इंदौर : एमवायएच के सर्जरी विभाग का कमाल-बिना इलाज ही मरीज किया डिस्चार्ज

इंदौर, मध्य प्रदेश : मरीज से झूठ बोलेकर दूसरे विभाग भेजा, तो वहां से दोबारा सर्जरी में भेजा। दोबारा भर्ती नहीं किया, तो फुटपाथ पर डाला डेरा, मामला सुर्खियों में आने पर किया दोबारा भर्ती।
इंदौर : एमवायएच के सर्जरी विभाग का कमाल-बिना इलाज ही मरीज किया डिस्चार्ज
एमवायएच के सर्जरी विभाग का कमाल-बिना इलाज ही मरीज किया डिस्चार्जSocial Media

इंदौर, मध्य प्रदेश। एमवायएच प्रदेश का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल है। यही कारण है कि यहां दूर-दराज से इलाज के लिए मरीज पहुंचते हैं। एक ऐसा ही दुर्घटना में घायल होकर एक युवक को एमवायएच के सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया था। युवक को गत रात अचानक वार्ड के डॉक्टर ने कहा कि तुम ठीक हो गए हो और यहां से डिस्चार्ज किया जा रहा है। सुबह ओपीडी में जाकर हड्डी विभाग में दिखा लेना।

परिजनों के मुताबिक गुरुवार को सुबह जब युवक को परिजन हड्डी विभाग में इलाज के लिए लेकर गए, तो यहां के डॉक्टर्स ने इलाज करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि अभी तो सर्जरी विभाग में ही घायल का इलाज होना है। वहां का इलाज पूरा होने के बाद फिर यहां आना। परिजन जब युवक को दोबारा सर्जरी विभाग में इलाज के लिए लेकर पहुंचे, तो यहां के डॉक्टर ने दोबारा घायल को भर्ती करने से मना कर दिया।

नहीं भर्ती किया, तो फुटपाथ पर डाला डेरा :

सुनील पिता मोहनलाल (23 वर्ष) निवासी रतलाम 26 अक्टूबर को दुर्घटना में घायल हो गया था। पैर में फ्रेक्चर, सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई थी। इसे इसी दिन एमवायएच में रैफर कर दिया था, जहां आईसीयू में इसे भर्ती कर बाद में सर्जरी विभाग के वार्ड में शिफ्ट कर दिया था। सुनील के साले कारू ने बताया कि बुधवार रात को अचानक हमें बताया कि तुम्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है, सुबह हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में जाकर दिखा देना। हम खुश हो गए, रातभर सुनील वार्ड में रहा, लेकिन सुबह 9 बजे उसे वार्ड से बाहर कर दिया। हम उसे लेकर अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विभाग में पहुंचे। यहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद बताया कि अभी तो इसका इलाज सर्जरी विभाग में चलेगा, क्योंकि इलाज पूरा नहीं हुआ है। जब इलाज पूरा होगा, तब इसका यहां इलाज होगा। आप दोबारा इसे सर्जरी विभाग में ले जाकर भर्ती करो। हम दोबारा सर्जरी विभाग में सुनील को लेकर पहुंचे, तो उसे वार्ड में भर्ती करने से साफ मना कर दिया। हम परेशान हो गए और मजबूरी में अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर ही डेरा डाल दिया।

जब तक इलाज चलेगा, तब तक रहेगा भर्ती :

इस संबंध में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद घनघोरिया से चर्चा की गई, तो उनका कहना था कि सुनील को शाम को वापस विभाग में भर्ती कर लिया गया है। संबंधित डॉक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक उसका इलाज चलेगा, तब तक वार्ड में भर्ती रखा जाएगा।

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