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अतिवृष्टि से जिले में 1 हजार से ज्यादा लोग हुए प्रभावित
अतिवृष्टि से जिले में 1 हजार से ज्यादा लोग हुए प्रभावित|Shashikant Rao
मध्य प्रदेश

विदिशा: अतिवृष्टि से जिले में 1 हजार से ज्यादा लोग हुए प्रभावित

विदिशा, मध्य प्रदेश: लगातार हो रही बारिश से बेतवा और बैस नदी उफान पर चल रही हैं, जिसकी वजह से सतपाड़ा पुल पूरी तरह से जर्जर हो गया है। अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को भी नुकसान पंहुचा है।

Shashikant Rao

हाइलाइट्स:

  • लगातार हो रही बारिश से बेतवा और बैस नदी उफान पर चल रही हैं

  • अभी जहां 300 मिमी औसत ज्यादा बारिश हुई है, तो पिछले साल से 600 मिमी औसत बारिश दर्ज हो चुकी है

  • लगातार बारिश होने से जन-जीवन अस्त व्यस्त है

  • अतिवृष्टि से सोयाबीन, उड़द की फसलें बर्बाद होने की कगार पर

  • जिले में अब तक 1400 मिमी से ज्यादा औसत वर्षा दर्ज

राज एक्सप्रेस। लगातार हो रही बारिश से बेतवा और बैस नदी उफान पर चल रही है। सतपाड़ा पुल पूरी तरह से जर्जर हो गया है। इसके अलावा बारिश से निचली बस्तियां जलमग्न हो गईं, लोगों के घरों में पानी भरने से दिक्कत हुई है। लगातार बेतवा और बैस नदी के उफान पर आने के कारण लोग परेशान है। इस वर्ष अभी तक सामान्य से जहां 300 मिमी औसत ज्यादा बारिश हुई है, तो पिछले साल से 600 मिमी औसत बारिश दर्ज हो चुकी है।

अतिवृष्टि से जनजीवन अस्त व्यस्त:

अतिवृष्टि से प्रशासन ने नुकसान का जो आंकलन किया है, उसकी रिपोर्ट और होने वाली क्षति का सर्वे भी पूरा कर लिया है। अभी भी बारिश लगातार होने से जन-जीवन अस्त व्यस्त है। विदिशा का अनेक नगरों से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। अतिवृष्टि से सोयाबीन, उड़द की फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। जिले में जनहानि के प्रकरणों 68 लाख, पशु हानि के प्रकरणों में 33 हजार की राशि का वितरण हुई। अनवरत वर्षा और जलभराव से उत्पन्न बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावितों को आरबीसी के प्रावधानों के तहत नियमानुसार राहत राशि शीघ्र प्रदाय की जा सके। इसके लिए जिले में सर्वे कार्य जारी है।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया:

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि, फसलों की क्षति के सर्वे कार्य हेतु राजस्व, कृषि एवं पंचायत सचिव के ग्राम स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो वर्षा रुकने के बाद खेतों में जाकर फसलों की क्षति का आंकलन कर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। जिले में 11 सितम्बर तक जनहानि, पशु हानि के अलावा आंशिकपूर्ण मकान, कुंआ एवं अन्य सामग्री की क्षति के प्रकरण 11 सितम्बर तक की स्थिति में दर्ज किए गए हैं। इसके संबंध में बताया गया कि, उल्लेखित तिथि तक 19 जनहानि के प्रकरणों में से 17 प्रकरणों का निराकरण कर मृतकों के निकटतम परिजनों को 68 लाख रूपए की आर्थिक मदद जारी की जा चुकी है।

राहत राशि का आंकलन:

वहीं पशु हानि के 23 प्रकरणों से 12 प्रकरणों का निराकरण हुआ है। उक्त प्रकरणों में 33 हजार रूपए की राशि संबंधित पशुपालकों को प्रदाय की गई है। आंशिकपूर्ण मकान, कुंआ एवं अन्य सामग्री की क्षति के कुल चार हजार आठ सौ प्रकरणों में से 11 सितम्बर तक दो हजार 911 प्रकरणों का निराकरण किया गया है और इन प्रकरणों में पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ 61 लाख 72 हजार 712 वितरण हेतु अनुमानित राहत राशि का आंकलन किया गया है। अनवरत् वर्षा और जलभराव के कारण जिले के एक हजार ग्राम प्रभावित हुए हैं, वहीं राहत शिविरों में रह रहे 630 व्यक्तियों के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, जिसमें भोजन, दवाईयों के अलावा ठहरने के स्थलों पर गद्दा, रजाई एवं अन्य वस्त्र की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

जिले में अब तक 1400 मिमी से ज्यादा औसत वर्षा दर्ज :

विदिशा जिले में अब तक 1398.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि गतवर्ष उक्त अवधि में 832.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई थी। जिले की तहसीलों में स्थापित वर्षामापी यंत्रों पर गुरूवार को दर्ज की गई। वर्षा की जानकारी देते हुए, अधीक्षक भू.अभिलेख ने बताया कि, 12 सितम्बर की प्रात:आठ बजे रिकार्ड की गई। वर्षा अनुसार 31.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। 12 सितम्बर को तहसीलवार दर्ज की गई। वर्षा की जानकारी तदानुसार विदिशा में 33 मिमी, बासौदा में 39.6 मिमी, कुरवाई में 36 मिमी, सिरोंज में 20 मिमी, लटेरी में 5 मिमी, ग्यारसपुर में 36 मिमी, गुलाबगंज में 47 मिमी, नटेरन तहसील में 36 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।