Gwalior : कलेक्ट्रेट हुई फेल तो नगर निगम ने संभाली कमान, 40 हजार को लगी वैक्सीन
40 हजार को लगी वैक्सीनराज एक्सप्रेस, संवाददाता

Gwalior : कलेक्ट्रेट हुई फेल तो नगर निगम ने संभाली कमान, 40 हजार को लगी वैक्सीन

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : कोविड-19 से बचाव के लिए 50 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था और निगम अमले की तत्तपरता से 40 हजार को वैक्सीन लगी।

हाइलाइट्स :

  • नगर निगम अधिकारियों को हर बैठक में साबित किया जा रहा था नाकारा।

  • पिछली बैठक में खुद कलेक्टर ने एसडीएमओ को कहा था शर्म करो।

  • 400 से अधिक स्थायी टीमों ने टीकाकरण केन्द्रों पर लगवाई वैक्सीन।

  • 269 मोबाईल टीमों ने घर-घर दस्तक देकर किया टीकाकरण।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। नगर निगम का अमला अगर काम करने पर आ जाए तो हर नामुमकिन लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है। हालांकि हर समय विभिन्न विभागों के अधिकारी निगम अधिकारियों को नाकारा ही साबित करते हैं, लेकिन जब भी किसी बड़े कार्यक्रम या अभियान की बात आती है तो निगम अमला ही मैन ऑफ द मैच साबित होता है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। कोविड-19 से बचाव के लिए 50 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था और निगम अमले की तत्तपरता से 40 हजार को वैक्सीन लगी। इससे पहले 10 नवंबर को जब वैक्सीनेशन की कमान कलेक्ट्रेट के हाथ थी तो 23575 लोगों को ही वैक्सीन लग सकी थी। इस कार्य में भी एक संदेश छिपा है और उसे निगमायुक्त किशोर कन्याल को समझना होगा। जब तक निगम अमले पर दबाव नहीं बनेगा तब तक सही काम होना संभव नहीं है।

प्रदेश सरकार द्वारा कोविड 19 से बचाव के लिए शत प्रतिशत लोगों वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। सभी लोगों को वैक्सीन लग सके इसलिए कोरोना महावैक्सीन अभियान 10, 17 और 24 नवम्बर और 01 दिसम्बर को चलाए जाने के आदेश दिए गए थे। इसे लेकर पूरे प्रदेश में जोर शोर से तैयारी की गई। 10 दिसंबर तक वैक्सीन लगाने का पूरा जिम्मा कलेक्ट्रेट के अधिकारियों पर था और विधानसभा वार एसडीएम को कमान सौंपी गई थी। लेकिन परिणाम सोच के अनुरूप नहीं आए। 10 दिसंबर को 50 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया था और मात्र 23575 लोगों को वैक्सीन लग पाई। इस स्थिति पर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह जमकर नाराज हुई। हद तो तब हुई जब 14 नवंबर को जीवाजी विश्वविद्यालय के सभागार में संयुक्त बैठक बुलाई गई और इस बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने एसडीएम एवं निगम अधिकारियों सहित सभी विभागों को धमकी दे दी। पहले तो उन्होंने 14 नवंबर के आंकड़े बताते हुए कहा कि आज मात्र 4000 लोगों को वैक्सीन लगी है। इस स्थिति में एसडीएम आईने में अपना चेहरा कैसे देख लेते हैं मुझे तो समझ ही नहीं आता। इसके बाद उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को अपने हिस्से का काम पूरा करना होगा नहीं तो सख्त से सख्त कार्यवाही होगी। अगर आप इसे धमकी समझ रहे हैं तो यह धमकी ही है। कलेक्टर की चेतावनी का असर यह हुआ कि 15 एवं 16 नवंबर को दिन भर बैठकें चली। नगर निगम अधिकारियों ने इसे चैलेंज के रूप में लिया और बुधवार को पूरा दिन कसावट के साथ काम किया। यही वजह थी कि 40 हजार लोगों को वैक्सीन लग सकी।

जिन्न है निगम अमला, जब घिसोगे तभी इच्छा पूरी होगी :

नगर निगम अमला जिन्न की तरह है। इससे अगर काम लेना है तो घिसना आवश्यक है। यह बात निगमायुक्त किशोर कन्याल को समझनी होगी। उन्हें अगर स्वच्छता सर्वेक्षण सहित अन्य कार्यों में सकारात्मक परिणाम चाहिए तो सख्ती करते हुए निगम अमले को घिसना होगा। जो बेहतर काम करे उसका सम्मान और जो लापरवाही दिखाए उसे दण्ड देने की प्रक्रिया अपनाकर ही नगर निगम में बेहतर काम किया जा सकता है।

400 टीमों ने केन्द्र पर तो 269 टीमों ने घर पर लगाई वैक्सीन :

वैक्सीन महाअभियान में लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ता एवं आगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य अमला शामिल था। अभियान की प्राप्ति के लिए 400 टीमों ने टीकाकरण केन्द्र एवं 269 टीमों ने घर-घर दस्तक देकर वेक्सीन लगाई। कलेक्टर ने नगर निगम के सभी वार्ड मॉनिटरों को 500-500 वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया था जिसमें से अधिकतर लोगों ने लक्ष्य की प्राप्ति की है। किस वार्ड में कितने टीकें लगे हैँ इसका आंकड़ा देर रात तक एकत्रित नहीं हो पाया था। अधिकारियों के अनुसार किस किस वार्ड मॉनिटरों ने लक्ष्य की पूर्ति की है यह गुरूवार को सामने आ सकेगा।

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