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MLA Arif Masood Protest demonstration
MLA Arif Masood Protest demonstration|Social Media
मध्य प्रदेश

PM आवास पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में विशाल धरना प्रदर्शन

सरकार म. प्र. की साढ़े सात करोड़ जनता का 32 हज़ार 171 करोड़ रू. रिलीज़ करे। इस मांग को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में हज़ारों लोगों ने दिल्ली में प्रधानमंत्री निवास के सामने विशाल धरना दिया।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते हुए नुकसान को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा म.प्र. को राहत राशि शीघ्र देने की मांग करने के लिए भोपाल मध्य विधान से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों के साथ एकत्रित होकर जंतर-मंतर नई दिल्ली पर धरना प्रदर्शन किया। इसके अलावा धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन भी सौंपा।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार :

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के बाढ़ त्रासदी झेल रहे, पीड़ितों के प्रति सौतेले व्यवहार और उदासीन रवैये दिखाया गया है, इन लोगों ने प्रधानमंत्री निवास की ओर कूंच कर प्रदर्शन किया, जहाॅ भारी पुलिसबल ने प्रदर्शनकारियों को बल पूर्वक रोका प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र सरकार एवं नरेन्द्र मोदी के विरूद्ध ज़ोरदार नारे बाजी की।

प्रधानमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंपा :

इस धरना प्रदर्शन के बाद 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमंत्री कार्यालय जाकर श्री आरिफ मसूद के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में माॅग की गई जिसमें मध्यप्रदेश की (8.37) आठ करोड़ से अधिक जनता जिसने आपको 29 में से 28 सांसद दिये हैं, संकट की इस घड़ी में उसकी चिंता करें और तत्काल प्रदेश सरकार द्वारा अपेक्षित राहत राशि शीघ्र प्रदान करें।

विधायक आरिफ मसूद का कहना :

इस धरना प्रदर्शन को लेकर भोपाल विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि, मध्यप्रदेश की जनता के हित में मध्यप्रदेश सरकार को विभिन्न मदोें में मिलने वाली राशि को केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गयी है। 32,171 करोड़ रूपये की कटौती की राशि म.प्र. सरकार को केन्द्र सरकार शीघ्र दें, क्योंकि म.प्र. राज्य बाढ़ आतिवृष्टि की आपदा का सामना कर रहा है। राज्य सरकार बाढ़ राहत और बचाव कार्य में तत्परता से लगी हुई है।

राज्य सरकार को बाढ़ की आपदा से निपटने में जरूरी संसाधनो और राहत के लिए आवश्यक धनराशि की जरूरत है। बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर केन्द्र सरकार को अवगत करा दिया गया है। इस संबंध में यह भी उल्लेखनीय है कि, राज्य सरकार के हिस्से की विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि भी केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक जारी नहीं की गई है।

म.प्र. की जनता के हित में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को दी जाने वाली राशि को शीघ्र दी जाए जिससे की बाढ़ अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को राहत राशि यथा शीघ्र पहुंचाई जाए।

DRF में पहली किस्त में 247 करोड़ रूपये दिया, लेकिन राज्य सरकार ने खर्च 350 करोड़ रूपये कर दिया। चालू वर्ष का 1066 करोड़ रूपये के SDRF का बकाया फंड शीघ्र रिलीज किया जाये। SDRF में 14 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के विपरीत काटा गया 312 करोड़ रूपये रिलीज करें।

कुल इतने रूपये की मांग :

अब तक अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान से आंकलन के आधार पर 12058 करोड़ रूपये दिए जाना चाहिए, जिसमें फसल हानि की रकम 9600 करोड़ रूपये, आवास क्षति की रकम 540 करोड़ रूपये, सड़कों की क्षति की रकम 1566 करोड़ रूपये, स्कूल आंगनवाड़ी आदि अधोसंरचना क्षति की रकम 352 करोड़ रूपये शामिल है।

