भाजपा के नए फामूर्ले से युवाओं के चेहरे खिले
भाजपा के नए फामूर्ले से युवाओं के चेहरे खिलेसांकेतिक चित्र

भाजपा के नए फामूर्ले से युवाओं के चेहरे खिले

भोपाल, मध्यप्रदेश : मध्यप्रदेश में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर ऐसे जोश से भरे युवाओं की खोज भी शुरू हो गई है जो वोट जुटाने के साथ प्रचंड बहुमत से जीत का साहस रखते हैं।

हाइलाइट्स :

  • भाई भतीजावाद के साथ उम्र का फार्मूला खास, पार्टी के नए चेहरों में जागी भविष्य की आस।

  • अगले विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल से मिल सकता है कई युवाओं को मौका।

  • खानदानी और कद्दावर नेताओं को अपने सियासी कैरियर में खतरे का अंदेशा।

भोपाल, मध्यप्रदेश। भाजपा के शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व द्वारा भाई-भतीजावाद से परहेज और उम्र बंधन के फार्मूले से नए और युवा चेहरों को बड़ी ताकत मिल रही है। मध्यप्रदेश में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर ऐसे जोश से भरे युवाओं की खोज भी शुरू हो गई है जो वोट जुटाने के साथ प्रचंड बहुमत से जीत का साहस रखते हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इसी रणनीति पर कार्य करते हुए पार्टी एसेंबली इलेक्शन का टिकट का वितरण कर सकती है।

पार्टी में उम्र बंधन और भाई भतीजावाद को बढ़ावा न देने की नीति से अनेक खानदानी और कद्दावर नेताओं को अपना सियासी कैरियर खत्म होने का अंदेशा जरूर बन गया हो, लेकिन इससे उन लोगों में भी आशा की नई किरण जागी है, जो विधानसभा चुनाव लडऩे की उम्मीदें ही छोड़ चुके थे। जानकारों के अनुसार शीर्ष नेतृत्व के संदेशों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अगले विधानसभा चुनाव की पुख्ता रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी में ऐसे युवा और नए निष्ठावान चेहरों को देखा जा रहा है, जिनका क्षेत्रीय कार्य प्रभाव बेहतर रहा है। इसके लिए पार्टी में दिन-रात काम चल रहा है। मालवा निमाड़ से लेकर महाकोशल, बुंदेलखंड और विंध्य में पार्टी इसी आधार पर काम कर रही है। कौन सा चेहरा अगले विधानसभा चुनाव में वोट हासिल करने के साथ-साथ जिताऊ बन सकता है। सर्वे के तौर पर इसकी गहराई से जमीनी पड़ताल हो रही है।

पूर्व विधायक-सांसदों से लिया जा रहा फीडबैक :

बताया जा रहा है कि अगला विधानसभा चुनाव प्रचंड बहुमत से जीतने के लिए भाजपा हर वर्ग को साथ में लेकर काम कर रही है। पूर्व विधायक और सांसदों से लेकर जिला जनपद, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में अध्यक्ष रह चुके लोगों से भी जमीनी स्तर का मिजाज भापा जा रहा है। मंडल स्तर से लेकर बूथ कमेटी पार्टी को घर-घर की रिपोर्ट दे रही है। एक प्रकार से पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में टिकट बांटने के लिए कड़ा परिश्रम कर रही है।

अंतिम छोर तक पहुंच रही कल्याणकारी योजनाएं पार्टी की ताकत :

यहां बता दें कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का समाज के अंतिम छोर तक क्रियान्वयन पार्टी की बड़ी ताकत है। कल्याणकारी कार्यों में भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। ऐसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं का आकलन पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जहां कर रहा है, वहीं मैदानी कार्यकर्ताओं की मेहनत से भी उच्च स्तर की बॉडी प्रभावित है। पार्टी में ऐसे अनेक कार्यकर्ता हैं जो पिछले कई सालों से अपने कार्य का हवाला देते हुए टिकट की मांग करते रहे हैं। इस बार भी यह कार्यकर्ता पूरी ताकत लगाते हुए इसी प्रयास में हैं कि उन्हें भी चुनाव मैदान में उतरने का मौका मिलना चाहिए। क्योंकि उनके कार्य का भी अनुभव कम नहीं है। ऐसे लोगों में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर सदस्य, पूर्व नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष भी शामिल हैं।

कम अंतर से जीतने वाले मंत्री-विधायकों पर नजर :

पिछले 2018 के चुनाव में जो विधायक कम वोटों से चुनाव जीते थे। पार्टी की उन सीटों पर भी पूरी नजर है। जमीनी स्तर से पता किया जा रहा है कि यदि अगले विधानसभा चुनाव में यहां से मौजूदा जनप्रतिनिधि को टिकट दिया जाता है तो भविष्य के क्या परिणाम होंगे। तकरीबन दो दर्जन से अधिक विधायक हैं, जो बहुत कम मतों से जीते थे। ऐसी सीटों पर मौजूदा को ही टिकट दिया जाए या फिर नए चेहरे को लाया जाए। इसके लिए भी मैदानी स्तर का अध्ययन किया जा रहा है।

कई पूर्व सांसद एवं विधायक भी टिकट की दौड़ में :

अगले विधानसभा चुनाव में टिकट पाने के लिए तकरीबन तीन दर्जन ऐसे पूर्व सांसद, विधायक और मंत्री हैं जो स्वयं या फिर अपने परिजनों को टिकट दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। पहले तो यह स्वयं टिकट के लिए प्रयास कर रहे हैं। अगर इन पर टिकट के लिए सहमति नहीं बनती है तो फिर ऐसे लोग अपने परिजनों के लिए भी टिकट मांग सकते हैं। बताया जा रहा है कि अभी से इनके द्वारा राज्य से लेकर केंद्र स्तर तक पार्टी के नेतृत्व से संपर्क साधना शुरू कर दिया गया है।

पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों पर कार्य : खटीक

पूर्व मंत्री एवं मौजूदा वरिष्ठ विधायक तथा पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिशंकर खटीक कहते हैं कि हमारे दल की जो नीतियां और सिद्धांत है। उन पर चलकर ही पार्टी का हर कार्यकर्ता अपना काम कर रहा है। श्री खटीक का कहना है कि टिकट का वितरण पार्टी अपने स्तर पर तय करती है। उनका कहना है कि पार्टी का हर कार्यकर्ता मेहनत से कार्य कर रहा है।

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