इस मानसून में पहली बार चंबल ने मां चामुंडा के पखारे पैर, मंदिर में आया पानी
जलमग्न हुआ मंदिरParvez Aziz

इस मानसून में पहली बार चंबल ने मां चामुंडा के पखारे पैर, मंदिर में आया पानी

नागदा जं., मध्य प्रदेश: लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों को पानी-पानी कर दिया वही चंबल नदी पर बने चामुंडा माता के मंदिर में चंबल का पानी आया।

नागदा जं., मध्य प्रदेश। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों को पानी-पानी कर दिया, बारिश के कारण उज्जैन जिले के नागदा जंक्शन में डैम भर गए है, चौबीस घंटे से हो रही बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है वही दूसरी ओर तेज बारिश ने मां चामुंडा के पैर पखार दिए हैं।

चंबल नदी पर बने चामुंडा माता के मंदिर में आया चंबल का पानी :

बताते चलें कि दो तीन दिन से रूक-रुककर रिमझिम और झमाझम बारिश का दौर जारी है, मिली जानकारी के मुताबिक इस मानसून 2021 में नदी का जलस्तर इस कदर बढ़ गया है, कि चंबल नदी पर बने चामुंडा माता के मंदिर में चंबल का पानी आया।

यह नजारा इस मौसम में पहली बार :

नागदा में सोशल मीडिया पर चंबल के उफान पर आने की खबर हो रही है वायरल

वहीं, नागदा में सोशल मीडिया पर चंबल के उफान पर आने की खबर वायरल हो रही है लेकिन नदी उफान पर नहीं है, नीचे दी गई तस्वीरों से साफ पता चल रहा है कि पानी अभी डैम की सतह तक ही पहुंचा है, अगर बारिश लगातार जारी रही तो चंबल जरूर उफान पर आ सकती है। बताते चलें कि तेज बारिश होने से मध्यप्रदेश के कई शहर तथा आसपास के नदी नाले उफान पर है, वहीं चंबल के सभी बांध भर गए है, इस मौसम में पहली बार पानी चंबल के बांध से कूदकर चामुंडा माता मंदिर तक पंहुचा है।

ऐसा नजारा देखने के लिए की भारी संख्या में लोग वहां पहुंचते हैं और फोटो क्लिक करवाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है। हमारी उन सभी जनता से अनुरोध है कि, अगर आप वहां दर्शन हेतु जाते हैं, तो सावधानी बरतें।

नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन हुआ अलर्ट- बारिश होने से चंबल नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है, वही नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन अलर्ट है। मौसम के तेवर को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जिले की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

नागदा एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासन अलर्ट :

इस मामले पर नागदा एसडीएम गोस्वामी से राज एक्सप्रेस के अधिकारी (प्रियंक व्यास) ने बात की, नागदा एसडीएम गोस्वामी ने बताया कि नागदा में सोशल मीडिया पर चंबल के उफान पर आने की जो खबर वायरल हो रही है वो गलत है। वहीं, नागदा एसडीएम गोस्वामी ने कहा कि प्रशासन बारिश के दौरान आने वाली आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। नदी पर गोताखोर और बोट तैनात हैं, उसके साथ ही नदी और नालों पर बैरीकेडिंग की भी व्यवस्था करवाई जा रही है ताकि जन समूह को उनसे दूर रखा जा सके।

नागदा फ़िल्टर प्लांट और नायन रोड को लेकर भी एसडीएम ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका सीएमओ भविष्य भार्गव से इस समस्या को लेकर बात की है और उन्हें फ़िल्टर प्लांट की रोड का प्रपोजल बनाने के लिए निर्देशित किया है। नागदा को नायन से जोड़ने वाली रोड विवादस्पद है इसलिए नगर निगम उस पर कोई कार्य नहीं कर सकता, फिर भी छठ पर्व के दौरान नगर निगम द्वारा पैच वर्क का कार्य किया जाता है, ताकि पूजा के लिए जाने वाले सभी श्रधालुओं को कोई तकलीफ ना हो।

इससे पहले साल 2020 में भी तेज बारिश के कारण चामुंडा माता मंदिर पूरी तरह से पानी में डूब गया था, नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से हाई अलर्ट रहा था नगरपालिका के कंट्रोल रुम में कर्मचारी तैनात थे, एसडीएम पुरुषोत्तम कुमार ने शहर क्षेत्र में तो तहसीलदार राजेंद्रकुमार गुहा ने ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश की मॉनीटरिंग की थी।

नीचे दी गई लिंक पर क्लिक पर पढ़ें खबर- चंबल नदी का रुद्र रुप

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