शहडोल : खदान कहीं पर, रेत उत्खनन कहीं और कर रही वंशिका
खदान कहीं पर, रेत उत्खनन कहीं और कर रही वंशिकाSantosh Tandon

शहडोल : खदान कहीं पर, रेत उत्खनन कहीं और कर रही वंशिका

शहडोल, मध्य प्रदेश : जिले के बोड्डिहा और पोड़ी क्षेत्र में वंशिका कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने बनास व सोन के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है।

हाइलाइट्स :

  • हर दिन चाहिए 27 लाख, ऊपर से मंदी, क्या करे रेत ठेकेदार

  • डेढ़ करोड़ के जुर्माने की फाईल खनिज कार्यालय में अटकी

  • मैहर से चल रहा वंशिका का रिमोट कंट्रोल

  • कलेक्टर की चुप्पी से नष्ट हो रहा बायोस्फियर रिजर्व एरिया

  • खदान कहीं की, वंशिका के गुर्गे कहीं से खोद रहे रेत

  • खनिज इंस्पेक्टर ने कहा, माह भर से नहीं गये मौके पर

  • सोन व बनास नदी का अस्तित्व संकट में

शहडोल, मध्य प्रदेश। जिले के बोड्डिहा और पोड़ी क्षेत्र में वंशिका कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड बनास व सोन के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है। कंपनी के श्रीकांत चतुर्वेदी खुलेआम राजस्व की दुहाई देकर बायोस्फियर क्षेत्र से रेत निकालने की बात स्वीकारते हैं। दूसरी तरफ कलेक्टर की चुप्पी की चर्चाएं राजधानी तक गूंज रही हैं।

63 करोड़ की 52 खदानों का काम लेने वाली वंशिका कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की मनमानी के आगे प्रशासन ने शायद घुटने टेक दिये हैं। यही वजह है कि प्रशासनिक मैनेजमेंट के बाद अब कंपनी के कारिंदे स्थानीय जनप्रतिनिधियों को खुलेआम कटघरे में खड़ा करने से नहीं चूक रहे हैं। दूसरी तरफ खनिज व कलेक्टर कार्यालय की कृपा पर निर्धारित स्थलों को छोड़कर, जहां से चाहें वहां से उत्खनन की राह पर काम हो रहा है। ब्यौहारी क्षेत्र अंतर्गत बनास नदी पर कंपनी ने आवंटित स्थल छोड़कर दूसरे स्थान से उत्खनन करना शुरू कर दिया है। यहीं स्थिति पोड़ी में भी है। अचरज तो इस बात का है कि न तो खनिज अधिकारी, न किसी मातहत और न ही किसी अन्य प्रशासनिक अधिकारी ने माह भर से लगातार शिकायतों के बाद भी इस क्षेत्र का निरीक्षण नहीं किया।

  • खदान की वास्तविक जगह

    खदान की वास्तविक जगह

  • नदी के बिच में कर रहे उत्त्खनन

    नदी के बिच में कर रहे उत्त्खनन

ठेकेदार ने माना, अवैध उत्खनन :

वंशिका कंस्ट्रक्शन के श्रीकांत चतुर्वेदी ने बताया कि हमें 27 लाख हर दिन चाहिए, 63 करोड़ की खदान ली है, बाजार में मंदी है, पैसा कहां से लाये, बमुश्किल 7 लाख रूपये प्रतिदिन आ रहा है। नदियों का क्या है, छलनी हो जायेगी तो, बरसात में फिर भर जायेंगी। 52 खदानें थी, जिसमें से 18 की ईटीपी जनरेट है। चल सिर्फ बोड्डिहा और पोड़ी की खदान रही है, वहीं श्रीकांत चतुर्वेदी ने माना कि गलत तो कर रहे हैं, लेकिन इसके अलावा घाटा कम करने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

यह कर रही वंशिका :

वंशिका कंस्ट्रक्शन के द्वारा बोड्डिहा और पोड़ी खदान की ईटीपी इन दिनों काटी जा रही है, लेकिन रेत नीलामी वाले निर्धारित स्थल से नहीं निकाली जा रही है। ब्यौहारी के बोड्डिहा नामक स्थान पर बनास नदी में 4.22 हेक्टेयर की खदान स्वीकृत हुई थी, शुरूआती महीनों में ही विशालकाय मशीनें और हाईवा नदी में उतारकर पूरी रेत छान ली गई। बीते डेढ़ माह से नदी के दूसरे तरफ, बायोस्फियर रिजर्व एरिया में मशीने उतारकर रेत निकाली जा रही है। इसी तरह पोड़ी स्थित सोन नदी के आवंटित रेत खदान स्थल से भी पूरी रेत निकाली जा चुकी है और अब चरकवाह नामक स्थान से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।

यह कह रहा खनिज अमला :

खनिज कार्यालय से जुड़े सूत्रों पर यकीन करें तो, बीते माह बोड्डिहा में निर्धारित स्थल से हटकर आगे की ओर अवैध उत्खनन करने की शिकायत मिली थी। हम मौके पर भी गये थे और केश भी बनाया था, यही स्थिति चरकवाह में भी मिली थी, यह भी बात सामने आई कि खनिज निरीक्षक ने मौके पर निर्धारित स्थल से हटकर उत्खनन करना पाया और इसके बाद करीब डेढ़ करोड़ रूपये के अवैध उत्खनन के मामले की फाईल भी चली, लेकिन शायद कलेक्टर की टेबिल पर जाकर फाईल वहीं रूक गई।

एक माह से कोई निरीक्षण नहीं :

बीते लगभग एक से डेढ़ माह से न तो खनिज निरीक्षक प्रभात कुमार पट्टा और न ही खनिज अधिकारी सुश्री फरहत जहां व अन्य मातहतों ने बोड्डिहा और चरकवाह में लगातार चल रहे अवैध उत्खनन का न तो निरीक्षण किया और न ही लगातार आ रही शिकायतों को गंभीरता से लिया। जिस कारण वंशिका कंस्ट्रक्शन के मुरारी व श्रीकांत चतुर्वेदी जैसे कारिंदे खादी के संरक्षण में बेलगाम हो चले हैं।

आखिर क्यों चुप हैं कलेक्टर :

इस पूरे मामले में कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह की चुप्पी भी जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, वंशिका ने तो, शहडोल क्षेत्र के भाजपा नेताओं को मैनेज कर लिया और उनके ऊपर ब्यौहारी व सीधी के विधायक व सांसद की नाराजगी कोई असर नहीं डाल पा रही है, लेकिन प्रदेश सरकार ने जिन्हें जिले की जिम्मेदारी सौंपी है, जिनके मातहत खनिज विभाग का बड़ा अमला काम कर रहा है, कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह की इस मामले में चुप्पी बड़ा सवाल खड़ा करती है । यही नहीं गाहे-बगाहें कलेक्टर का सतना व मैहर कनेक्शन और पर्दे के पीछे कारोबार से जुड़े होने की चर्चा भी अब हर दूसरे की जुबान पर होने लगी है।

इनका कहना है :

शिकायत पर हम मौके पर गये थे, यह सही है, केस भी बनाकर पुट-अप किया है, इधर एक माह से व्यस्तता के कारण नहीं जा पाये।

प्रभात पट्टा, खनिज निरीक्षक, शहडोल

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