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Maa Lalbai Phoolbai
Maa Lalbai Phoolbai |Priyanka Sahu -RE
मध्य प्रदेश

माँ लालबाई फूलबाई आज निकलेगी नगर भ्रमण पर

अरनिया कला, शाजापुर: शरद पूर्णिमा की रात्रि के पश्चात बड़ोदिया में माँ लालबाई फूलबाई की अद्भुत, आलौकिक, दिव्य एवं भव्य शाही सवारी निकलेगी व आज रात भक्तों का सैलाब उमड़ेगा।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। बड़ोदिया में विगत 500 वर्षों से परम्परानुसार माँ लालबाई फूलबाई (Maa Lalbai Phoolbai) की अद्भुत, अलौकिक, दिव्य एवं भव्य शाही सवारी शरद पूर्णिमा की रात्रि के पश्चात ब्रह्ममुहूर्त में प्रातः 4 बजे विधिविधान के साथ निकाली जाएगी.. उक्त आयोजन में दूर-दूर से भक्तजन अपनी मन्नत लेकर माँ लालबाई फूलबाई के दरबार में आते हैं, जो माँ के दर्शन मात्र से पूर्ण हो जाती हैं...

क्या है मन्दिर का इतिहास :

माँ लालबाई फूलबाई की स्थापना के सम्बंध में कोई ज्ञात लिखित ऐतिहासिक प्रमाण तो नही हैं किंतु बताया जाता है कि, माता की पाषाण प्रतिमा नेवज नदी के तट पर प्राचीन काल मे एक चबूतरे पर स्वतः ही प्रकट हुई थी, तब चबूतरे के आसपास कोई बसाहट नही थी। धीरे-धीरे बस्ती का विस्तार होता गया और मंदिर एक सकरी गली के मध्य सिमटकर रह गया। बताया जाता है कि, संत गरीबनाथ बाबा मातारानी के अनन्य भक्त थे जो कि, संवत 1245 ई. में तीर्थाटन करते हुए बड़ोदिया नगरी पहुंचे थे और मन्दिर के समीप ही कुटिया बनाकर रहते थे। सम्भवतः तभी से ही माँ लालबाई फूलबाई की शाही सवारी की परंपरा आरम्भ हुई होगी, उक्त प्रतिमा दिन के तीनों पहर में अपना स्वरूप बदलती है और प्रतिपहर एक आभा से युक्त होती है।