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जिले में गड्ढों में तब्दील हो चली हैं मुख्य सड़कें
जिले में गड्ढों में तब्दील हो चली हैं मुख्य सड़कें|Mukesh Choudhary
मध्य प्रदेश

शिवपुरी नगर समेत तहसील क्षेत्रों का बुरा हाल, बिखर रही हैं सड़कें

शिवपुरी, मध्यप्रदेश : शिवपुरी नगर के अलावा तहसील क्षेत्रों का भी है बुरा हाल, ख़राब सड़कों के कारण आये दिन दुर्घटनायें हो रही हैं।

Mukesh Choudhary

राज एक्सप्रेस। शिवपुरी जिला मध्यप्रदेश के मध्यम वर्गीय जिलों में गिना जाता है। यहां का क्षेत्र कृषि प्रधान होकर व्यापारिक एवं पर्यटन के क्षेत्र में भी अपना बजूद रखता है। माधव राष्ट्रीय उद्यान, मड़ीखेडा बांध से लेकर माताटीला बांध तक, झांसी से लगे दिनारा से लेकर गुना से लगे बदरवास लुकवासा तक, श्योपुर से लगी सीमाओं से लेकर नरबर से लगे क्षेत्र तक एक से बड़कर एक प्राकृतिक सुंदरता लिये मनोहारी पर्यटक स्थल प्रकृति ने इस जिले की गोद में दिये हैं। परन्तु बड़े खेद का विषय है कि, मध्यप्रदेश में कई सरकारें आईं और चली गईं लेकिन इस क्षेत्र के प्राकृतिक दार्शनिक स्थलों तक पहुंचने के लिये सुलभ व सुंदर मार्ग बनाने की तो दूर, यहां की वर्तमान सड़कों के गड्ढे भरने तक का ख्याल किसी को नहीं आया।

वर्तमान में बारिश के प्रभाव ने इन सड़कों के गड्ढों के जख्मों को मानों और गहरा बना दिया है। शिव की नगरी कही जाने वाली शिवपुरी की हालत तो किसी से छुपी नहीं है। पूरे नगर की मुख्य सड़कों से लेकर गली मोहल्लों की गलियां गहरे-गहरे गड्ढों से पटी पडीं हैं। नगरवासी बेचारें करें तो क्या करें, वे तो आये दिन इन गड्ढों में गिरते हैं और उठकर चले जाते हैं। ना तो नगर प्रशासन ही उनकी गुहार सुनता है और ना ही मध्यप्रदेश शासन। नगरपालिका प्रशासन सड़कों के लिये पीडब्ल्यूडी का रास्ता दिखा देता है वहीं पीडब्ल्यूडी नगरपालिका की ओर जाने का बताकर आम नागरिक को इधर से उधर भटकाते रहते हैं।

जिले में गड्ढों में तब्दील हो चली हैं मुख्य सड़कें
जिले में गड्ढों में तब्दील हो चली हैं मुख्य सड़कें
Mukesh Choudhary

प्रशासन से सड़क सुधार की गुहार लगाते हुये इन नगरवासियों का कहना है कि, हम नगर की ग्वालियर बायपास न्यूदर्पण कालोनी में निवास करते हैं। जब हम शहर में किसी काम से निकलते हैं तो पहले हमेें वार्ड की कच्ची गली के बने गड्ढों से जूझना पडता है फिर शहर की सड़कों पर बने गहरे गड्ढों से। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरे होने से उनकी गहराई का पता नही चलता और जब ट्रैफिक की वजह से उनमें से गा़डी निकाली जाती है तो कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

मैं फतेहपुर रोड झांसी तिराहे के समीप निवासरत गहोई वैश्य समाज का अध्यक्ष होने के साथ साथ ठेकेदार भी हूँ। शहर में गड्ढायुक्त सड़क से गुजरते समय दो बार गिर चुका हूँ। जिससे शारीरिक रूप से चोटित होकर हाथ पैर फैक्चर होते-होते बचे। पूर्व में गड्ढो को रिपेयरिंग का कार्य कराया गया, परन्तु केवल खानापूर्ति की गई जिससे पुन: बडे़ गड्ढे बन गये। यदि सही तरीके से गड्ढों की रिपेयरिंग कराई जावे तो सड़कों में सुधार किया जा सकता है। प्रशासन से यही गुहार है कि शीघ्र सड़कों के गड्ढे भरवाने का कष्ट करें।

मनोज बडे़रिया, गहोई समाज अध्यक्ष व ठेकेदार, शिवपुरी

रास्ते में गड्ढे हैं या गड्ढों में रास्ता समझ नहीं आता ?

शिवपुरी जिले के बमोरकलां कस्बे की प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाली सड़क से गुजरना इस समय छात्रों के लिये सिरदर्द बना हुआ है। बच्चे यूनिफॉर्म पहन कर स्कूल जाते हैं पर रास्तों के गड्ढे इतनी परेशानी पैदा करते हैं कि उनके कपडे खराब हो जाते हैं और कई बार गिरकर मासूम चोटिल तक हो जाते हैं। यह मार्ग दर्जनों गांव को जोड़ने का कार्य करता है। जिससे होकर हजारों राहगीर प्रतिदिन आवागमन करते हैं साथ ही गड्ढों से भरा पड़ा बामौरकला का यह प्रमुख मार्ग सभी शासकीय कार्यालयों में जाने के लिए सहारा है किन्तु बड़ी विडम्बना है कि शासकीय कार्यालयों में आने-जाने वाले आम नागरिकों के अलावा शासकीय अधिकारी कर्मचारी भी इसी मार्ग के गड्ढों से गुजरते हुये अपने वाहन ले जाते हैं मगर रास्ते के सुधार के बारे में कार्यवाही करने की सुध कोई नहीं लेता है।

जिले में गड्ढों में तब्दील हो चली हैं मुख्य सड़कें
जिले में गड्ढों में तब्दील हो चली हैं मुख्य सड़कें
Mukesh Choudhary

शासकीय कार्यालयों में आने जाने वाले आम नागरिकों के अलावा शासकीय अधिकारी कर्मचारी भी इसी मार्ग के गड्ढों से गुजरते हुये अपने वाहन ले जाते हैं मगर रास्ते के सुधार के बारे में कार्यवाही करने की सुध कोई नहीं लेता है। एक और दु:खद पहलू यह भी है कि कस्बे का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी इसी मार्ग पर है जिससे शारीरिक रूप से दु:खी बीमार मरीज भी इसी गड्ढे भरे मार्ग से गुजर के अपना इलाज कराने पहुचतें हैं। जो अस्पताल पहुंचते-पहुंचते और अधिक तकलीफ को झेलने के लिये मजबूर हो जाते हैं। यह विक्षत रास्ता ग्राम पंचायत, बालक छात्रावास, बालिका छात्रावास, वन थाना, हायर सेकेंडरी विद्यालय को भी जोड़ता है। इन सब पहलुओं के चलते इस मुख्य सड़क पर बने गड्ढों को भरने व सड़क सुधार करने के लिये कई बार प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है। परन्तु हालात जस के तस बने हुये हैं। आखिर वह दिन कब आयेगा जब ग्रामपंचायत व क्षेत्रवासी इस मुख्य सड़क पर आसानी से सफर तय कर सकेंगे?