मप्र को प्रतिदिन होगी 643 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति : शिवराज सिंह
मप्र को प्रतिदिन होगी 643 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति : शिवराज सिंहRaj Express

मप्र को प्रतिदिन होगी 643 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति : शिवराज सिंह

श्री चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार से 22 अप्रैल से 643 मीट्रिक टन प्रतिदिन ऑक्सीजन आपूर्ति की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा दिये जा रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का आभार माना है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए हर मोर्चे पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र के अनेक मंत्रालयों में संपर्क कर केंद्रीय मंत्रियों से भी ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए आग्रह किया है। श्री चौहान ने बताया कि समेकित प्रयासों से मध्यप्रदेश को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन मिलना शुरू हो गई है। प्रदेश के भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट से इंडियन एयरफोर्स के विशेष विमानों से ऑक्सीजन टैंकर प्रतिदिन बोकारो और जामनगर भेजे जा रहे हैं। मध्यप्रदेश के लिए यह राहत की बात है कि जो टैंकर भेजे गए उनमें से पहली खेप में ट्रेन द्वारा छह टैंकर 63.78 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर बुधवार की सुबह भोपाल आ जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा दिये जा रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का आभार माना है।

श्री चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार से 22 अप्रैल से 643 मीट्रिक टन प्रतिदिन ऑक्सीजन आपूर्ति की स्वीकृति मिली है। रेल मंत्रालय के सहयोग से त्वरित रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश पशुधन विकास निगम के चार टैंकर ऑक्सीजन भरकर लाने के लिए अंगुल (ओडिशा) भी भेजे गए हैं, जिनमें 23 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आएगी। ये सभी टैंकर भी बुधवार को मध्यप्रदेश आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार को प्रदेश में 527.69 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई। मंगलवार को प्रदेश को कुल 533 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त होने की संभावना है। प्रदेश में ऑक्सीजन के त्वरित परिवहन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से झारखंड के बोकारो एवं गुजरात के जामनगर स्थित ऑक्सीजन उत्पादकों से ऑक्सीजन टैंकर एयरलिफ्ट कर इंदौर, भोपाल एवं ग्वालियर लाये जा रहे हैं। भारतीय वायु सेना की उड़ानों के फेरों के माध्यम से गत 24 अप्रैल से जारी यह कार्यवाही एक मई तक लगातार जारी रहेगी।

राज्य सरकार ने खरीदे 2000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर:

श्री चौहान ने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 2000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे गए हैं। प्रदेश के 34 जिलों में स्थानीय व्यवस्था से एक हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स लगाए जा चुके हैं। कौंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च, भारत सरकार द्वारा अधिकृत संस्था के माध्यम से प्रदेश के पांच जिला चिकित्सालयों भोपाल, रीवा, इंदौर ग्वालियर और शहडोल में नवीनतम वीपीएसए तकनीक आधारित ऑक्सीजन प्लांट्स एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से लगाये जा रहे हैं। इनमें 300 से 400 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन बनेगी जो लगभग 50 बेड्स के लिए पर्याप्त होगी। इस नवीनतम तकनीक से ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

आठ जिलों में लगाए जा रहे ऑनसाइट ऑक्सीजन गैस जनरेटर प्लांट :

इसी प्रकार रक्षा मंत्रालय की एजेंसी डीआरडीओ द्वारा अस्पताल में ही नई डेबेल तकनीक के आधार पर चलने वाले ऑनसाइट ऑक्सीजन गैस जनरेटर प्लांट विकसित किए गए हैं। मध्यप्रदेश के आठ जिलों बालाघाट, धार, दमोह, जबलपुर, बड़वानी, शहडोल, सतना और मंदसौर में पांच करोड़ 87 लाख रुपए से अधिक की लागत के इसी तकनीक आधारित 570 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले ऑनसाईट ऑक्सीजन गैस जनरेटर प्लांट लगाए जा रहे हैं।

खंडवा और सारणी प्लांट से रोज मिलेगी 200 सिलेंडर ऑक्सीजन :

प्रदेश के आठ जिलों में भारत सरकार के सहयोग से पीएसए तकनीक आधारित आठ ऑक्सीजन प्लांट्स स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से छह प्लांट्स ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। प्रदेश के 37 जिलों के लिए राज्य सरकार स्वयं के बजट से जिला अस्पतालों में पीएसए तकनीक से तैयार होने वाले नए ऑक्सीजन प्लांट्स लगा रही है। इनमें से प्रथम चरण में 16 मई तक 13 जिलों में प्लांट प्रारंभ हो जाएंगे। द्वितीय चरण में 9 जिलों में प्लांट 23 मई तक चालू हो जाएंगे। तृतीय चरण में शेष 15 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट्स 20 जुलाई तक प्रारंभ करने का लक्ष्य है। प्रदेश में स्थित थर्मल पॉवर स्टेशंस के माध्यम से खंडवा और सारणी में 7000 लीटर क्षमता वाले नए ऑक्सीजन प्लांट अगले तीन सप्ताह में तैयार हो जाएंगे। इन प्लांट से लगभग 200 सिलेंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन प्राप्त हो सकेगी।

1058 बिस्तरों के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन डालने का कार्य पूर्ण :

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के बेड्स को ऑक्सीजन बेड्स में परिवर्तित करने के लिए पाइप लाइन डालने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। जिला अस्पतालों के 2,302 बिस्तरों में से अब तक 1058 बिस्तरों के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन डालने का कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के 4643 बिस्तरों में से अब तक 304 बिस्तरों के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन डाली जा चुकी है।प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। ऑक्सीजन की आपूर्ति की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोलर, फूड एंड ड्रग सेफ्टी को प्रभारी बनाया गया है।

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