इसके अलावा केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न मदों में राज्य की हिस्से की राशि 10113 करोड़ रूपये रोकी गई थी, जिसमें भावांतर की रकम 1017 करोड़ रूपये, केन्द्रीय योजना की रकम 6500 करोड़ रूपये, गेहूॅ खरीदी की रकम 1500 करोड़ रूपये, सेन्ट्रल रोड फण्ड 498 करोड़ रूपये, नलजल योजना की रकम 598 करोड़ रूपये शामिल है।

सरदार सरोवर को निर्धारित शेड्यूल तिथि 15 अक्टूबर 2019 के से 01 माह पहले उच्चतम जलस्तर 138-68 को गुजरात सरकार द्वारा भरने से प्रदेश के धार, बड़वानी और अलीराजपुर जिलों के क्षेत्र में 10 हज़ार करोड़ रूपये की क्षति हुई है, जिसमें राजस्व भूमि 5000 करोड़ रूपये, वन भूमि 2000 करोड़ रूपये, राहत एवं पुनर्वास 3000 करोड़ रूपये है।

क्या था इस ज्ञापन में :

इस ज्ञापन में केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश में हुई क्षति के लिए हजार करोड़ रूपये देने के लिए मांग की गई, साथ ही प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार से राशि जारी करवाने के लिए यह ज्ञापन सौंपा गया। इसके अलावा उक्त राशि को शीघ्र ही मध्यप्रदेश सरकार को उपलब्ध करने की मांग की गई।

मदरसा बोर्ड का भी किया जिक्र :

आरिफ मसूद ने अपने भाषणों में मदरसा बोर्ड का जिक्र करते हुये कहा, केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड के शिक्षकों को मिलने वाला वेतनमान वर्ष 2016 से 2019 तक 04 वर्षाें से शिक्षकों का वेतन भी नही दिया है। एक वर्ष का 33 करोड़ है, उस हिसाब से 4 वर्षो की राशि 132 करोड़ होती है, जिसे शीघ्र ही दिया जाए।

आरिफ मसूद ने दिया धन्यवाद :

धरना प्रदर्शन ख़त्म होने के बाद आरिफ मसूद ने धरने में शामिल हुए सभी साथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि, "नई दिल्ली पहुँच कर धरने में शामिल होने के लिए सभी का हृदय से धन्यवाद और आप सब मेरी एक अपील पर यह पधारे मैं आपका आभारी हूँ।

धरने में मुख्य रूप से शामिल थे यह लोग :

धरने में मुख्य रूप से नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर, पार्षद रफीक कुरैशी, मेवालाल कनर्जी, रईसा मलिक, यशवंत यादव, शाहवर मंसूरी, असमत सिद्दीकी गुड्डू, कमरूद्दीन दाऊदी, मो. असलम (ट्रेवल्स), फैसल नईम, ऐनुल यकीन, मोहित सक्सेना, समी उर रहमान जामी, दीपक साहू, श्रीमती गीता मिश्रा, चैधरी वाहिद अली, रज्जब सलमानी, सैफ मलिक, मो. मुबीन, तुफेल सिद्दीकी, एहतेशाम उद्दीन, इकराम हाश्मी, नईम भाई, मतीन अल्ताफ खान, जावेद खान, अ. क़ादिर, अनवर पठान, समीर हसन शानी, अख्तर भाई, असद खान, नादिर खान, पप्पू चादर, अर्पित यादव, अनस अली, राज गोरी, रईस कुरैशी, शरीफ पठान, प्रशांत सिंह, अनस नदवी, नईम सैफी, दिलशाद, अशफाक खाॅ, समी उल्ला, अकबर राईन, समीर राईन, हफीज़ चैधरी, इरफान भाई (वेल्डर), हाकिम अंसारी, फैज़ कुरैशी, माज़ खान, शकील अब्बा, जावेद खान श्रीमती निदा एवं शाहवर खान, मसर्रत खान, श्रीमती नूरजहाॅ, श्रीमती नीतू शर्मा, प्रियंका चीते, बाबर शेख, सरफराज़ कुरैशी, दानिश अज़ीज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।