MP में नए कानून के तहत 'लव जिहाद' के 23 मामले दर्ज, मिश्रा ने दी जानकारी
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MP में नए कानून के तहत 'लव जिहाद' के 23 मामले दर्ज, मिश्रा ने दी जानकारी

भोपाल, मध्यप्रदेश : प्रदेश में जनवरी से लेकर अब तक लव जिहाद के 23 मामले दर्ज किए गए हैं, धर्म स्वातंत्र्य कानून को लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का सामने आया बयान।

भोपाल, मध्यप्रदेश। कोरोना संकट के बीच मध्यप्रदेश में लव जिहाद (Love Jihad) के विरोध में बनाए गए नए स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 के तहत 23 दिन में ही 23 मामले दर्ज किए गए हैं, बताते चलें कि मध्यप्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 का अध्यादेश 9 जनवरी से प्रदेश में लागू किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश में 9 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक नए कानून के तहत 23 मामले दर्ज किए गए।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी जानकारी-

बता दें कि मध्यप्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य कानून को लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान सामने आया है, मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश में जनवरी से लेकर अब तक लव जिहाद के 23 मामले दर्ज किए गए हैं, प्रदेश में नए कानून के तहत भोपाल संभाग में सबसे ज्यादा 7, इंदौर में 5, जबलपुर एवं रीवा में 4-4 और ग्वालियर संभाग में 3 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, मंत्री मिश्रा ने कहा कि हम पहले ही कह रहे थे कि कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो इस तरह के काम कर रही हैं।

नरोत्तम मिश्रा किया ट्वीट-

इस मामले को लेकर मिश्रा ने ट्वीट कर कहा है कि मध्यप्रदेश में धर्मांतरण के लिए लोभ-लालच, डरा-धमकाकर शादियां कराने वाली ताकतों पर अंकुश के लिए मप्र सरकार की कानूनी पहल के सार्थक नतीजे सामने आने लगे हैं धर्म स्वातंत्र्य कानून के तहत जनवरी में कुल 23 मामले दर्ज किए गए हैं।

आपको बताते चलें कि अपना धर्म छिपाकर धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम का उल्लंघन करने पर तीन साल से दस साल तक के कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड और सामूहिक धर्म परिवर्तन का प्रयास करने पर 5 से 10 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड का प्रावधान किया है, धर्मांतरण के लिए होने वाली शादियों पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को कठोर बनाने के साथ कुछ ऐसे प्रावधान किए हैं।

नए कानून के प्रावधान

  • नए मसौदे के प्रावधानों में धर्म परिवर्तन के अपराध में पीड़ित महिला और पैदा होने वाले बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी तय की गई है,

  • पैदा हुए बच्चे को पिता की संपत्ति में उत्तराधिकारी के रूप में अधिकार बरकरार रखने का प्रावधान शामिल किया गया है।

  • लव जिहाद जैसे मामलों में सहयोग करने वालों को भी मुख्य आरोपी बनाया जाएगा। उन्हें अपराधी मानते हुए मुख्य आरोपी की तरह ही सजा होगी।

  • बहला-फुसलाकर, धमकी देकर जबर्दस्ती धर्मांतरण और शादी करने पर 10 साल की सजा का प्रावधान होगा, यह अपराध गैर जमानती होगा।

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