भोपाल : राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे हैं, 50 हजार से ज्यादा खटारा वाहन
राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे हैं, 50 हजार से ज्यादा खटारा वाहनसांकेतिक चित्र

भोपाल : राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे हैं, 50 हजार से ज्यादा खटारा वाहन

बजट में स्क्रैप नीति का असर : 20 साल पुराने निजी और 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को सड़कों से हटाने की तैयारी।

भोपाल, मध्य प्रदेश। केन्द्र सरकार की तरफ से पेश किये गए आम बजट में स्क्रैप नीति को लेकर हुई घोषणा ने राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे 50 हजार से ज्यादा ऐसे वाहनों के पहियों पर ब्रेक लगाने की तैयारी कर दी है, जिनकी अवधि 15 से 20 साल हो चुकी है। ऐसे वाहनों को सड़कों से हटाने की तैयारी सरकार ने कर ली है, जिसके बाद परिवहन विभाग भी हरकत में आ गया है। शुरूआत कमर्शियल वाहनों से होगी। इसके लिए आरटीओ को निर्देश भी जारी हो चुके हैं, हालांकि तैयारी अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन अफसरों के मुताबिक जल्द 15 से 20 साल पुराने वाहन सड़कों से हटाए जाएंगे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या यात्री और माल वाहक वाहनों की है, जो खटारा होने के बाद भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं, हालांकि इसके पीछे सरकार की कवायद शहरों में प्रदूषण को कम करने की है, इसी का हवाला देते हुए करीब 12 साल पहले राजधानी में सड़कों पर दौड़ने वाले डीजल टैंपों को भी हटाया गया था। लेकिन सरकार के इस फैसले के साथ ऐसे वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है, क्योंकि इस नीति के तहत अब आरटीओ इतने पुराने हो चुके वाहनों को आगे के लिए रीन्यूअल नहीं देगा, जिससे यह सड़कों से हट जांएगे, इसकी जद़ में बसें, ट्रक, मिनी बसों और ऑटो से लेकर तमाम पुराने वाहन आएंगे।

काम आसान नहीं :

हालांकि अधिकारी भी मान रहे हैं, कि यह काम आसान नहीं होगा, इसमें समय लगेगा। लेकिन सरकार की मंशा के मुताबिक शहर की सड़कों से करीब 50 हजार से ज्यादा पुराने वाहनों का सड़क से हटना तय है। लेकिन इस संख्या में और इजाफा होने के आसार है, क्योंकि हर महीने कई और वाहन 15 से 20 साल की अवधि को पूरा करके इस कैटेगिरि में शामिल होते जाएंगे। फिलहाल आरटीओ इस योजना को लागू करने के लिए रोड मैप बनाने में जुटा है।

रिकार्ड निकालने में जुटा आरटीओ :

बजट में हुई इस घोषणा के बाद परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ को ऐसे वाहनों का रिकार्ड तैयार करने के निर्देश जारी कर दिये हैं, इसके बाद भोपाल आरटीओ ने भी ऐसे वाहनों का रिकार्ड निकालना शुरू कर दिया है। जो इस कैटेगिरि में आ रहे हैं, दरअसल शहर में 15 साल पुराने कुल कितने कर्मिशल और 20 साल पुराने कितने निजी वाहन हैं, इनकी जानकरी निकालने में कुछ समय लग सकता है, तय नियमों के मुताबिक मियाद पूरी कर चुके वाहनों को अब आरटीओ आगे रिन्यूअल नहीं देगा। ऐसे में सबसे पहले कमर्शियल वाहनों का रिकार्ड एकत्र किया जा रहा है। गौरतलब है, कि शहर में हजारों की संख्या में ऐसे यात्री और माल वाहक वाहन हैं, जो कि 15 से लेकर 20 साल तक पुराने हैं, सरकार के निशाने पर सबसे पहले कमर्शियल वाहन है, क्योंकि इसके द्वारा सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलता है। आरटीओ सूत्रों के मुताबिक ट्रांसपोर्ट कमिश्रर मुकेश जैन के निर्देश के बाद अब ऐसे वाहनों की जानकारी जुटाई जा रही है।

भोपाल में शिफ्टिंग की वजह से लग सकता है, समय :

हालांकि बजट में स्क्रैप नीति की घोषणा के साथ ही परिवहन विभाग पुराने वाहनों को लेकर एक्शन मोड में तो आ गया है, लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं है, क्योंकि ऐसे वाहनों की संख्या ज्यादा है, और फिटनेस के बाद ही इन्हें हटाने का निर्णय लिया जाएगा, यानि ऐसे सभी वाहन मालिकों को वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा, इसके बाद इन्हें सड़कों से हटाया जाएगा। लेकिन एक तो अभी रिकार्ड तैयार करने में समय लगेगा, दूसरे भोपाल में आरटीओ कार्यालय की शिफ्टिंग का मामला भी अटका हुआ है, ऐसे में यहां पुराने वाहनों को हटाने को लेकर कुछ ज्यादा समय लग सकता है। गौरतलब है कि, इस समय भोपाल समेत प्रदेश के चार महानगरों में ही करीब 3 लाख से ज्यादा वाहन इस क्राइट एरिया में आ रहे हैं। इतना ही इन वाहनों को सड़क से हटाना चुनौतीपूर्ण है, हांलाकि , आरटीओ सूत्रों का कहना है, कि इस मामले में जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी।

करना होगा वाहन का फिटनेस टेस्ट :

15 से 20 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को इस नीति के लागू होने के बाद अब अपने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना जरूरी होगा। इस दौरान वाहन की कंडीशन और प्रदूषण के स्तर की जांच करने के बाद इसे सकड़ से हटाया जाएगा। फिलहाल शहर में ऐसे हजारों वाहन सड़कों पर हैं, जो 15 से लेकर 20 साल से भी ज्यादा पुराने हो चुके हैं। आरटीओ सूत्रों के मुताबिक चरणबद्ध रूप से ऐसे वाहनों को सड़कों से हटाया जाएगा। वहीं सरकार के फैसले के बाद वाहन मालिकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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