेट से ऊपर बिक रही जिले में शराब
प्रिंट रेट से ऊपर बिक रही जिले में शराब|सांकेतिक चित्र
मध्य प्रदेश

शहडोल: साहब...प्रिंट रेट से ऊपर बिक रही जिले में शराब

शहडोल, मध्य प्रदेश: नए रेट का हवाला दे कर प्रिंट रेट से महंगी बेच रहे हैं शराब। विभाग शराब दुकान में आखिर रेट सूची क्यों नहीं लगा रहा?

राज एक्सप्रेस

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शहडोल, मध्य प्रदेश। शहर में शराब को सरकारी रेट पर न बेच कर ओवर रेट बेचा जा रहा है। यह कार्य शराब दुकान मालिक आबकारी विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर नहीं बेची जा रही, बल्कि यहां पर बैठे शासन की वर्दीधारी ही बेच रहे हैं, जिसकी वजह से आने वाले दिनों में दुकान में विवाद होने से कोई नहीं रोक पायेगा।

अंग्रेजी हो या फिर देशी शराब दुकान सभी दुकानों में प्रिंट रेट से बीस से पचास रुपए अधिक दर पर शराब बेची जा रही है, साथ ही शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट भी नहीं लगी है। वहीं शराब की मिल रही शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन व आबकारी विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। बस्ती रोड रेलवे फाटक के पास स्थित शराब दुकान का तो यह हाल है कि यहां आईवी ब्रांड की 175 रूपये की शराब को यहां बैठे शासकीय नुमाईंदे 240 रूपये में बेच रहे हैं, ऐसा नहीं है कि इसका विरोध नहीं हो रहा है, लेकिन यहां बैठे वर्दीधारियों का कहना है कि नया रेट आ गया है, इसलिए इसे ओव्हर रेट बेचा जा रहा है।

ठेकेदार के सेल्स मैन दे रहे सेवा :

शराब दुकानों का ठेका जरूर खत्म हो गया है, लेकिन यहां पूर्व में ठेकेदार के लिए काम करने वाले सेल्स मैन आज भी दुकानों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इनके द्वारा वर्दीधारियों के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है, लोगों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय में ही ऐसी अंधेर मची हुई है तो, जिले के अन्य कस्बों में तो जिम्मेदारों ने पूरी तरह लूट मचा रखी होगी। आखिर शासकीय हो चुकी दुकानों में ठेकेदार के गुर्गे बगैर स्वार्थ अपनी सेवाएं कैसे दे रहे हैं, यह समझ से परे हैं, रेलवे फाटक की दुकान के पास तो, पुलिस विभाग के सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, अगर यह चालू हैं और इसकी जद में दुकान आती है, तो इसकी पुष्टि भी हो सकती है।

मनमानी हो रही वसूली :

लॉकडाउन के बाद राजस्व बढ़ाने शासन ने शराब की दुकानेें तो खोल दी, लेकिन ठेकेदार दुकान चला नहीं पाये, उसके बाद कुछ दिन दुकाने बंद रही, फिर राजस्व बढ़ाने के फेर में दुकाने शासकीय कर्मचारियों के सहारे खोली गई, यहां नगर सैनिकों को बैठाया गया, लेकिन शासकीय कर्मचारी भी मनमानी रकम ही वसूल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि शराब दुकानों में डेढ़ गुना अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। इतना ही नहीं, प्रति व्यक्ति एक पेटी तक शराब देने को तैयार हैं।

आबकारी विभाग खुद लूट रहा :

शराब दुकानों में डेढ़ गुना तक अधिक दाम में शराब बेची जा रही है। आबकारी नियम के अनुसार शराब की दुकानों के बाहर सभी ब्रांड का नाम और उनकी रेट लिस्ट लगना अनिवार्य है, लेकिन देशी और विदेशी मदिरा दुकानों पर कोई लिस्ट नहीं लगी है। लिहाजा सेल्स मैन प्रत्येक शराब की बोतल पर 30 से 40 रूपये अधिक राशि ले रहे हैं, यह खेल महीनों से आबकारी विभाग खुद ही अवैध वसूली में जुटा है। बावजूद इसके जिम्मेदार खामोश हैं।

पूरे जिले का यही हाल :

शहर की शराब की दुकान में शराब प्रिंट रेट से ऊपर बिक तो बिक ही रही है, वहीं जिले के अंतिम छोर में बसे देवलोंद क्षेत्र में भी शराब ओव्हर रेट बिक रही है, ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी आबकारी विभाग को नहीं है, लेकिन ऊपरी मलाई के फेर में जिम्मेदारों ने इस ओर से आंखे पूरी तरह बंद कर ली है, वहीं आबकारी विभाग के अधिकारी एस.के.राजौरे अपनी कारगुजारियों को छुपाने के लिए आम आदमी के फोन उठाने से तौबा कर रखी है।

साहब से होनी चाहिए सेटिंग :

पूरे शराब दुकानों में ठेकेदार के गुर्गाे का डेरा अब किसी से छुपा नहीं है, लेकिन आप शराब के शौकीन हैं तो, आपको आपना नंबर साहब के मोबाइल में सेव कराना होगा, सूत्रों की मानें तो आम लोगों को जहां प्रिंट रेट से ऊपर शराब बेची जा रही है, वहीं अगर आपका नंबर साहब के मोबाइल में सेव है तो, साहब को फोन लगाकर वहां बैठे किसी भी कर्मचारी को दे दीजिए आपको प्रिंट रेट पर शराब उपलब्ध हो जायेगी।

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