सीएम कैबिनेट की बैठक में लिए कई फैसले, ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक को मंजूरी
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सीएम कैबिनेट की बैठक में लिए कई फैसले, ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक को मंजूरी

भोपाल, मध्यप्रदेश : MP के मुख्यमंत्री शिवराज की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति योजना को कैबिनेट में मंजूरी।

भोपाल, मध्यप्रदेश। कोरोना संकट के बीच मध्यप्रदेश में कई योजनाओं पर कार्य जारी हैं, इस बीच ही आज मंगलवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक बुलाई गई है, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ शिवराज की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री मंत्रालय में मंत्रीगण एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीसीआईपी की बैठक में भाग लिया, बता दें कि कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में संपन्न मंत्री परिषद की बैठक में 'मध्यप्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020' तथा केंद्र प्रवर्तित 'खाद्य उद्यम उन्नयन योजना' सहित अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, शिवराज ने कहा, 'प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020' ऐसे सूदखोर साहूकारों के चंगुल से जनता को मुक्त करेगा, जो बिना वैध लाइसेंस के मनमानी दरों पर ऋण देते और वसूलते हैं। इसके द्वारा 15 अगस्त 2020 तक लिए गए सभी अवैध ऋण शून्य हो जाएंगे।

कई महत्वपूर्ण फैसले

  • मध्य प्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति योजना को कैबिनेट में मंजूरी

  • भूमिहीन कृषि श्रमिक सीमांत किसान-छोटे किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे

  • 15 अगस्त 2020 तक जिन्होंने अवैध साहूकारों से लिया है यह योजना उन पर लागू होगी

  • केंद्र प्रवर्तित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद योजना मैं 500 करोड़ के प्रावधान को कैबिनेट की मंजूरी दी।

मध्यप्रदेश ग्रामीण ऋण मुक्ति विधेयक-2020 मैं वैध लाइसेंस धारी साहूकार द्वारा शासन की निर्धारित दरों पर ऋण देने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। वे नियमानुसार ऋण देकर उसकी वसूली कर सकेंगे। साथ ही ऐसे किसान जो मजदूरों को अग्रिम/ऋण देते हैं, उन पर भी कोई बंधन नहीं रहेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

वहीं आगे शिवराज ने कहा कि कोरोना टीकाकरण अभियान के संबंध में 14 जनवरी को वीसी के माध्यम से सभी जिलों के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप, धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों आदि से मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे। सभी के सहयोग से इस अभियान को सफलतापूर्वक प्रदेश में संचालित किया जाएगा। कोरोना वैक्सीनेशन के प्रथम चरण में 4.16 लाख स्वास्थ्यकर्मियों का पंजीयन किया गया है। इनमें सभी शासकीय स्वास्थ्यकर्मियों के साथ 85,000 निजी स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इनके लिए पहले 5 लाख डोज प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें 4.80 लाख कोवीशील्ड वैक्सीन के तथा 20 हजार कोवैक्सीन के होंगे।

इन जिलों में आएगी वैक्सीन :

वैक्सीनेशन के लिए प्रदेश के चार स्टोर्स भोपाल, इंदौर, ग्वालियर एवं जबलपुर में 13 जनवरी को प्रात: केंद्र से वैक्सीन मिलने की संभावना है, जो वायु मार्ग से आएगा। 24 घंटे में प्रदेश के सभी जिलों में वैक्सीन पहुंचा दिया जाएगा। राज्य में 4.2 करोड़ वैक्सीन खुराक स्टोर करने की क्षमता है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए फ्रंटलाइन वर्कर जिनमें पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी, होमगार्ड, सफाईकर्मी शामिल हैं, उनके पंजीयन का कार्य जारी है, जिसकी अंतिम तिथि 25 जनवरी है। इनकी संख्या लगभग 6 लाख होगी।

वैक्सीन को लेकर भ्रम ना फैलाएं: नरोत्तम मिश्रा

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार के सभी मंत्री और मुख्यमंत्री जी टीकाकरण के तीसरे चरण में आम जनता के साथ वैक्सीन लगवाएंगे, प्रदेश के सभी नागरिकों से विशेष आग्रह है कि वे वैक्सीन को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम या बहकावे में नहीं आएं।

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