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 नपा द्वारा बेंचे गए प्लाटों पर लोकायुक्त की  गिरी गाज
नपा द्वारा बेंचे गए प्लाटों पर लोकायुक्त की गिरी गाज|Shiv Bhardwaj
मध्य प्रदेश

लाल रोड पर नपा द्वारा बेंचे गए 21 प्लाटों पर लोकायुक्त की गाज गिरी

इटारसी, होशंगाबाद : लाल रोड पर नगरपालिका द्वारा 13 वर्ष पूर्व बेचे गए 21 प्लाटों पर लोकायुक्त की गाज गिर गई है। लोकायुक्त ने शासन को उक्त प्लाटों के आवंटन को निरस्त कर जमा किया।

Shiv Bhardwaj

राज एक्सप्रेस। सूरज गंज नाले बाबा से स्मृति भवन के बीच स्थित लाल रोड पर नगरपालिका द्वारा 13 वर्ष पूर्व बेचे गए 21 प्लाटों पर लोकायुक्त की गाज गिर गई है। जानकारी के अनुसार लोकायुक्त ने शासन को उक्त प्लाटों के आवंटन को निरस्त कर जमा किया पैसा राजसात करने की अनुशंसा की है। उक्त मामले में पूर्व पार्षद शिव किशोर रावत द्वारा लोकायुक्त को शिकायत की गई थी।

क्या है मामला :

लाल मैदान के नाम से पहचाने जाने वाला मैदान पर नगरपालिका ने 2005-06 में 21 प्लाट खुली नीलामी द्वारा बेचे थे। उस समय नगरपालिका में भाजपा के प्रकाश बल्लभ सोनी अध्यक्ष और सुरेश दुबे मुख्य नगरपालिका अधिकारी थे। वर्तमान में दोनो ही दिवंगत हो चुके हैं। नीलामी के बाद जिन लोगों ने प्लाट खरीदे थे, उनका कुछ पैसा तो नगरपालिका में जमा था, इसी बीच हाईकोर्ट से स्टे आ गया। स्टे पूर्व भू-स्वामी द्वारा लाया गया था।

स्टे हटा तो नपा ने सभी प्लाट खरीदने वालों को बुलाकर रजिस्ट्री कराई। तब तक नगरपालिका में श्रीमती सुधा अग्रवाल अध्यक्ष बन चुकी थी, इन्हीं के कार्यकाल में सभी प्लाटों की रजिस्ट्री हुई। उनमें से एक प्लाट नपाध्यक्ष श्रीमती अग्रवाल के भतीजे कल्पेश अग्रवाल ने भी खरीदा था, उसकी रजिस्ट्री भी इसी कार्यकाल के दौरान हुई। जिसकी शिकायत भाजपा नेता व पूर्व पार्षद शिव किशोर रावत ने लोकायुक्त में की थी। शिकायत में यह लिखा था कि नगर पालिका ने बिना परिषद की स्वीकृति के अध्यक्ष के भतीजे को प्लाट की रजिस्ट्री करा दी।

शिकायत के आधार पर पिछले दिनों लोकायुक्त की टीम ने इटारसी पहुंचकर पूरे मामले की जांच की थी। गुरुवार को यह जानकारी आई की लोकायुक्त ने शासन को सभी प्लाटों महत्वपूर्ण बात यह है कि प्लाटों के हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद रजिस्ट्रियां तो हो गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अभी इन प्लाटों पर निर्माण की रोक लगी हुई है। अब देखना यह है कि शासन इस मामले में कब तक निर्णय लेता है कि आवंटन को निरस्त करने और पैसा राजसात करने की अनुशंसा की है।

मुझे मौखिक जानकारी ही मिली है कि लोकायुक्त ने ऐसी कोई अनुशंसा की है। अभी आदेश की कापी मुझ तक नहीं पहुंची है।

हरिआम वर्मा मुख्य नगरपालिका अधिकारी

लोकायुक्त द्वारा की कार्रवाई न्यायोचित है। मेरी शिकायत पर जो निर्णय लिया गया है, उससे लोगों का न्याय में विश्वास बढ़ा है। हम निर्णय का स्वागत करते हैं।

शिव किशोर रावत