कोरोना की आपदा में हुआ महा-राशन घोटाला
कोरोना की आपदा में हुआ महा-राशन घोटालाSyed Dabeer Hussain - RE

कोरोना की आपदा में हुआ महा-राशन घोटाला

श्री सिंह ने कहा कि कोरोना की महामारी के दौरान जब सैकड़ों लोग दूसरी लहर में जान गवां रहे थे, उसी दरमियान मध्यप्रदेश का राशन माफिया भीषण आपदा में भ्रष्टाचार का अवसर ढूंढ रहा था।

भोपाल, मध्यप्रदेश। कोरोना की दूसरी लहर में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में पीएम मोदी द्वारा की गई घोषणा के बाद भी कई गरीबों को दो से तीन माह का राशन प्राप्त हुआ है इसमें भी महा-राशन घोटाला हुआ है, जिसकी जांच एसआईटी या सीबीआई से कराई जाना चाहिए। यह बात कांगेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कही है।

श्री सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इस वर्ष अप्रैल, मई और जून तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में माह मई और जून का राशन दिया जाना था। इन पांच माहों के राशन वितरण में पूरे प्रदेश में महाराशन घोटाला सामने आ रहा है। श्री सिंह ने कहा कि कोरोना की महामारी के दौरान जब सैकड़ों लोग दूसरी लहर में जान गवां रहे थे, उसी दरमियान मध्यप्रदेश का राशन माफिया भीषण आपदा में भ्रष्टाचार का अवसर ढूंढ रहा था। माफिया से जुड़े लोगों ने पांच माह की जगह दो से तीन माह का आधा-अधूरा राशन दिया। जनसंपर्क और जिलों में भ्रमण के दौरान अनेक गरीब परिवारों ने मुझे इस घोटाले से अवगत कराया। गत वर्ष कोरोना महामारी की पहली लहर में भी हजारों क्विंटल अनाज की अफरा-तफरी की गई और गरीबों को उनके हक का पूरा अनाज नहीं दिया गया। जानकारी मिलने पर मेरे द्वारा इस संबंध में गत वर्ष 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इस वर्ष भी गरीबों का राशन छीने जाने की सूचना मिलने पर उनके द्वारा 15 जून को पुन: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर जांच की मांग की और यह बताया कि किस तरह गरीब लोगों से अंगूठा लगवाकर और हस्ताक्षर कराते हुए उन्हें पांच माह की जगह 2-3 माह का ही राशन दिया जा रहा है। दुर्भाग्य है कि प्रदेश के गरीबों के हक के अरबों रुपए के अनाज के वितरण में अनियमितता लगातार जारी है और शासन स्तर से कोई जांच नहीं की जा रही है।

सिंह ने बताया कि राजधानी में सरकार की नाक के नीचे भोपाल जिले में हुए इस घोटाले की कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसमें हितग्राही बयान दे रहे हैं कि उन्हें मिलने वाले राशन का आधा हिस्सा भी नहीं दिया गया है। आश्चर्यजनक यह है कि उचित मूल्य की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों ने खाद्य सुरक्षा के पोर्टल पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की एंट्री तो की है पर पूरा राशन नहीं दिया। इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा मिशन के हितग्राहियों की पोर्टल पर किसी भी तरह की एंट्री नहीं की गई है। दिग्विजय सिंह ने मांग की कि हजारों करोड़ रुपए कीमत वाले इस महाराशन घोटाले की जांच सीबीआई से कराई जाए या फिर एसआईटी गठित कर जांच कराई जानी चाहिए।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

No stories found.
Top Hindi News Bhopal,Trending, Latest viral news,Breaking News - Raj Express
www.rajexpress.co