उमरिया : रीवा में बैठकर करोड़ों में किया लिप्टिस का सौदा

उमरिया, मध्य प्रदेश : पॉवर प्लांट की आड़ में ग्रामीणों की जमीन हड़पने वाले नटवरलालों ने ठेकेदारों को बेचें पेड़। सांई प्रकाश चिटफंड कंपनी की डायरेक्टर पुष्पांजलि का कारनामा।
उमरिया : रीवा में बैठकर करोड़ों में किया लिप्टिस का सौदा
रीवा में बैठकर करोड़ों में किया लिप्टिस का सौदासांकेतिक चित्र

उमरिया, मध्य प्रदेश। सांई प्रकाश चिटफंड कंपनी के सीएमडी पुष्पेंद्र सिंह बघेल और एमडी रणविजय सिंह बघेल दोनों भाई भले ही अलग-अलग जगह जेलों में बंद है, जालसाजी, धोखाधड़ी में कंपनी की डायरेक्टर व पुष्पेंद्र की पत्नी पुष्पांजलि पहले जमीन का सौदा कर रही थी, अब वह 10 एकड़ में लगे लाखों पेड़ों को ठेकेदार को करोड़ों रूपये में बेच चुकी है और ठेकेदार ने बल्हौड़ में पेड़ों की कटाई भी शुरू कर दी है। कई राज्यों सहित प्रदेश के अन्य जिलों में पुष्पांजलि के खिलाफ अपराध दर्ज हैं, न तो एसटीएफ और न ही पुलिस उसे गिरफ्तार कर रही है, रीवा में बैठकर वह सारे सौदेबाजी करने में जुटी हुई है।

करोड़ों में बेचे लिप्टिस के पेड़ :

सांई प्रकाश चिटफंड कंपनी ने 400 एकड़ जमीन पॉवर प्लांट लगाने के नाम पर आधे दाम में ग्रामीणों से खरीदी थी। उसी में से 10 एकड़ में लाखों लिप्टिस के पेड़ लगाये गये थे। जिनकी कीमत अब करोड़ों रूपये में हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि रीवा में बैठकर पुष्पांजलि ने शहडोल के किसी ठेकेदार को करोड़ों रूपये में लिप्टिस के पेड़ बेच दिये हैं और ठेकेदार के आदमी इन दिनों कटाई में भी जुटे हुए हैं।

रीवा में छुपी पुष्पांजलि :

बल्हौड़ के ग्रामीणों के अनुसार चिटफंड कंपनी के द्वारा झांसे में रखकर जो जमीन ली गई थी, उसके बिक्री का मामला सामने आने के बाद रेउसा-सेमरपाथा से पुष्पांजलि रीवा चली गई और वहां पर अपने घर पर बैठकर वह जमीनों सहित पेड़ों का सौदा करोड़ों रूपये में कर रही है, सोन नदी के किनारे बसे बल्हौड़ गांव में उपजाऊ जमीन जो कि धोखे से ली गई थी, 4 सालों से फरार पुष्पांजलि कभी सेमरपाथा तो, कभी रीवा में बैठकर सौदेबाजी कर रही है।

गांव में छुपे चिटफंडी :

मामला सामने आने के बाद पुष्पांजलि सिंह जो कि कंपनी के सीएमडी पुष्पेंद्र सिंह बघेल की पत्नी हैं, वह रीवा चली गई और रीवा स्थित घर से बैठकर पूरा अवैध कारोबार संचालित कर रही है, वहीं कंपनी में शामिल फरार चल रहे पुष्पेंद्र के भाई कुछ दिनों के लिए अपने गांव से इधर-उधर चले गये थे, लेकिन अभी फिर से रेउसा, सेमरपाथा में डेरा जमा लिया है, जिनें धीरेन्द्र सिंह बघेल, राजू सिंह बघेल, मृगेन्द्र सिंह बघेल, उपेन्द्र सिंह व सहेन्द्र सिंह बघेल शामिल हैं।

10 एकड़ में लाखों पेड़ :

कई वर्ष पहले ग्रामीणों से ली गई जमीन में से 10 एकड़ में 1 लाख से अधिक यूके लिप्टिस के पौधों को रोपित किया गया था, जो कि अब पेड़ बन चुके हैं, जिन्हें बेचने के लिए पुष्पांजलि ने शहडोल के ठेकेदार के माध्यम से ओरियंट पेपर मिल अमलाई में करोड़ों रूपये का सौदा किया है, अपने देवर राजू सिंह बघेल के माध्यम से यह पूरा खेल-खेला गया है। अंधेरे में दो वाहन लकडिय़ा कटकर जा भी चुकी हैं।

नटवरलालों ने करवाये थे सौदे :

वर्ष 2010 से 14 के बीच बल्हौड़ में ग्रामीणों के साथ हुई धोखाधड़ी में गांव के ही रामनारायण द्विवेदी, राम सुमिरन द्विवेदी, प्रशांत द्विवेदी ने पॉवर प्लांट की आड़ में ग्रामीणों की जमीन चिटफंडियों को दिलवा दी, हुई रजिस्ट्रियों में इन सब के हस्ताक्षर भी बतौर गवाह शासकीय अभिलेखों में दर्ज हैं। सरपंच पुत्र उदयभान उपाध्याय सांई प्रकाश चिटफंड कंपनी के इनोवा वाहन में फर्जी नंबर डालकर वर्षाे से चढ़ रहा है, मानपुर के राजनारायण भट्ट के द्वारा जमीन का एग्रीमेंट कराकर बेचने का काम किया जा रहा है, स्थानीय पुलिस को इस बारे में ग्रामीणों ने कई बार सूचना भी दी, लेकिन नतीजा शिफर रहा।

इनका कहना है :

पुराना मामला है, पीड़ित जिनके साथ धोखाधड़ी हुई है, वह शिकायत तथ्यों के साथ करें तो, मामले में टीम गठित कर जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी, वहीं पेड़ों के बेचने के मामले को भी संज्ञान में लिया जायेगा।

विकास शहवाल, पुलिस अधीक्षक, उमरिया

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