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MP में दोबारा बोर्ड पैटर्न पर होंगी 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं
MP में दोबारा बोर्ड पैटर्न पर होंगी 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं |Social Media
मध्य प्रदेश

MP में दोबारा बोर्ड पैटर्न पर होंगी 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं

मध्य प्रदेश सरकार10 साल पहले चलने बाले बोर्ड पैटर्न को वापिस ला रही हैं। अब प्रदेश में बच्चे 4 बार देंगे बोर्ड परीक्षाएं।

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग करीब 10 साल बाद दोबारा 5वीं और 8वीं कक्षा की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर आयोजित करने जा रहा है। मुख्य परीक्षा में फेल होने वाले बच्चों के लिए शिक्षकों की अतिरिक्त क्लास लगाई जाएगी। इसके बाद फिर से उनकी परीक्षा होंगी।

दोबारा परीक्षा में भी विद्यार्थी फेल हो गया तो फिर से उसे दोबारा उसी क्लास में पढ़ना होगा। मध्य प्रदेश में अभी कक्षा 5वीं और 8वीं क्लास में बच्चों को फेल नहीं किया जाता है। इसकी घोषणा बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने दी।

स्कूल शिक्षा मंत्री चौधरी ने बताया कि, पहले 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर होती थी। इससे बच्चे पढ़ाई को लेकर गंभीर रहते थे। बोर्ड परीक्षा बंद होने पर बच्चों के साथ शिक्षकों ने भी इसे गंभीरता से लेना बंद कर दिया था। इसी के कारण बोर्ड का रिजल्ट लगातार गिरने लगा था। इसके साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का निर्णय भी स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों पर परीक्षा के बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए 2009 में 5वीं और 8वीं की कक्षाओं को बोर्ड से हटा दिया था। इसके बाद इन क्लॉस में फेल होने वाले बच्चों को औसत अंक देकर पास कर दिया जाता था। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की पढ़ाने में रुचि कम हो गई थी।

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने अब दोबारा से बोर्ड पैटर्न शुरू करने का फैसला लिया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 5वीं व 8वीं कक्षा के बच्चों की परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया गया है। इस संबंध में स्कूलों के माध्यम से कक्षा 5वीं और 8वीं के बच्चों के अभिभावकों को पत्र भेजकर उनकी सहमति ली जा रही है।

मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के अनुसार अब शिक्षकों पर बनी हाई कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति और विभाग जांच का निर्णय लिया गया है। इसमें 20 साल की नौकरी और 50 की उम्र पार कर चुके शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी, जबकि इस दायरे में नहीं आने वाले बेसिक परीक्षा फेल शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई जाएगी।

सरकार द्वारा इस फैसले को इसलिए लिया गया हैं ताकि, शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके और विद्यार्थियों को पहले से ही बोर्ड परीक्षा का अनुभव हो जिसका फायदा उनको 10वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में मिल सके।

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