मिशन अंकुर बच्चों की प्राथमिक शिक्षा की नींव से जुड़ा हुआ कार्यक्रम : धनराजू
धनराजू ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कियाSocial Media

मिशन अंकुर बच्चों की प्राथमिक शिक्षा की नींव से जुड़ा हुआ कार्यक्रम : धनराजू

धनराजू ने जिला स्रोत समूह के प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को किया जाएगा विकसित।

भोपाल, मध्यप्रदेश। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस ने कहा कि मिशन अंकुर मुहिम देश के भावी भविष्य निर्माता हमारे बच्चों की प्राथमिक शिक्षा की नींव से जुड़ा हुआ कार्यक्रम हैं।

श्री धनराजू एस निपुण भारत अभियान के मिशन अंकुर मुहिम में जिला स्रोत समूह के प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आप सभी को इस मुहिम को मजबूती देनी है। आपकी भूमिका निपुण भारत अभियान के मिशन अंकुर मुहिम के उद्देश्यों और विजन को शिक्षकों तक पहुंचाने में अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी स्रोत समूह के व्यक्तियों को प्रभावी रूप से जिलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। उन्होंने अपेक्षा की कि जिस तरह कोविड के दौरान बच्चों का अध्ययन जारी रखने में उल्लेखनीय योगदान रहा, पांचवीं-आठवीं की परीक्षा में सहयोग और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे में मेहनत की, उसी तरह ही सभी इस मुहिम को भी सफलता दिलाएंगे। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा राज्य स्तर पर जिला स्रोत्र समूह का पांच दिवसीय प्रशिक्षण 27 अप्रैल से भोपाल के प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान और आइकफ प्रशिक्षण केंद्र में प्रारंभ किया गया है। जिला स्रोत्र समूह के व्यक्ति अपने-अपने जिलों में मिशन अंकुर के सम्बन्ध में मैदानी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर निपुण भारत अभियान में मिशन अंकुर शुरू किया गया है। नई शिक्षा नीति में शामिल यह कार्यक्रम कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को रोचक और सरल तरीके से पढ़ाने के लिए चलाया जा रहा है। जिससे बच्चों में पठन, लेखन और गणित की मूलभूत दक्षताएं विकसित हो सके। मिशन अंकुर में 2026 तक लक्ष्य प्राप्त किए जाने हैं।

मिशन अंकुर में बच्चों में बेसिक कांसेप्ट को क्लीयर करने के लिए फाउंडेशन लिटरेसी को खेल-खेल में सिखाया जाएगा। साथ ही नंबर सिस्टम को समझाने के लिए खासतौर पर न्यूमेरेसी प्रोग्राम चलाया जाएगा। खेल के जरिए बच्चों में चीजों को सीखने की ललक बढ़ेगी। साथ ही अलग-अलग कार्यक्रम और एक्टिविटी के जरिए कक्षाएं आयोजित होने से बच्चे सरलता से पढ़ाई कर सकेंगे।

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