डॉक्टर की पर्ची बगैर बिक रही गर्भपात की गोलियां
डॉक्टर की पर्ची बगैर बिक रही गर्भपात की गोलियां|Neha Shrivastava-RE
मध्य प्रदेश

डॉक्टर की पर्ची बगैर बिक रही गर्भपात की गोलियां, 2 मेडीकल दुकाने सील

मध्यप्रदेश के मण्डला में भूर्ण हत्या रोकने के लिए सरकार के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं, क्योंकि जिले की मेडिकलों में बेखौफ मिली रही है गर्भपात की गोलियॉ।

Ismyle Khan

Ismyle Khan

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश के मण्डला में भूर्ण हत्या रोकने के लिए सरकार के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं क्योंकि जिले की मेडिकलों में बेखौफ गर्भपात की गोलियां मिल रही हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञों की बगैर अनुमति के मेडिकल संचालक गर्भपात की गोलियां बेच रहे हैं। जब शिकायत होती है तब इस तरह की कार्यवाहियों को अंजाम दिया जाता है जबकि जिले की बहुत सी ऐसी मेडिकल स्टोर हैं जहॉ गर्भपात किट बगैर चिकित्सकों की पर्ची के बेची जा रही हैं। ऐसे में कैसे बेटी बचाव का अभियान पूरा हो पाएगा।

मण्डला के चिकित्सक की पर्ची बगैर गर्भपात की गोली विक्रय किए जाने वाले दो मेडिकल स्टोर सील किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि राय मेडिकल एवं सोनल मेडिकल के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की पर्ची बगैर गर्भपात की गोली का विक्रय कर रहे थे। जिसके कारण दुकानें एक माह के लिए सील की गई और आगे की कार्यवाही जारी हुई। जिले में पहली बार मेडिकल ऑफिसर के द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई, वहीं लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही करते हुए हमेशा के लिए लायसेंस निरस्त किए जाए। यदि ऐसी कार्यवाही होती है तो निश्चित गर्भपात की गोली विक्रय करने वाले अन्य मेडिकल स्टोर इस तरह का गौरख धंधा करने से पहले विचार करने पर मजबूर हो जाए। जिस तरह भूर्ण हत्या करने वालों को सजा दी जाती है उसी दायरे में इन्हें भी लाया जाए और कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

सोनल एवं राय मेडिकल एक माह के लिए सील मेडीकल ऑफिसर ने कहा कि मेडिकल स्टोर के संचालकों द्वारा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवा बेची है। इसलिए पड़ाव मार्ग स्थित राय मेडीकल एवं सोनल मेडीकल स्टोर्स को प्रदत्त औषधि अनुज्ञाप्तियां के लिए क्रमश: तीस दिन और 15 दिन के लिए लायसेंस निलंबित किया गया। इसके साथ अन्य मेडीकल दुकानों की जांच की, जाकर समझाईश दी गई कि औषधि का विक्रय बिना चिकित्सीय परामर्श या सलाह के नहीं किया जाए।

पैसे के लालच में बेच रहे गर्भपात की गोलियां

घटना की जानकारी जब लोगों को लगी तो उन्होंने कहा कि पैसे की लालच में मेडिकल स्टोर संचालक खुलेआम गर्भपात की दवाई बेच रहे हैं। गोलियां देते समय मेडीकल संचालक डाक्टर की पर्ची भी नहीं मांग रहे हैं। यहां तक ये गोलियां के विक्रय पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसको लेकर मेडीकल दुकानों में ड्रग्स ऑफिसर मनीषा धुर्वे ने जांच की है। उन्होंने कहा कि अभी तो दो दुकानों को सील किया गया है। आगे भी और दुकानों की जॉच की जाएगी। लंबे समय से जिले में ये गौरख धंधा चल रहा है और विभाग हाथ पर हाथ बैठा रहा इसलिए कि कोई शिकायत करें तब कार्यवाही करेंगे। जबकि विभाग द्वारा नियमित मेडीकल स्टोरों की जॉच करते रहना चाहिए।

क्या कहता है नियम

अधिनियम गर्भपात करने वाले चिकित्सकों की योग्यता का भी निर्धारण करता है और केवल सरकारी लाइसेंस प्राप्त केन्द्रों पर ही गर्भपात कराया जा सकता है। इन संस्थानों को सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र को केंद्र में ऐसी जगह पर लगाना होगा जिससे कोई भी बाहरी व्यक्ति उसे देख सके। मटीपी एक दवा है जो गर्भपात कराने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसे आप बिना डॉक्टर की पर्ची के सीधे मेडिकल स्टोर से नहीं खरीद सकते हैं। इसके इस्तेमाल को लेकर सरकार द्वारा कानून बनाया गया है जिसे चिकित्सकीय गर्भ समापन कानून नाम से जाना जाता है। इस कानून के अंतर्गत यह बताया गया है कि कोई भी भारतीय महिला किन परिस्थितियों में गर्भपात करवा सकती है।

सेवाएँ कहॉ व किससे लेनी हैं

कानून में यह व्यवस्था की गई है कि केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही गर्भ समापन सेवायें प्राप्त की जा सकती हैं इन अस्पतालों में पूरी सुविधायें होने पर ही इन्हें इस कार्य के लिए अधिकृत किया जाता है। प्रसूति विज्ञान और स्त्री रोग विज्ञान में स्नातकोतर डिग्री प्राप्त कर चुका हो। प्रसूति विज्ञान ओर स्त्री रोग विज्ञान के व्यवसाय में तीन वर्ष का अनुभव हो। वे डॉक्टर जिन्होंने प्रसूति विज्ञान एवं स्त्री रोग विज्ञान में छ: महीने तक हाऊस जॉब किया हो या अधिकृत अस्पताल में गर्भ समापन का प्रशिक्षण लिया हो वहीं लोग सेवाएं दें सकते हैं। बगैर डिग्री या प्रशिक्षण लिए लोगों से गर्भपात कराना अपराध है। जो मेडिकल स्टोर गर्भपात की गोली बगैर चिकित्सक की अनुमति से दे रहे हैं वे भी अपराध की श्रेणी में शामिल हैं।

मनीषा धुर्वे, ड्रग्स इंस्पेक्टर का कहना है-एबॉर्शन किट बिना चिकित्सक के पर्चे में बेचना अवैधानिक है जो इस तरह के कृत्य में पाया जाता है उस पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। अनिल जैन, दवा व्यापारी संघ गर्भपात की गोलियां बेचे जाने की शिकायत आ रही थी इसको लेकर मेडीकल दुकानों का निरीक्षण व जांच की गई। दो दुकान संचालकों के द्वारा डॉक्टर की बिना पर्ची के दवा बेची गयी है जिस पर कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।

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