प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना केस, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स को CM ने किया सचेत
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केसSocial Media

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना केस, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स को CM ने किया सचेत

क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स को संबोधित करते हुए सीएम ने किया सचेत कहा, तीसरी लहर से बचने की पूरी तैयारी रखने की जरूरत। बच्चों का वैक्सीनेशन केवल स्कूलों में होगा। प्रदेश में अब 608 एक्टिव केस।

भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए तीसरी लहर से बचने की पूरी तैयारी रखने की जरूरत है। एक्टिव केस 608 हो गए हैं। गत 21 नवंबर को केवल 85 केस थे। ओमिक्रॉन के 11 केस आए हैं जो पूरे स्वस्थ हो गए हैं। कोरोना को पराजित करने के लिए हम सब मिलकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री चौहान रविवार को मुख्यमंत्री निवास से जिला, विकास खंड, वार्ड और पंचायत स्तरीय क्रॉइसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, साउथ अफ्रीका में बहुत अधिक केस आए हैं। इनकी स्थिति को ध्यान में रखकर प्रदेश में तीसरी लहर से बचने की तैयारी पूरी कर ली जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज में 90 प्रतिशत से कम टीकाकरण वाले जिले मेहनत कर प्रतिशत को बढ़ायें। 15-18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण 03 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है। टीकाकरण युद्ध स्तर पर हो। बच्चों को कोवैक्सीन ही लगाई जाना है। इसका ध्यान रखना होगा। वैक्सीनेशन केवल स्कूलों में ही होगा।

अस्पतालों से अनुबंध करें कलेक्टर :

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि होम आइसोलेशन हमारी प्राथमिकता होगी। जिनको घर में रखें उन्हें किट भी दें। पीएसए प्लांट क्रियाशील रहें। मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में निजी अस्पतालों का अनुबंध 31 मार्च तक बढ़ाया गया है। इसके लिए सभी कलेक्टर तेजी से अनुबंध करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सार्थक पोर्टल पर बिस्तरों की संख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में करेंगे तीसरी लहर से मुकाबला :

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में 140 करोड़ टीके लग चुके हैं। उनके कुशल नेतृत्व में हम सब मिलकर तीसरी लहर से मुकाबला करेंगे। प्रभारी मंत्री सबको जोड़कर काम करायें। ग्राम, पंचायत और वार्ड स्तरीय समितियां खांसी, जुकाम, हल्का बुखार को गंभीरता से लें। ऐसे लक्षण हैं तो तुरंत सेम्पल लिया जाकर टेस्ट होना चाहिए। इलाज की व्यवस्था करायें। होम आइसोलेशन वाले मरीजों पर निरंतर नजर रखकर स्वास्थ्य की जानकारी लें। अनावश्यक भीड़ इकठ्ठा न होने दें।

जिलों में तत्काल एक कोविड केयर सेंटर शुरू करें :

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 से 18 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण करवाकर ही हम चैन की सांस लेंगे। यह सबसे बड़ी सुरक्षा है। क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियां वैक्सीनेशन सुनिश्चित करायें। समन्वय करके टेस्ट की संख्या बढ़ाएं। ब्लॉक स्तर पर कोविड केयर सेन्टर बनाने की तैयारी कर लें। अस्पतालों में भीड़ न बढ़े इसके लिए कोविड केयर सेन्टर्स पर मरीजों को रखें। अस्पताल भी चाक-चौबंद रहें। जिले में तत्काल एक कोविड केयर सेंटर प्रारंभ कर दिया जाए। मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में प्रभारी मंत्री के निर्देशन में कलेक्टर प्राइवेट अस्पतालों से अनुबंध कर लें। सरकार द्वारा निर्धारित दर पर इलाज हो।

मध्यप्रदेश को थमने नहीं देना है :

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन का आकलन कर मांग भेज दें ताकि व्यवस्था की जा सके। पैथोलॉजी जांच, सीटी स्केन आदि की उपलब्धता के पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाए। जन-प्रतिनिधि वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर बच्चों को टीका लगवाने में सहयोग करें। आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर लोगों की जिंदगी बचाना जरूरी है। मध्यप्रदेश को थमने नहीं देना है। काम भी करें और कोरोना से जीतने के लिए लड़ें। मुख्यमंत्री ने जिलों के सुझावों पर उचित निर्णय लेने की बात कही। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने कोरोना की वर्तमान स्थिति और इससे निपटने के लिये की गई तैयारियों के संबंध में प्रेजेंटेशन दिया।

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