भोपाल : सांची में इस बार दो चौधरी होंगे आमने-सामने

भोपाल, मध्य प्रदेश : मुस्लिम, लोधी और राजपूत मतदाताओं पर ठहरा नए विधायक का निर्णय। लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच रही है यहां पर सीधी टक्कर।
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सांची में इस बार दो चौधरी होंगे आमने-सामनेRaj Express

भोपाल, मध्य प्रदेश। प्रदेश में 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में सांची विधानसभा सीट पूरे राज्य की चर्चाओं में है। तत्कालीन कमलनाथ सरकार से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए सिंधिया खेमे के मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का मुकाबला इस बार अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी शेजवार की बजाए नए उम्मीदवार से होगा। यहां पर मुस्लिम, लोधी और राजपूत सहित कुछ अन्य ऐसी जातियां हैं जो हार-जीत का निर्णय तय करेंगे।

सांची आरक्षित सीट का उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रत्याशियों के लिए बड़ा चुनौती और संघर्षपूर्ण माना जा रहा है। प्रभुराम चौधरी को जहां सत्ताधारी दल के बैनर की ताकत है तो अपने परंपरागत वोटरों के साथ-साथ उनके लिए नई पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं को खुश करने की भी एक अग्निपरीक्षा है। हालांकि दावा है कि चौधरी के प्रति भाजपा कार्यकर्ताओं की कोई नाराजगी नहीं है। जिस रायसेन गैरतगंज और सांची को मिलाकर यह विधानसभा बनी हुई है। वहां हर मतदाता पूरी ताकत के साथ चौधरी को जिताने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है। इधर कांग्रेस ने जिस मदनलाल चौधरी को सांची विधानसभा के मैदान में उतारा है, वह स्थानीय प्रत्याशी जरूर हैं, लेकिन विधानसभा का उनका यह पहला चुनाव है। सरपंच से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाले मदनलाल मौजूदा समय में जिला पंचायत सदस्य हैं। जानकारों की मानें तो टिकट वितरण के बाद उन्हें अपनों का ही यहां विरोध झेलना पड़ रहा है। खासकर वह जमीनी कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं जो टिकट के लिए भारी मेहनत करने के लिए जुटे हुए थे। पिछले करीब दो दशक का दौर देखे तो यहां पर प्रभुराम चौधरी और शेजवार के बीच ही हार जीत चलती रही है। इस बार प्रभुराम द्वारा दल बदलने से कांग्रेस का नया उम्मीदवार मैदान में हैं। अब देखना यह है कि मतदाता प्रभुराम पर ही भरोसा करते हैं या फिर नए चेहरे को जीत दिलवाकर विधानसभा तक पहुंचाते हैं।

सांची सीट पर मतदाता :

जाति-वर्ग । वोटर

अजा-जजा । 40,000

मुस्लिम । 30,000

लोधी । 25,000

किरार। 15000

राजपूत । 20,000

ब्राह्मण । 5,000

कर्मचारी । 5000

कुल वोटर । 204,000

वर्ष 2018 का विधानसभा चुनाव :

कुल वोट पड़े - 1,76,654

प्रभुराम चौधरी, (कांग्रेस) - 89,576

मुदित शेजवार, (भाजपा) - 78,754

जीत का अंतर - 10,822

सांची में बसपा कभी नहीं कर पाई चमत्कार :

प्रदेश में तीसरी ताकत बनने की हुंकार भर रही बहुजन समाज पार्टी सांची विधानसभा सीट पर कभी कोई करिश्माई प्रदर्शन नहीं कर सकी है। वर्ष 2008 और 2013 का चुनाव देखें तो फिर यहां पर कोई खास सफलता न मिलने के कारण बसपा अपने प्रत्याशी तक नहीं उतार पाई। वर्ष 2018 के चुनाव में बसपा से शिव कुमारी मैदान में थी। जिन्हें मात्र 1015 वोट हासिल हुए थे। इस बार के उपचुनाव में बसपा ने प्रदेश प्रभारी पूरनलाल अहिरवार को मैदान में उतारा है। विदिशा जिले के गंजबासौदा के मूल निवासी पूरनलाल की ताकत सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति और जनजाति मत ही माने जा रहे हैं। सांची विधानसभा में 365 पोलिंग बूथ हैं।

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