मुकेश नायक के पार्टी विरोधी सुर
मुकेश नायक के पार्टी विरोधी सुर|Social Media
मध्य प्रदेश

सियासी खुलासा: भितरघात की राह पर मुकेश नायक

मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व सिसायी संकट के बीच आज एक और बड़ी खबर आई सामने, अब कांग्रेस की फूट के खुले राज...

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश का सियासी बवाल अभी तक नहीं थमा! मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व सियासी संकट के बीच आज एक और बड़ी खबर सामने आई, मिली जानकारी के अनुसार अब कांग्रेस की फूट के खोले राज, जानें भाजपा में क्यों गये महाराज, कांग्रेस नेता ने किया बड़ा खुलासा।

मुकेश नायक ने दिग्विजय कांग्रेस की फूट के खुले राज :

मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश नायक ने दिग्विजय सिंह कांग्रेस की फूट के राज खुले हैं, कांग्रेस के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश नायक ने दिग्विजय सिंह की एक टीवी चैनल पर पोल खोली है।

मुकेश नायक ने एक टीवी पर किया स्वीकार :

मुकेश नायक ने एक टीवी चैनल पर स्वीकार किया कि- कांग्रेस के अंतर्विरोध के कारण ऐसे हालात हुए हैं। मुकेश नायक बोले-"अपनी फेस सेविंग करने के लिए दिग्विजय सिंह गए हैं बेंगलुरु"

केंद्रीय नेतृत्व तटस्थ होकर देख रहा है मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार का पूरा घटनाक्रम!

मुकेश नायक ने यह भी कहा-

मुकेश नायक ने खुलासा करते हुए कहा कि-

राजा महाराजा के वर्चस्व की लड़ाई में भाजपा जो घात लगाकर बैठी थी उसने मौके का फायदा उठाया। 15 सालों से मलाई लूटने के बाद फिर एक बार भाजपा को मलाई लूटने का मौका मिल गया है। बेंगलुरु में दिग्गी के पहुंचने से स्थिति में सुधार नहीं होगा।

रोहित सरदाना ने कांग्रेस प्रवक्ता की बोलती कर दी बंद :

मुकेश नायक की बात पर बोले रोहित सरदाना बोले मलाई तो आप के कब्जे आ गई थी, आप लोग लड़ पड़े बिल्लियों की तरह तो किसी न किसी को तो मौका मिलेगा ही और आप खुद स्वीकार कर रहे हैं, इस बात को कि राजा महाराजा आपस में लड़ रहे थे।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था :

आपको बता दे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि, पुलिस हमें हमारे विधायकों से मिलने नहीं दे रही है। मैं मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं और 26 मार्च को राज्यसभा चुनाव होना है लेकिन मुझे मेरे विधायकों से मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्हें यहां पर बंधक बनाकर रखा गया है।

वहीं दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट भी किया था-जिसमें उन्होंने लिखा कि बेंगलुरु पुलिस का कहना है कि हमारे जो विधायक यहां हैं, उनकी निजता के चलते हम उनसे नहीं मिल सकते हैं। निगरानी के लिए पुलिस 24 घंटे उन पर नज़र रखे हैं। प्राइवेसी की रक्षा का ये ग़ज़ब उदाहरण है। हर संवैधानिक अधिकार, हर संवैधानिक व्यवस्था की स्वार्थी व्याख्या BJP से सीखें।

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